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पाकिस्तान की चीनी मिसाइल PL-15 कितनी घातक है? एक्सपर्ट ने बताया सच

चीन के मामलों के जानकार और जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी के ईस्ट एशियन स्टडीज सेंटर में प्रोफेसर श्रीकांत कुंडापल्ली ने लल्लनटॉप से बात की. उन्होंने बताया कि चीन की PL-15 मिसाइल जिस टेक्नोलॉजी पर आधारित उसके तार इजरायल से जुड़े हैं.

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JF-17 और PL-15 के बारे में एक्सपर्ट ने क्या बताया?(तस्वीर-X/Army Recognition)
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सचेंद्र प्रताप सिंह
9 मई 2025 (अपडेटेड: 10 मई 2025, 04:24 PM IST)
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भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है. पाकिस्तान लगातार ड्रोन हमले करके भारत को उकसा रहा है. जिसका भारत की तरफ से भी मुंहतोड़ जवाब दिया जा रहा है. पाकिस्तान भारत के खिलाफ F-16, JF-17 फाइटर प्लेन उपयोग कर रहा है. रिपोर्ट्स बताती हैं कि पाकिस्तान ने भारत के खिलाफ चीन में बनी मिसाइल PL-15 का भी इस्तेमाल किया है. दी लल्लनटॉप ने समझने की कोशिश की आखिर ये मिसाइल कितनी घातक है.

चीन के मामलों के जानकार और जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी के ईस्ट एशियन स्टडीज सेंटर में प्रोफेसर श्रीकांत कोंडापल्ली ने लल्लनटॉप से बात की. उन्होंने बताया कि चीन की PL-15 मिसाइल जिस टेक्नोलॉजी पर आधारित उसके तार इजरायल से जुड़े हैं.

प्रोफेसर श्रीकांत कोंडापल्ली से सवाल किया गया, “आपने JF-17 का जिक्र किया है. पाकिस्तानी वायु सेना (PAF) लंबे समय तक अमेरिकी लड़ाकू विमान F-16 Fighting Falcon पर निर्भर रही है. यह एक चौथी पीढ़ी का मल्टीरोल फाइटर जेट है. कहा जा रहा है कि उसके बाद अब वो JF-17 पर निर्भर है. जो चीन ने उन्हें मुहैया कराया है. इसके जरिए चीन लड़ाकू विमानों की दुनिया में ब्रिटेन, रूस, फ्रांस और अमेरिका से मुकाबला करना चाहता है. JF-17 और PL-15 इनके बारे में हमारे पास क्या जानकारी है?”

इसका जवाब देते हुए JNU प्रोफेसर ने कहा,

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बैलेस्टिक मिसाइल और क्रूज मिसाइल में अंतर

प्रो. श्रीकांत कोंडापल्ली ने बताया,

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उन्होंने आगे उदाहरण देते हुए कहा कि ब्रह्मोस एक क्रूज मिसाइल है. एक बार टारगेट सेट हो गया. तो यह सीधे जाकर टारगेट को मारती है. इसे रोकना बेहद मुश्किल होता है. इसमें फ्लेयर (भ्रम पैदा करने वाले उपकरण) का इस्तेमाल कर सकते हैं. ध्यान भटका सकते हैं, लेकिन फिर भी इसे रोकना आसान नहीं है. प्रो. श्रीकांत कोंडापल्ली ने कहा कि इसलिए इसे ‘नॉन-इंटरफेरेंस’ कैटेगरी में रखा जाता है.

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