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'सोनिया मुझे CM बनाने वाली थीं, पर राहुल ने रोक दिया', हिमंता का दावा

Himanta Biswa Sarma ने दावा किया कि 2011 के विधानसभा चुनावों के बाद जब असम कांग्रेस में असंतोष था, तब अधिकतर विधायकों ने मुख्यमंत्री तरुण गोगोई की जगह उनका समर्थन किया था.

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18 फ़रवरी 2026 (पब्लिश्ड: 10:41 AM IST)
himanta biswa sarma claimed sonia gandhi backed him for cm but rahul gandhi intervened with phone call
असम के सीएम हिमंता बिस्व सरमा ने बड़ा दावा किया है. (PHOTO- India Today, BJP)
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असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने दावा किया है कि राहुल गांधी ने 2014 में उन्हें सीएम नहीं बनने दिया था. हिमंता ने दावा किया है कि 2014 में उन्हें पर्याप्त विधायकों का समर्थन था. तत्कालीन कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी भी उन्हें मुख्यमंत्री बनने के लिए तैयार थीं, लेकिन राहुल ने फोन करके ऐन वक्त पर ऐसा करने से रोक दिया. हिमंता के मुताबिक राहुल गांधी के फोन कॉल की वजह से वो सीएम नहीं बन पाए.

हिमंता हाल ही में असम विधानसभा में हुई एक कैबिनेट मीटिंग के बाद पत्रकारों से बात कर रहे थे. इसी दौरान उन्होंने 2011 के असम विधानसभा चुनाव का जिक्र किया. उन्होंने दावा किया कि 2011 के विधानसभा चुनावों के बाद असम कांग्रेस में असंतोष था. तब अधिकतर विधायकों ने मुख्यमंत्री तरुण गोगोई की जगह उनका समर्थन किया था. हिमंता के मुताबिक नंबर का गणित पूरी तरह से उनके पक्ष में था. वो कहते हैं,

मैडम (सोनिया गांधी), जिन्हें मैं अब भी यही कहता हूं, ने मुझसे तारीख तय करने को कहा था, और मैंने उनसे कहा था कि मैं जून 2014 में कामाख्या मंदिर में अंबुबाची मेले के अगले दिन शपथ लूंगा.

हिमंता दावा करते हैं कि ऐन वक्त पर चीजें नाटकीय रूप से बदल गईं. और इसकी वजह और कोई नहीं, बल्कि राहुल गांधी थे. उनके मुताबिक राहुल गांधी उस समय अमेरिका में थे. सरमा ने कहा कि राहुल गांधी के फोन कॉल के बाद स्थिति बदल गई. हालांकि हिमंता ने यह नहीं बताया कि उस फोन कॉल में और क्या बातचीत हुई थी. 

58 विधायकों के समर्थन का दावा

इंडिया टुडे के मुताबिक हिमंता बिस्वा सरमा ने दावा किया कि उस समय सीनियर कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खरगे पार्टी हाईकमान की तरफ से स्थिति की देखरेख के लिए असम आए थे. हिमंता ने कहा कि तब खरगे के सामने 58 विधायकों ने उनका समर्थन किया था. यह भी कहा कि कुछ विधायक तटस्थ थे यानी उन्होंने किसी का समर्थन नहीं किया था. वहीं 12 विधायक तरुण गोगोई के साथ थे. हिमंता इस पर दुख भी जाहिर करते हैं और कहते हैं कि उन्हें न्याय नहीं मिला. उन्होंने कहा, 

खरगे हमेशा पार्टी में मेरे विरोधियों से कहते थे कि तुम हिमंता से लड़ो, लेकिन उसके पास MLA हैं. मुझे तब दुख हुआ था, लेकिन अब मेरा मानना ​​है कि किसी की जिंदगी में जो कुछ भी होता है, वह अच्छे के लिए होता है और भगवान ने मुझे उससे कहीं ज्यादा दिया है, जितना मुझे कांग्रेस में रहने पर मिलता.

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इसके बाद 2015 में हिमंता BJP में शामिल हुए और 2021 में मुख्यमंत्री बन गए. वो कहते हैं कि BJP के CM के तौर पर, मुझे पूरे दिल से असम और सनातन धर्म दोनों की सेवा करने का मौका मिला, जो कांग्रेस में रहने पर मुमकिन नहीं होता. मैं इसके लिए राहुल गांधी को धन्यवाद देता हूं. हिमंता ने यह भी कहा कि कहानी में और भी कुछ है और अगर वो कभी किताब लिखेंगे तो इसके बारे में डिटेल में बताएंगे.

वीडियो: सीएम हिमंता बिस्वा सरमा ने मुस्लिम प्रवासियों, राहुल गांधी और कांग्रेस की राजनीति पर क्या बोल गए?

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