UK जाने की चाहत में फर्जी निकाह, 3.5 लाख में तय हुआ सौदा, पुलिस केस में फंसी गुजराती फैमिली
पुलिस ने मामले की जांच शुरू की तो पूरा खेल खुल गया. पता चला कि शादी फर्जी थी, निकाहनामा जाली था. तभी तसलीमाबानू के भाई फैजल ने कांथरिया के वकील साजिद कोठिया से संपर्क कर भरूच कोर्ट का फर्जी तलाक डिक्री तैयार करवाया, ताकि UK में दिखा सकें कि 'शादी' टूट चुकी है.

गुजरात के एक परिवार ने महिला को ब्रिटेन (UK) में एंट्री दिलाने के लिए फर्जी शादी का पूरा नाटक रचा डाला. जब बात पैसे की आई तो मामला पुलिस तक पहुंच गया. ये पूरा ड्रामा इतना उलझा कि अब तीनों मुख्य आरोपी UK में हैं और डिपोर्ट होने की कगार पर खड़े हैं.
गुजरात के भरूच जिले के वलन गांव का रहने वाला रिजवान मेडा UK में बसा हुआ था. फरवरी 2024 में उसने एक बड़ा प्लान बनाया. इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक जंबूसर की रहने वाली तसलीमाबानू करभारी को UK ले जाने के लिए उसने फर्जी शादी का पूरा नाटक रचा. तसलीमाबानू के भाई रिजवान करभारी (जो खुद UK में रहते हैं) और उनके भाई फैजल ने इस साजिश में पूरा साथ दिया. एजेंट शोएब दाऊद इख्खारिया ने भी मदद की.
सौदा साफ था. रिजवान मेडा तसलीमाबानू से निकाह का फर्जी नत्थी (निकाहनामा) तैयार करवाएगा, जिससे तसलीमाबानू डिपेंडेंट वीजा पर UK पहुंच सके. बदले में तसलीमाबानू के परिवार ने उसे 3.5 लाख रुपये देने का वादा किया. साथ ही बाद में फर्जी तलाक के कागज बनवाकर मेडा को अपनी असली पत्नी को लाने का रास्ता भी साफ करना था.
सब कुछ प्लान के मुताबिक चला. फर्जी डॉक्यूमेंट्स के सहारे तसलीमाबानू UK पहुंच गई और वहां फैजल की मदद से रहने लगी. लेकिन यहां असली ड्रामा शुरू हुआ. जैसे ही तसलीमाबानू सेटल हो गई, परिवार ने वादे के 3.5 लाख रुपये देने में आनाकानी शुरू कर दी. रिजवान मेडा को गुस्सा आया. वो पैसे के लिए तरस रहा था. आखिरकार उसने अक्टूबर 2025 में अपने दोस्त मिनहाज याकूब के जरिए पावर ऑफ अटॉर्नी देकर भरूच पुलिस में शिकायत दर्ज करा. शुरू में ये सिर्फ पैसे के विवाद की शिकायत लग रही थी.
पालेज पुलिस स्टेशन के इंस्पेक्टर आनंद चौधरी ने जांच शुरू की तो पूरा खेल खुल गया. पता चला कि शादी फर्जी थी, निकाहनामा जाली था. तभी तसलीमाबानू के भाई फैजल ने कांथरिया के वकील साजिद कोठिया से संपर्क कर भरूच कोर्ट का फर्जी तलाक डिक्री तैयार करवाया, ताकि UK में दिखा सकें कि 'शादी' टूट चुकी है.
जांच में सबूत मिलते ही पुलिस ने बड़ा एक्शन लिया. रिजवान मेडा, तसलीमाबानू करभारी, उसके भाई रिजवान करभारी और वकील साजिद कोठिया पर IPC की धारा 467, 468, 471, 120B, 177 और 114 के तहत केस दर्ज किया गया. जालसाजी, धोखाधड़ी के लिए फर्जीवाड़ा, आपराधिक साजिश और झूठी जानकारी देने के आरोप लगे. वकील साजिद कोठिया गिरफ्तारी के डर से कनाडा भाग गया. बाकी तीनों अभी भी UK में हैं.
इंस्पेक्टर चौधरी ने मामले को लेकर कहा,
"ब्रिटिश सरकार को इस क्रिमिनल केस की जानकारी मिलते ही डिपोर्टेशन की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी. हमारे पास पर्याप्त सबूत हैं. भारत आने पर हम इन्हें तुरंत गिरफ्तार कर लिया जाएगा."
इस मामले में पुलिस आगे की पड़ताल कर रही है. अब तीनों आरोपियों का UK में रहना मुश्किल हो चुका है. और जो सपना विदेश बसने का था, वो अब कानूनी जाल में फंसकर खत्म होने की कगार पर है.
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