The Lallantop
Advertisement
  • Home
  • India
  • Govind Gaude claim after ouster from Goa Cabinet CM Pramod Sawant JP Nadda pressure

CM प्रमोद सावंत को घेरने वाले गोविंद गौड़े का दावा, 'जेपी नड्डा के दबाव में...'

Govind Gaude On Pramod Sawant JP Nadda: आदिवासी नेता गोविंद गौड़े को 18 जून को मंत्रिमंडल से बर्खास्त कर दिया गया था. अब गोविंद ने सीएम प्रमोद सावंत के इस फैसले के पीछे दबाव होने की बात कही है.

Advertisement
Govind Gaude On Pramod Sawant JP Nadda
गोवा कैबिनेट से बाहर किए जाने के बाद गोविंद गौड़े ने बड़ा दावा किया है. (फ़ोटो- Facebook/Govind Gaude)
pic
हरीश
23 जून 2025 (पब्लिश्ड: 12:28 PM IST)
font-size
Small
Medium
Large
font-size
Small
Medium
Large
whatsapp share

मंत्रिमंडल से हटाए जाने के कुछ दिनों बाद, गोवा के पूर्व कला एवं संस्कृति मंत्री गोविंद गौड़े (Govind Gaude) ने BJP आलाकमान पर बड़ा आरोप लगाया है. उन्होंने दावा किया है कि BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा (JP Nadda) के दबाव में उन्हें हटाने का फ़ैसला लिया गया. और ये बात उन्हें ख़ुद गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत (Pramod Sawant) ने बताई है.

रविवार, 22 जून को गोवा के मार्सेल शहर में प्रियोल प्रगति मंच के बैनर तले एक कार्यक्रम आयोजित किया गया था. गोविंद गौडे यहीं पहुंचे हुए थे. इंडियन एक्सप्रेस की ख़बर के मुताबिक़, मंत्रिमंडल से निकाले जाने के बाद वो पहली बार सार्वजनिक रूप से सामने आए थे. इस दौरान उन्होंने पूछा, ‘क्या ये ग़लत है कि कोई मंत्री किसी विभाग से जवाबदेही मांगता है.’ उन्होंने आगे कहा,

Embed

आदिवासी नेता गोविंद गौड़े को 18 जून को मंत्रिमंडल से बर्खास्त कर दिया गया था. उससे क़रीब तीन हफ़्ते पहले उन्होंने आदिवासी कल्याण विभाग में भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे. ये विभाग मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत के पास है.

विवाद कैसे शुरू हुआ?

विवाद तब शुरू हुआ, जब 25 मई को प्रेरणा दिवस के मौक़े पर गौड़े ने आदिवासी कल्याण मंत्रालय के कामकाज पर कटाक्ष किया. उस दिन अपने भाषण में गौड़े ने कहा था,

Embed

ये भी पढ़ें- स्वास्थ्य मंत्री, डॉक्टर और सस्पेंशन...गोवा के विवाद की पूरी कहानी

बयान के सामने आते ही गौड़े अपनी पार्टी के भीतर ही घिर गए. प्रदेश अध्यक्ष दामू नाईक और सीएम प्रमोद सावंत ने उनको कार्रवाई की चेतावनी भी दी थी. बाद में उनकी मंत्रिमंडल से बर्खास्तगी की ख़बर आई. हालांकि, 22 जून को कार्यक्रम में बोलते हुए, गोविंद गौडे ने कहा कि वो भाजपा नहीं छोड़ेंगे और आदिवासी समुदाय के अधिकारों के लिए लड़ते रहेंगे. उन्होंने ये भी कहा,

Embed

बता दें, गोविंद गौडे प्रियोल निर्वाचन क्षेत्र के विधायक हैं. उन्होंने ये भी दावा किया कि 2022 में भाजपा में शामिल होने के बाद से पिछले साढ़े तीन साल में, उन्हें दिल्ली में पार्टी आलाकमान से मिलने की अनुमति नहीं दी गई.

वीडियो: तारीख: समंदर वाले शहर 'गोवा' में धर्म परिवर्तन की कहानी, यहूदियों के साथ क्या सलूक हुआ?

Advertisement

Advertisement

()