The Lallantop
Advertisement
  • Home
  • India
  • gorakhpur eye camp people with cataract operation lost their eyes

गोरखपुर के मेडिकल कैंप में ऑपरेशन के बाद हुआ इंफेक्शन, अब 9 मरीजों की आंखें निकालनी पड़ीं

गोरखपुर के एक प्राइवेट अस्पताल में मोतियाबिंद का ऑपरेशन कराने के बाद कई लोगों को नया इंफेक्शन हो गया. अब इनमें से कई लोग अपना शहर छोड़, दिल्ली, लखनऊ और वाराणसी के अस्पतालों में इलाज करा रहे हैं. इनमें से 9 लोगों की आंखों में इंफेक्शन इतना बढ़ गया कि उनकी आंखें निकालनी पड़ीं. सरकार ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है.

Advertisement
pic
pic
विकास वर्मा
| मानस राज
19 फ़रवरी 2026 (अपडेटेड: 19 फ़रवरी 2026, 04:48 PM IST)
gorakhpur eye camp people with cataract operation lost their eyes
राजेश हॉस्पिटल जहां मरीजों का ऑपरेशन हुआ था (PHOTO-India Today)
Quick AI Highlights
Click here to view more

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर के एक प्राइवेट अस्पताल - न्यू राजेश हाइटेक हॉस्पिटल - ने एक मेडिकल कैंप लगवाया. यहां मोतियाबिंद का ऑपरेशन कराने के बाद कई लोगों को नया इंफेक्शन हो गया. अब इनमें से कई लोग अपना शहर छोड़, दिल्ली, लखनऊ और वाराणसी के अस्पतालों में इलाज करा रहे हैं. इनमें से 9 लोगों की आंखों में इंफेक्शन इतना बढ़ गया कि उनकी आंखें निकालनी पड़ीं. अब सवाल था इस पूरे प्रकरण का जिम्मेदार कौन है? वो हॉस्पिटल जिसने आई कैंप अयोजित किया था या वो डॉक्टर जिन्होंने मोतियाबिंद का ऑपरेशन किया.

क्या है पूरा मामला?

आजतक से जुड़े पत्रकार गजेंद्र त्रिपाठी की रिपोर्ट के मुताबिक 1 फरवरी को आयोज‍ित आई कैंप में 30 लोगों का मोतियाबिंद का ऑपरेशन हुआ. लेकिन 24 घंटे बाद ही लगभग सभी की हालत बिगड़ने लगी. 18 लोगों की आंखों में इंफेक्शन हो गया. उन्हें गोरखपुर से बाहर दिल्ली, लखनऊ और वाराणसी के सुपर स्पेशलिटी अस्पतालों में रेफर किया गया. जिनकी आंखों में इंफेक्शन उनके परिजनों ने सब बताया है. दीपू बताते हैं कि बड़ी मम्मी का इलाज कराने के लिए हॉस्पिटल ले गए थे जिसके बाद इंफेक्शन हो गया और अब दिल्ली AIIMS में इलाज चल रहा. वो कहते हैं,

मेरी बड़ी मम्मी आंखों का ऑपरेशन करवाने के बाद शाम को घर आईं. रात को उनकी आखों में काफी तेज दर्द उठा. हम लोग उन्हें वहां लेकर गए तो कोई डॉक्टर नहीं था. एक कंपाउंडर था जिसने एक इंजेक्शन दिया जिससे कुछ आराम मिला. फिर अगले दिन डॉक्टर आए और कहा कि इनको दिल्ली ले जाओ. फिर दिल्ली एम्स में उनका इलाज हुआ जहां उनकी आंखें निकालनी पड़ीं.

एक दूसरे शख्स जो अपनी भाभी का ऑपरेशन कराने गए थे, उनको भी इंफेक्शन हुआ और अब दिल्ली AIIMS में उनका इलाज चल रहा है. वो कहते हैं,

ऑपरेशन के बाद आंख से पानी आना बंद नहीं हो रहा था. डॉक्टर के पास गोरखपुर ले गए तो कहा कि ये यहां के बस की बात नहीं है. उन्हें दिल्ली एम्स रेफर किया गया जहां डॉक्टर ने कहा कि उनकी आंख निकालनी होगी, तभी उनकी जान बच सकती है. लिहाजा उनकी आंखें निकालनी पड़ी हैं.

स्वास्थ्य विभाग जागा

खबर बाहर आई तो स्वास्थ्य विभाग ने संज्ञान लिया. एक टीम जांच के लिए गोरखपुर पहुंची. स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट में इंफेक्शन की बात सामने आई. जिन डॉक्टरों ने मोतियाबिंद का ऑपरेशन किया था उनके खिलाफ मजिस्ट्रियल इनक्वायरी सेटअप हुई है. जिन लोगों का ऑपरेशन हुआ है और जिन डॉक्टरों ने ऑपरेशन किया है, उन सभी के बयान दर्ज किए जा रहे हैं. इस मामले पर गोरखपुर के CMO डॉ. राजेश झा ने बताया क‍ि मामले की जांच की जा रही है-

हमें 4 तारीख को पता चला कि 1 को करीब 30 ऑपरेशन किए गए. इन लोगों को इन्फेक्शन हो गया है. इसके आधार पर जिला स्तर की एक कमेटी बनाई गई. हमने उसी दिन से इस पर काम शुरू कर दिया था, लेकिन दुर्भाग्य से कई लोगों की आंखें चली गईं. कुछ लोगों को बाहर रेफर किया गया है. हमने उनके ऑपरेशन थिएटर का माइक्रोबायोलॉजिकल टेस्ट करवाया है. इसके अलावा मजिस्ट्रेट लेवल की जांच भी हो रही है. जैसी जांच रिपोर्ट आएगी, उस आधार पर कार्रवाई की जाएगी.

वहीं गोरखपुर के डीएम दीपक मीणा ने तत्काल प्रभाव से हॉस्पिटल को बंद करवा दिया है. एक दो दिन में इंक्वायरी रिपोर्ट आ जाएगी. उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी. इस मामले पर समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने एक्स पर लिखा-

गोरखपुर में लोगों की आंखों की रोशनी छिन रही है, और कोई चैन से बैठकर गाल बजा रहा है. मुख्यमंत्री जी जब गोरखपुर आते हैं तो क्या और कोई भी देखभाल या हिसाब-किताब करते हैं या फिर केवल जोड़-गांठ के चले जाते हैं. इस बार जनता इन्हें गोरखपुर भी हराएगा और बताएगा कि चिराग़ तले अंधेरा कैसे होता है.

फिलहाल इस मामले में जांच जारी है. अधिकारियों का कहना है कि किसी को बख्शा नहीं जाएगा.

वीडियो: कानपुर में 100 बेड का सरकारी अस्पताल बनकर तैयार है, इलाज कब शुरू होगा?

Advertisement

Advertisement

()