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MBBS की पढ़ाई 20 साल से कर रहे छात्र, कोर्ट के आदेश पर आया रिजल्ट, फिर दो विषय में फेल

ये मामला Gorakhpur के BRD Medical College का है. तीन छात्रों ने MBBS की पढ़ाई करने के लिए इस कॉलेज में दाखिला लिया था. लेकिन वे हर साल एग्जाम देते और हर साल फेल हो जाते.

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27 मार्च 2026 (पब्लिश्ड: 11:21 AM IST)
Gorakhpur BRD Medical College
यह मामला गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज का है. (फाइल फोटो: इंडिया टुडे)
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यूपी के गोरखपुर में एक मेडिकल कॉलेज है. तीन छात्र करीब दो दशकों से यहां MBBS की पढ़ाई कर रहे हैं. एक छात्र 1998 बैच का है, जबकि दो छात्र ऐसे हैं, जो 2009 और 2010 बैच के हैं. इन छात्रों ने इस मेडिकल कॉलेज में MBBS की पढ़ाई करने के लिए दाखिला लिया था. लेकिन वे हर साल एग्जाम देते और हर साल फेल हो जाते. यूनिवर्सिटी ने अब रिजल्ट जारी करना ही बंद कर दिया है. 

मामला गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज का है. आजतक से जुड़े रवि गुप्ता की रिपोर्ट के मुताबिक, इस कॉलेज में तीन ऐसे छात्र हैं, जो बीते दो दशकों से MBBS की पढ़ाई पूरी नहीं कर सके हैं. तीनों छात्र अभी तक अपने फाइनल ईयर के रिजल्ट का इंतजार कर रहे हैं. 

राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) के नियमों के मुताबिक, MBBS का फर्स्ट ईयर, चार साल में और पूरा कोर्स नौ साल में पूरा करना जरूरी है. अगर कोई छात्र इन दस सालों में MBBS की पढ़ाई पूरी नहीं करता है, तो उसका रजिस्ट्रेशन कैंसिल हो जाता है. बीआरडी मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. रामकुमार जायसवाल ने बताया कि यह मामला 2020 से पहले का है, जब भारतीय चिकित्सा परिषद (MCI) के नियम लागू थे. इसी वजह से अब तक कोई फैसला नहीं लिया जा सका और छात्रों का रिजल्ट जारी करना ही बंद कर दिया गया.

रिपोर्ट के मुताबिक, इनमें से एक छात्र ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया. कोर्ट के दखल के बाद छात्र का रिजल्ट जारी हुआ और वह दो सब्जेक्ट में फिर फेल हो गया. अब उसे सप्लीमेंट्री पेपर देने का मौका दिया जाएगा. इसी तरह दो ऐसे छात्र हैं, जिनके रिजल्ट यूनिवर्सिटी ने नहीं जारी किए. कॉलेज प्रशासन, यूनिवर्सिटी से बातचीत कर इन छात्रों के भी रिजल्ट जारी करने की अपील कर रहा है. दोनों छात्र अगर पास हुए तो ठीक, नहीं तो उन्हें भी सप्लीमेंट्री पेपर देने का दोबारा मौका दिया जाएगा.

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बीआरडी (BRD) मेडिकल कॉलेज का पूरा नाम बाबा राघव दास मेडिकल कॉलेज है. वर्तमान में यह कॉलेज अटल बिहारी वाजपेयी चिकित्सा विश्वविद्यालय (ABVMU), लखनऊ से एफिलिएटेड है. इससे पहले यह दीन दयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय से एफिलिएटेड था.

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