टैरिफ पर तकनीकी मुद्दे अभी बने हुए हैं, अमेरिकी एंबेसडर सर्जियो गोर ने सच्चाई खोल दी
India US tariff: टैरिफ का नया रेट तुरंत लागू होगी या नहीं, इस सवाल पर गोर ने कहा कि फैसला हो चुका है, बस कागजी काम बाकी है.

भारतीय सामानों पर लगने वाला रेसिप्रोकल टैरिफ कम हो गया है. पीएम नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के बीच बात के बाद इस पर सहमति बनी. सोमवार, 2 फरवरी की रात इसका ऐलान हुआ. भारत पर अमेरिकी टैरिफ 50 फीसदी से घटकर 18 फीसदी तो हो जाएगा, लेकिन तकनीकी मुद्दे अभी भी बने हुए हैं. ये बात कही है भारत में अमेरिकी एंबेसडर सर्जियो गोर ने.
अमेरिकी एंबेसडर सर्जियो गोर ने इंडिया टुडे टीवी से कहा कि ये डील दोनों नेताओं के बीच हुई फोन कॉल के बाद हुई. उन्होंने कहा,
उन्होंने बताया कि इसी वजह से ये डील इतनी जल्दी हो गई. जब गोर से ये सवाल पूछा गया कि इस डील में इतना समय क्यों लगा, तो उन्होंने कहा,
उन्होंने इसे समझाने के लिए यूरोपियन यूनियन (EU) के साथ बातचीत का उदाहरण दिया, जिसमें लगभग 20 साल लग गए.
टैरिफ का नया रेट तुरंत लागू होगी या नहीं, इस सवाल पर गोर ने कहा कि फैसला हो चुका है, बस कागजी काम बाकी है. उन्होंने कहा,
मजाकिया अंदाज में एंबेसडर ने इस डील का श्रेय खुद लेने से इनकार किया. गोर ने कहा,
रूस से तेल के मुद्दे पर क्या कहा?रूस से तेल खरीद को लेकर भारत पर लगाए गए एक्स्ट्रा टैरिफ के मुद्दे पर गोर ने कहा,
उन्होंने इस बात से इनकार किया कि ये कदम भारत को निशाना बनाकर उठाए गए हैं. गोर ने कहा,
उन्होंने इसे यूक्रेन युद्ध खत्म करने की बड़ी कोशिश का हिस्सा बताया. गोर ने कहा,
गोर ने ये भी बताया कि प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति ट्रंप को दोबारा भारत आने का न्योता दिया है. गोर ने कहा,
एंबेसडर ने रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के संकेत दिए, जिसमें Quad समूह भी शामिल है. गोर ने कहा कि Quad कभी खत्म नहीं हुआ. उन्होंने बताया कि विदेश मंत्री पद संभालने के बाद मार्को रूबियो के पहले फैसलों में से एक Quad बैठक करना था.
वीडियो: पीएम मोदी और ट्रंप के बीच फ़ोन कॉल, ट्रंप ने भारत पर लगे टैरिफ कम कर दिए?

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