डल्लेवाल की बिगड़ती तबीयत के बीच समर्थन में 111 किसानों ने शुरू किया आमरण अनशन
अनशन को लेकर हरियाणा पुलिस और किसानों के बीच सहमति बनी है. किसानों की मुख्य मांग है कि उनकी फसलों के लिए MSP की कानूनी गारंटी दी जाए.

किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल के साथ एकजुटता दिखाते हुए 111 किसानों के एक समूह ने हरियाणा-पंजाब बार्डर पर आमरण अनशन शुरू कर दिया है. डल्लेवाल पिछले 51 दिनों से आमरण अनशन पर बैठे हैं. अब नए अनशन को लेकर हरियाणा पुलिस और किसानों के बीच सहमति बनी है. किसानों की मुख्य मांग है कि उनकी फसलों के लिए MSP की कानूनी गारंटी दी जाए.
इलाके में BNSS की धारा 163 लागूहरियाणा और पंजाब के बार्डर पर पड़ता है खनौरी. यहां किसान नेता सुखजीत सिंह हरदोझंडे के नेतृत्व में 111 किसानों ने आमरण अनशन शुरू किया है. अनशन शुरू होने से पहले DSP अमित कुमार भाटिया की किसानों के पदाधिकारियों से बातचीत हुई. दोनों पक्षों में सहमति बनी है कि किसान शांतिपूर्ण ढंग से आमरण अनशन कर सकते हैं.
हरियाणा पुलिस द्वारा लगाई गई रस्सी के आगे किसान नहीं बढ़ेंगे. अधिकारियों से बातचीत के बाद किसानों ने तय स्थान से 150 मीटर की दूरी पर अपना प्रदर्शन शुरू कर दिया है.
‘द ट्रिब्यून’ की रिपोर्ट के मुताबिक, किसान नेता काल्का सिंह कोटरा ने कहा कि प्रदर्शन पंजाब में नहीं हरियाणा में शुरू हुआ है. इलाका जींद जिले में पड़ता है. वहीं टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, प्रशासन ने 3 जनवरी से खनौरी सीमा क्षेत्र में BNSS की धारा 163 लागू की है. इसके तहत धरना-प्रदर्शन और पांच या उससे अधिक लोगों के एकत्रित होने पर प्रतिबंध है.
पुलिस उपाधीक्षक (DSP) अमित भाटिया ने कहा कि किसान नेताओं के साथ बातचीत में इलाके में BNSS की धारा 163 लगे होने का जिक्र किया गया था. उन्होंने कहा,
किसान नेता काल्का सिंह ने भी इस बात की तस्दीक की है. उन्होंने बताया कि किसानों के लिए टेंट और कंबल का इंतजाम किया गया है. उन्होंने कहा,
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डल्लेवाल की तबीयत बिगड़ीकिसान नेता डल्लेवाल 26 नवंबर से खनौरी बार्डर पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे हैं. आजतक की रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने किसी भी तरह की चिकित्सा सहायता लेने से इनकार कर दिया है. इस कारण उनकी तबीयत और बिगड़ गई है.
पंजाब के कैबिनेट मंत्री गुरमीत सिंह ने केंद्र सरकार से गतिरोध को खत्म करने के लिए जल्द से जल्द किसानों से बात करने का आग्रह किया था. उधर केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि सरकार सुप्रीम कोर्ट के निर्दशों पर काम करेगी.
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