RBI के पूर्व गवर्नर उर्जित पटेल बने IMF के कार्यकारी निदेशक, 3 साल तक संभालेंगे बड़ी जिम्मेदारी
Urjit Patel को 2016 में रघुराम राजन की जगह RBI का 24वां गवर्नर बनाया गया था. लेकिन दो साल में ही उन्होंने निजी कारणों का हवाला देते हुए इस्तीफा दे दिया था. उनके कार्यकाल के दौरान सरकार और उनके बीच मतभेद भी सामने आए थे.

RBI के पूर्व गवर्नर डॉ. उर्जित पटेल (Urjit Patel) को अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) का कार्यकारी निदेशक बनाया गया है. भारत सरकार ने इसके लिए मंजूरी दे दी है. उन्होंने 30 साल पहले अपने करियर की शुरुआत IMF से ही की थी. अब यहां उनका कार्यकाल तीन साल का होगा. पटेल भारत की मौद्रिक नीति (Monetary Policy) के लिए महंगाई को कंट्रोल करने वाले ढांचे में अहम भूमिका निभा चुके हैं. IMF में पटेल भारत और उनके ग्रुप के देशों का प्रतिनिधित्व करेंगे और इन देशों की आर्थिक नीतियों और हितों को बोर्ड में रखेंगे.
इकोनॉमिक्स टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, बीते दिनों भारत सरकार IMF के कार्यकारी निदेशक कृष्णमूर्ति वी सुब्रमण्यम को हटा दिया गया था. उनका कार्यकाल 6 महीने पहले ही खत्म कर दिया गया था. सरकार ने इस बाबत 30 अप्रैल को आदेश जारी किया था. अब इस पद पर सरकार ने उर्जित पटेल के नाम को मंजूरी दी है. उनके लिए यह IMF में वापसी जैसा है क्योंकि 3 दशक पहले उन्होंने IMF में अपने करियर की शुरुआत की थी.
RBI गवर्नर के रूप में विवादास्पद कार्यकालउर्जित पटेल को 2016 में रघुराम राजन की जगह RBI का 24वां गवर्नर बनाया गया था. लेकिन दो साल में ही उन्होंने निजी कारणों का हवाला देते हुए इस्तीफा दे दिया था. यह 1992 के बाद RBI के किसी भी गवर्नर का सबसे छोटा कार्यकाल रहा. उनके कार्यकाल के दौरान सरकार और उनके बीच मतभेद भी सामने आए थे. इस्तीफे से पहले पटेल ने उन्होंने RBI की स्वतंत्रता, रिजर्व ट्रांसफर और बैंकों के विनियमन को लेकर सरकार से नाराजगी जाहिर की थी.
कौन हैं उर्जित पटेल?उर्जित पटेल ने अमेरिका की येल यूनिवर्सिटी से इकोनॉमिक्स में PhD, ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी से M.Phil और यूनिवर्सिटी ऑफ लंदन से B.Sc की डिग्री प्राप्त की है. वे वित्त मंत्रालय के सलाहकार, रिलायंस इंडस्ट्रीज, IDFC, MCX और गुजरात स्टेट पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन जैसी कंपनियों में भी काम कर चुके हैं.
क्यों अहम है यह नियुक्ति?पटेल की IMF में नियुक्ति ऐसे वक्त में हुई है जब भारत अक्सर पाकिस्तान को दिए जाने वाले IMF बेलआउट पैकेजों का विरोध कर रहा है. हाल ही में IMF ने पाकिस्तान को 1 अरब डॉलर की मदद मंजूर की है. इस पर भारत ने चिंता जताई थी कि यह फंड आतंकी कामों में इस्तेमाल हो सकता है. साथ ही उनका अनुभव और अंतरराष्ट्रीय समझ IMF में भारत की भूमिका को और असरदार बना सकता है.
वीडियो: पूर्व RBI गवर्नर उर्जित पटेल को अब सरकार ने कौन-सी नई ज़िम्मेदारी सौंप दी है?