सेक्स वर्कर्स पर लिखने के लिए कब्रिस्तान क्यों जाती थीं मशहूर लेखिका एलिफ शफक?
शरणार्थियों की बात करते हुए एलिफ ने कहा कि, हम अक्सर पढ़ते हैं कि शरणार्थी जो यूरोप पार करने की कोशिश में मारे जाते हैं, उनके शव कहां दफन होते हैं? यही वो कब्रिस्तान है. ये बहुत ही अलौकिक-सी जगह है, जहां एक अफगान शरणार्थी, छोड़े हुए बच्चे के बगल में दफ़न हो सकता है.

एलिफ शफक. तुर्किए मूल की विश्व प्रसिद्ध लेखिका. जो अपनी गहरी कहानियों और सांस्कृतिक संवेदनशीलता के लिए जानी जाती हैं. उनके उपन्यास, जैसे ‘द बास्टर्ड ऑफ इस्तांबुल’ और ‘द फोर्टी रूल्स ऑफ लव’, प्रेम, पहचान और इतिहास को खूबसूरती से उजागर करते हैं. शफक ने हाल में दी लल्लनटॉप के किताबों से जुड़े शो ‘किताबवाला’ में शिरकत की. उन्होंने अपनी किताबों और कहानियों पर कई किस्से साझा किए.
इंटरव्यू के दौरान शफक ने इस्तांबुल के उस कब्रिस्तान का ज़िक्र किया था, जहां उन लोगों को दफनाया जाता है जिनका कोई नहीं होता. दी लल्लनटॉप के संपादक सौरभ द्विवेदी ने उनसे सवाल किया कि ऐसी कहानियां लिखते हुए, इन्हें बुनते हुए, उनकी रिसर्च और तैयारी किस तरह की होती है. इस पर एलिफ ने बताया,
इसके बारे में एलिफ ने आगे बताया,
कब्र के बारे में एलिफ ने बताया,
शरणार्थियों की बात करते हुए एलिफ ने कहा कि, हम अक्सर पढ़ते हैं कि शरणार्थी जो यूरोप पार करने की कोशिश में मारे जाते हैं, उनके शव कहां दफन होते हैं? यही वो कब्रिस्तान है. ये बहुत ही अलौकिक-सी जगह है, जहां एक अफगान शरणार्थी, छोड़े हुए बच्चे की बगल में दफ़न हो सकता है. और वो कब्र एक सेक्स वर्कर के बगल में हो सकती है. उन्होंने बताया,
एलिफ ने बताया कि हमारे पानी वाले परिवार में हमारे दोस्त होते हैं. कभी-कभी पांच या छह इससे ज्यादा नहीं. ये दर्जनों नहीं हो सकते. ये वो लोग हैं जो हमें जानते हैं, हमसे प्यार करते हैं, और हमारे सफ़र के गवाह होते हैं. जब हम गिरते हैं, वो हमें उठाते हैं. और हम भी उनके लिए यही करते हैं. एलिफ ने कहा कि उनका अवलोकन है कि तुर्किए जैसे देशों में बहुत सारे अल्पसंख्यकों को, विशेष रूप से LGBTQ+ समुदाय को, हाशिए पर धकेल दिया गया है. उनके लिए पानी वाले परिवार बहुत अहम होते हैं. और मैं इस बारे में भी बात करना चाहती थी.
वीडियो: किताबवाला: तुर्किए में एर्दोगान की सरकार हिलाने वाली एलिफ शफाक ने कट्टरपंथियों पर क्या बताया?

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