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ED ने मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में गुजरात के पत्रकार महेश लांगा को गिरफ्तार किया

जांच एजेंसी ने कहा है कि महेश लांगा वित्तीय लेन-देन में विभिन्न व्यक्तियों से जबरन वसूली, लगातार हेराफेरी और मीडिया के प्रभाव का गलत इस्तेमाल करते थे.

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25 फ़रवरी 2025 (पब्लिश्ड: 11:34 PM IST)
ED arrests Gujarat based journalist Mahesh Langa in money laundering case
दी हिंदू के संवाददाता महेश लांगा को 25 फरवरी को अहमदाबाद में PMLA कोर्ट के समक्ष पेश किया गया था. - (फोटो- X)
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प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने पत्रकार महेश लांगा को कथित वित्तीय धोखाधड़ी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार कर लिया है. महेश लांगा को 28 फरवरी तक ED की कस्टडी में भेज दिया गया है. गुजरात में दी हिंदू के संवाददाता महेश लांगा को 25 फरवरी को अहमदाबाद में PMLA कोर्ट के समक्ष पेश किया गया था.

लांगा के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप हैं. इसको लेकर अहमदाबाद पुलिस ने दो FIR भी दर्ज की हैं. इनमें धोखाधड़ी, आपराधिक गबन, आपराधिक विश्वासघात, धोखाधड़ी और कुछ लोगों को लाखों रुपये का गलत नुकसान पहुंचाने के आरोप शामिल हैं. 

इंडिया टुडे से जुड़े मुनीश चंद्र पांडे की रिपोर्ट के मुताबिक ED की जांच में पता चला है कि लांगा कई धोखाधड़ी वाले वित्तीय लेन-देन में शामिल थे. जांच एजेंसी ने कहा कि लांगा वित्तीय लेन-देन में विभिन्न व्यक्तियों से जबरन वसूली, लगातार हेराफेरी और मीडिया के प्रभाव का गलत इस्तेमाल करते थे.

कथित GST मामले में भी हुई थी गिरफ्तारी

इससे पहले लांगा को 8 अक्टूबर, 2024 के दिन अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार किया था. महेश लांगा की ये गिरफ्तारी कथित GST (Goods and Service Tax) धोखाधड़ी मामले में हुई थी. आजतक के ब्रिजेश दोशी की रिपोर्ट के लांगा के घर से 20 लाख रुपये, कुछ सोने के गहने और जमीनों के कागजात मिले थे.

डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ GST इंटेलिजेंस (DGGI) की शिकायत के आधार पर क्राइम ब्रांच ने 7 अक्टूबर, 2024 को 14 से ज्यादा जगहों पर छापे मारे थे. ये छापेमारी अहमदाबाद, जूनागढ़, सूरत, खेड़ा और भावनगर में हुई थी. इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक अहमदाबाद क्राइम ब्रांच गुजरात में बड़े पैमाने पर कथित केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर (CGST) धोखाधड़ी की जांच कर रही है.

अधिकारियों के मुताबिक इसमें 220 से अधिक बेनामी कंपनियों का एक नेटवर्क शामिल है. ये नेटवर्क कथित तौर पर फर्जी लेन-देन के जरिए 'इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC)' का फायदा लेकर सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचा रहा है. इनपुट टैक्स क्रेडिट या ITC वो टैक्स है, जिसे कोई बिजनेस अपनी खरीद पर चुकाता है और जिसका इस्तेमाल वो बिक्री करते समय अपना टैक्स कम करने के लिए कर सकता है.

इस मामले में 7 अक्टूबर, 2024 को अहमदाबाद के डिटेक्शन ऑफ क्राइम ब्रांच (DCB) पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज की गई थी. ये FIR DGGI के एक सीनियर इंटेलिजेंसी ऑफिसर ने दर्ज कराई थी. इस मामले में कई व्यक्तियों और कंपनी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है. आरोपी के तौर पर नामजद कुछ संस्थाओं में ‘ध्रुवी एंटरप्राइज’, ‘ओम कंस्ट्रक्शन’, ‘राज इंफ्रा’, ‘हरेश कंस्ट्रक्शन कंपनी’ और ‘डीए एंटरप्राइज’ शामिल हैं.

अहमदाबाद की एक सत्र अदालत ने 11 फरवरी को शहर के सैटेलाइट पुलिस स्टेशन द्वारा 40 लाख रुपये की कथित जबरन वसूली मामले के संबंध में पत्रकार महेश लांगा को अग्रिम जमानत दी थी. हालांकि, लांगा कथित जीएसटी धोखाधड़ी से संबंधित एक मामले में न्यायिक हिरासत में हैं.

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