'ज्यूडिशियरी में नेपोटिज्म है लेकिन... ' अदालतों पर लगने वाले आरोपों पर पूर्व CJI चंद्रचूड़ का जवाब
पूर्व मुख्य न्यायाधीश DY Chandrachud ने ज्यूडिशियरी में नेपोटिज्म के अस्तित्व की बात से इनकार नहीं किया. उन्होंने हर सवाल का विस्तार से जवाब दिया.

भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश (CJI) धनंजय यशवंत चंद्रचूड़ (Ex CJI Chandrachud Interview) ने भारतीय न्यायापालिका पर लगने वाले नेपोटिज्म के आरोपों पर जवाब दिया है. उन्होंने कहा कि नेपोटिज्म का अस्तित्व है लेकिन ये पूरी ज्यूडिशियरी में नहीं फैला है. उनके मुताबिक ये कहना गलत होगा कि सारे जज नेपोटिज्म में डूबे हुए हैं.
पूर्व CJI ‘दी लल्लनटॉप’ के ‘गेस्ट इन द न्यूजरूम’ प्रोग्राम में पहुंचे थे. इस दौरान उनसे ज्यूडिशियरी पर लगने वाले नेपोटिज्म के आरोपों पर सवाल पूछा गया. इसके जवाब में उन्होंने कहा,
उन्होंने रिटायर्ड जजों के आम जीवन का भी जिक्र किया. पूर्व CJI चंद्रचूड़ ने आगे कहा,
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पूर्व CJI से सवाल पूछते वक्त 'अंकल जजों' का भी जिक्र किया गया था. दरअसल, भारतीय विधि आयोग ने अपनी 230वीं रिपोर्ट में उच्च न्यायालयों में 'अंकल जजों' की नियुक्ति के मामले का उल्लेख किया था. इसके तहत न्यायाधीशों की नियुक्ति ऐसे उच्च न्यायालयों में की जाती है, जहां उनके रिश्तेदार या निकट सहयोगी वकील होते हैं. इस पर पूर्व CJI ने कहा,
पूर्व मुख्य न्यायाधीश ने इस इंटरव्यू में राम मंदिर फैसला, जस्टिस वर्मा, PM मोदी और उमर खालिद के मामले पर भी खुलकर बात की है. पूरा वीडियो इस आर्टिकल के नीचे देख सकते हैं.
वीडियो: गेस्ट इन द न्यूजरूम: राम मंदिर फैसला, जस्टिस वर्मा, PM मोदी और उमर खालिद... पूर्व CJI चंद्रचूड़ से सब पर सवाल पूछे गए

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