ट्रंप ने गाजा में कॉन्डम बांटने वाले कार्यक्रम पर लगाई रोक, वाइट हाउस ने कहा- "पैसे की बर्बादी"
वाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने बताया कि इस फंडिंग योजना की जानकारी डॉनल्ड ट्रंप प्रशासन में एलन मस्क के नेतृत्व वाले विभागों को पहले हफ्ते में ही मिली थी. ये विभाग हैं Department of Government Efficiency (DOGE) और Office of Management and Budget (OMB).
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डॉनल्ड ट्रंप के दूसरी बार राष्ट्रपति बनने के बाद से अमेरिका में रोज नए फरमान जारी होने का सिलसिला जारी है. नए वाइट हाउस प्रशासन ने एक और बड़ा फैसला लिया है. उसने पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडन की सरकार के दौरान गाजा पट्टी में चले कॉन्डम वितरण कार्यक्रम के फंड पर रोक लगा दी है. बाइडन प्रशासन ने इस अभियान के लिए कथित तौर पर लगभग 432 करोड़ रुपये निर्धारित किए थे. अब ट्रंप प्रशासन ने इस फंड को फ्रीज करने का फैसला किया है.
वाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने बताया कि इस फंडिंग योजना की जानकारी डॉनल्ड ट्रंप प्रशासन में एलन मस्क के नेतृत्व वाले विभागों को पहले हफ्ते में ही मिली थी. ये विभाग हैं Department of Government Efficiency (DOGE) और Office of Management and Budget (OMB).
इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक कैरोलिन लेविट ने बताया,
"DOGE और OMB ने पाया है कि WHO को 320 करोड़ रुपये दिए जाने थे. और OMB ने ये भी पाया कि गाजा में कॉन्डम के वितरण के लिए टैक्सपेयर्स के लगभग 432 करोड़ रुपये दिए जाने थे. ये टैक्सपेयर्स के पैसे की बर्बादी है."
हालांकि, वाइट हाउस के अधिकारियों ने इस दावे को पुख्ता करने के लिए कोई सबूत नहीं दिया. वहीं बाइडन सरकार के एक पूर्व सीनियर अधिकारी ने इन बातों को एक ‘सपना’ बताकर खारिज कर दिया.
कुछ समय पहले ऐसी खबरें आई थीं कि गाजा में हमास द्वारा कॉन्डम को हथियार के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है. कहा गया कि हमास ने कॉन्डम को ज्वलनशील गैसों से भरे गुब्बारे के रूप में इस्तेमाल किया और उन्हें दक्षिणी इजराइल की ओर छोड़ा था.
वाइट हाउस के अधिकारी की टिप्पणियों के बाद एलन मस्क ने हमास द्वारा ज्वलनशील कॉन्डम के उपयोग के बारे में एक रिपोर्ट साझा की और लिखा,
"ये बताता है कि कॉन्डम के सभी ऑर्डर 'मैग्नम' क्यों थे."
रिपोर्ट के मुताबिक मैग्नम एक ब्रांड है जो अतिरिक्त बड़े आकार के कॉन्डम बेचता है.
हालांकि, बाइडन प्रशासन के एक पूर्व वरिष्ठ अधिकारी ने इस दावे को खारिज कर दिया है. पिछली सरकार में इजरायल-फिलिस्तीनी मामलों के उप सहायक सचिव के रूप में काम करने वाले एंड्रयू मिलर ने इस दावे को अजीब बताया है. रिपोर्ट के मुताबिक मिलर ने कहा कि ये संभव है कि 50 मिलियन डॉलर यौन स्वास्थ्य या इसी तरह के किसी कार्यक्रम के लिए अलग रखे जाएं. जिसमें स्त्री रोग और कई अन्य सेवाएं शामिल हो सकती हैं. लेकिन निश्चित रूप से सिर्फ कॉन्डम के लिए नहीं.
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