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'परिसीमन बिल पास हुआ तो सुप्रीम कोर्ट... ', DMK ने सरकार को आखिर तक चुनौती देने की 'कसम' खाई

केंद्र सरकार ने महिला आरक्षण कानून में संशोधन से जुड़े तीन अहम बिल संसद में पेश किए हैं. इन्हीं बिलों में शामिल है-Delimitation Bill 2026, जिसका दक्षिण के राज्य विरोध कर रहे हैं. अब DMK ने सरकार को बड़ी चेतावनी दी है.

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17 अप्रैल 2026 (पब्लिश्ड: 01:40 PM IST)
Delimitation Bill 2026, DMK
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन. (फाइल फोटो: इंडिया टुडे)
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द्रविड़ मुन्नेत्र कड़गम (DMK) ने कहा है कि अगर संसद में ‘परिसीमन बिल 2026’ (Delimitation Bill 2026) पास हो जाता है तो पार्टी सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाएगी. केंद्र सरकार ने महिला आरक्षण कानून में संशोधन से जुड़े तीन अहम बिल संसद में पेश किए हैं. इन्हीं बिलों में शामिल है- डिलिमिटेशन यानी परिसीमन बिल 2026, जिसका दक्षिण के राज्य विरोध कर रहे हैं. 

बिल पास होने के बाद लोकसभा में सांसदों की संख्या 543 से बढ़कर लगभग 850 हो जाएगी. फिर इन्हीं सांसदों में एक तिहाई सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित हो जाएंगी. विपक्षी दलों का कहना है कि वे महिलाओं के रिजर्वेशन का समर्थन करते हैं लेकिन इसे डिलिमिटेशन से जोड़ने का विरोध करते हैं. दक्षिण भारत की पार्टियां भी ये आरोप लगा रही हैं कि बिल पास होने के बाद उनके राज्य की लोकसभा में हिस्सेदारी घट जाएगी.

इंडिया टुडे से बात करते हुए पार्टी के सीनियर नेता और DMK लीगल विंग के सेक्रेटरी एनआर एलंगोवन ने कहा कि अगर बिल पास होता है तो पार्टी सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाएगी. उन्होंने कहा कि DMK इस संशोधन की संवैधानिक वैधता को चुनौती देगी और उसे पूरा भरोसा है कि उसके पास अपना पक्ष साबित करने के लिए मजबूत आधार हैं.

‘साजिश और काला कानून’ 

इससे पहले, तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने भी ‘परिसीमन बिल 2026’ की कॉपी जलाकर अपना विरोध जताया था. DMK अध्यक्ष और मुख्यमंत्री ने इसे एक ‘साजिश और काला कानून’ बताया. उन्होंने लोगों से 16 अप्रैल को हर घर और सार्वजनिक जगह पर काले झंडे फहराने की अपील की थी.

ये भी पढ़ें: स्टालिन ने जलाई बिल की कॉपी, रेड्डी-सिद्धारमैया ने दी चेतावनी! दक्षिण भारत के राज्य परिसीमन पर क्यों आग बबूला?

तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने स्टालिन से अपील की कि वे दक्षिणी राज्यों को एकजुट कर केंद्र के प्रस्ताव के खिलाफ साझा मोर्चा बनाएं. कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने भी आरोप लगाया कि इस प्रस्ताव की टाइमिंग के पीछे बीजेपी की राजनीतिक मंशा है. उन्होंने कहा कि यह कोशिश उन दक्षिणी राज्यों के महत्व को कम करने की है, जहां बीजेपी को जीत नहीं मिलती है. 

वीडियो: दी लल्लनटॉप शो: महिला आरक्षण और परिसीमन पर संसद में क्या बोले मोदी, प्रियंका और अखिलेश

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