UN में नौकरी कर दिल्ली लौटे बुजुर्ग पति-पत्नी को किया 'डिजिटल अरेस्ट', ठगे 15 करोड़, सुनाई आपबीती
Delhi में एक बुजुर्ग NRI कपल को ठगों ने 17 दिनों तक ‘डिजिटल अरेस्ट’ में रखा. यह धोखाधड़ी 24 दिसंबर 2025 को शुरू हुई. कपल को एक फोन आया. फोन करने वालों ने खुद को पुलिस अधिकारी बताया और कहा कि उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट है. उन्होंने कहा कि कपल के बैंक अकाउंट का इस्तेमाल मनी लॉन्ड्रिंग और ड्रग ट्रैफिकिंग में हुआ है. सुनिए पूरी आपबीती.

राजधानी दिल्ली से साइबर ठगी का एक बड़ा मामला सामने आया है. ठगों ने एक बुजुर्ग NRI कपल को 17 दिनों तक ‘डिजिटल अरेस्ट’ में रखा और करीब 15 करोड़ रुपये तक ठग लिये. जब तक कपल को इसका अहसास हुआ, तब तक बहुत देर हो चुकी थी और वे अपनी जिंदगी भर की कमाई गवां चुके थे. दिल्ली पुलिस ने इस मामले में FIR दर्ज कर ली है और मामले की जांच कर रही है.
इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, यह मामला साउथ दिल्ली के पॉश इलाके ग्रेटर कैलाश का है. डॉ. ओम तनेजा और उनकी पत्नी डॉ. इंदिरा तनेजा दोनों ने संयुक्त राष्ट्र (UN) में सालों तक नौकरी की. अमेरिका में 48 साल बिताने के बाद साल 2016 में वे भारत लौट आए. यहां बुजुर्ग डॉक्टर दंपति एक आलीशान मकान में शांति से रहते थे.
शिकायत के मुताबिक, यह धोखाधड़ी 24 दिसंबर 2025 को शुरू हुई. कपल को एक फोन आया. फोन करने वालों ने खुद को पुलिस अधिकारी बताया और कहा कि उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट है. उन्होंने कहा कि कपल के बैंक अकाउंट का इस्तेमाल मनी लॉन्ड्रिंग और ड्रग ट्रैफिकिंग में हुआ है.

कुछ ही मिनट बाद एक वीडियो कॉल आई. स्क्रीन पर पुलिस की वर्दी में लोग दिखे, पीछे दिल्ली पुलिस का लोगो भी लगा हुआ था. इसके बाद ठगों ने बताया कि कपल अब ‘डिजिटल अरेस्ट’ हैं. उन्हें बताया गया कि वे घर से बाहर नहीं जा सकते, किसी से बात नहीं कर सकते और फोन काटना भी अपराध होगा. हर समय उन्हें वीडियो कॉल पर निगरानी में रखा गया.
इसके बाद एक और वीडियो कॉल आई, जिसमें नकली कोर्ट और जज दिखाया गया. ठगों ने कहा कि अगर उन्होंने सहयोग नहीं किया तो तुरंत गिरफ्तारी होगी और उनकी संपत्ति जब्त कर ली जाएगी.

डॉ. इंदिरा तनेजा ने बताया कि ठग उनकी हर हरकत पर नजर रखते थे. जैसे ही वह बाहर निकलतीं या किसी को फोन करने की कोशिश करतीं, ठग तुरंत उनके पति के फोन पर वीडियो कॉल कर देते थे. बैंक जाने से पहले उन्हें बताया जाता था कि अगर बैंक कर्मचारी सवाल पूछें तो क्या जवाब देना है. बैंक मैनेजर ने जब बड़ी रकम को लेकर सवाल किया, तब भी उन्होंने वही जवाब दिया जो ठगों ने सिखाया था.
इस दौरान ठगों ने डॉ. इंदिरा पर इतना दबाव बनाया कि उनसे आठ अलग-अलग बैंक खातों में पैसे ट्रांसफर करवा लिए. हर बार रकम अलग-अलग थी. कभी करीब 2 करोड़ रुपये, तो कभी 2.10 करोड़ रुपये से भी ज़्यादा. इस तरह धीरे-धीरे करके उनसे कुल 14.85 करोड़ रुपये ठग लिए गए. 10 जनवरी को ठगों ने उनसे कहा कि रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) उनके पैसे वापस कर देगा.

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जब इस कपल को एहसास हुआ कि वे ठगे जा चुके हैं, तो उन्होंने दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल साइबर यूनिट से संपर्क किया. थाने पहुंचने पर ही उन्हें समझ आया कि वे एक बड़े धोखे का शिकार हो चुकी हैं और पैसे वापस मिलने की बात पूरी तरह झूठी थी.
बताया जा रहा है कि अपनी जिंदगी भर की जमा-पूंजी गंवाने के बाद कपल गहरे सदमे में है. दिल्ली पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज कर लिया है और मामले की जांच चल रही है.
वीडियो: खर्चा-पानी: दिल्ली के सबसे बड़े डिजिटल अरेस्ट फ्रॉड की पूरी कहानी

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