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दिल्ली में 72 साल के 'दादा' ने 8 साल की अनाथ बच्ची के साथ किया रेप, कोर्ट ने सुनाई सजा

दिल्ली के कोर्ट ने आरोपी बुजुर्ग की तुलना ‘गिद्ध’ से की. पीड़िता बुजुर्ग को कथित तौर पर ‘दादा’ कहकर बुलाती थी, लेकिन आरोपी ने इस रिश्ते का गलत फायदा उठाकर उसे अपना शिकार बनाया.

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26 मार्च 2026 (पब्लिश्ड: 01:16 PM IST)
Delhi court awards 20 years jail to 72-year-old man sexually assaulted minor orphan girl
कोर्ट ने आरोपी को 20 साल की सजा सुनाई है. (सांकेतिक फोटो: आजतक)
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दिल्ली की एक अदालत ने 72 साल के बुजुर्ग को 20 साल की सजा सुनाई है. आरोपी ने 8 साल की अनाथ बच्ची के साथ रेप किया था. पीड़िता बुजुर्ग को कथित तौर पर ‘दादा’ कहकर बुलाती थी, लेकिन आरोपी ने इस रिश्ते का गलत फायदा उठाकर उसे अपना शिकार बनाया. कोर्ट ने आरोपी बुजुर्ग की तुलना ‘गिद्ध’ से की, जो अपनी हवस मिटाने के लिए बच्चों पर नजर रखते हैं.

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, यह मामला दिसंबर 2025 में दर्ज एक केस से जुड़ा है, जिसमें 8 साल की अनाथ बच्ची के साथ यौन उत्पीड़न किया गया था. यह एक ऐसा अपराध है जिसके लिए कानून में कम से कम 20 साल की सजा का प्रावधान है. कुछ मामलों में इसे आजीवन कारावास या मृत्युदंड तक बढ़ाया जा सकता है.

अदालत ने आरोपी को 'यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम' (POCSO Act) की धारा 6 के तहत दोषी पाया. इसके साथ ही, अदालत ने उसे 'भारतीय न्याय संहिता' (BNS) के प्रावधानों के तहत भी दोषी ठहराया. तीस हजारी कोर्ट की फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट (POCSO) की एडिशनल सेशंस जज बबीता पुनिया ने सुनवाई के दौरान कहा, 

"यह बहुत डरावना है कि हम ऐसे समाज में रहते हैं जहां बच्चे सुरक्षित नहीं हैं... (दोषी) जैसे लोग अपनी हवस मिटाने के लिए गिद्धों की तरह उन पर नजर रखते हैं. यह सिर्फ एक जुर्म नहीं है. यह बचपन पर ही हमला है. हमारे देश के भविष्य पर हमला है."

अदालत ने आरोपी और पीड़िता के बीच उम्र के 64 साल के भारी अंतर को हाईलाइट किया. कोर्ट ने कहा कि यह हमला न केवल बच्ची के सम्मान का उल्लंघन है, बल्कि यह हमारे समाज में बड़ों के प्रति जो आदर-भाव है, उसे भी कलंकित करता है. कोर्ट ने कहा कि बच्ची उसे 'दादा' कहकर बुलाती थी, लेकिन आरोपी ने अपनी हवस बुझाने के लिए उसे अपना शिकार बनाया. यह हमारी उस धारणा को भी तोड़ देता है कि बड़े-बुजुर्ग बच्चों की रक्षा करते हैं.

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कोर्ट ने ‘विक्टिम कंपनसेशन स्कीम’ के तहत पीड़िता को 13.5 लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया. कोर्ट ने दोहराया कि रेप सिर्फ एक व्यक्ति के खिलाफ अपराध नहीं है, बल्कि पूरे समाज के खिलाफ अपराध है, खासकर जब पीड़ित बच्चा हो.

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