पाकिस्तान खुराफात से बाज नहीं आ रहा, पता है अब किस जुगाड़ से CRPF जवान तक भेजे पैसे?
CRPF जवान मोती राम जाट को पिछले महीने NIA ने दिल्ली से गिरफ्तार किया था. अब केंद्रीय खुफिया एजेंसियों ने खुलासा कर बताया है कि पाकिस्तानी अधिकारियों ने मोती राम तक किस तरह पैसे पहुंचाए.

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने दिल्ली से CRPF जवान मोती राम जाट को गिरफ्तार किया था. आरोप था कि वह पाकिस्तानी खुफिया अधिकारियों के साथ संवेदनशील जानकारी शेयर कर रहा है. अब एजेंसी ने इस मामले में बड़ा खुलासा किया है. अधिकारियों ने बताया कि पाकिस्तान ने मोती राम तक पैसा पहुंचाने के लिए एक ‘विशेष तरीका’ अपनाया था.
क्या था ये तरीका?इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, केंद्रीय खुफिया एजेंसियों ने खुलासा कर बताया है कि पाकिस्तानी अधिकारियों ने पूर्व CRPF जवान मोती राम तक किस तरह पैसे पहुंचाए. उन्होंने बताया कि इंडियन हैंडलर के जरिए पैसा ट्रांसफर करने के बजाय, अधिकारियों ने व्यापारिक लेन-देन में शामिल अनजान लोगों को निर्देश दिया कि वे मोती राम के खाते में पैसा जमा कराएं. केंद्रीय खुफिया एजेंसी के एक सूत्र ने एक्सप्रेस को बताया,
अधिकारियों ने बताया कि इस तरह के लेन-देन की वजह से वित्तीय सुराग का पता लगाना कठिन हो गया है, साथ ही जांच और भी मुश्किल हो गई है. NIA की टीमों ने अलीपुर में एक दुकान, खिदरपुर में एक ट्रैवल एजेंसी और कोलकाता के पार्क सर्कस में एक होटल समेत कई जगहों पर एक साथ तलाशी ली. एक मामले में, एक ट्रैवल एजेंसी के मालिक को संदिग्ध लेनदेन के बारे में पूछताछ के लिए बुलाया गया था. एजेंसी ने अपने एक बयान में कहा,
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मोती राम जाट को पिछले महीने NIA ने दिल्ली से गिरफ्तार किया था. अधिकारियों ने बताया कि वह 2023 से जासूसी गतिविधियों में एक्टिव था और पाकिस्तान को राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी संवेदनशील जानकारी भेज रहा था. वह जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में CRPF बटालियन में तैनात था. गिरफ्तारी के बाद CRPF ने मोती राम को सेवा से बर्खास्त कर दिया.
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