The Lallantop
Advertisement
  • Home
  • India
  • Chinese Man Detained In J&K Got Indian SIM, Searched Article 370 On Phone

जम्मू-कश्मीर में जो चीनी नागरिक हिरासत में लिया गया था, उसके पास से अहम जानकारियां मिली हैं!

जब अधिकारियों ने हिरासत में लिए गए चीनी नागरिक की फोन हिस्ट्री चेक की, तो खुलासा हुआ कि वह लगातार CRPF की तैनाती, कश्मीर के संवेदनशील इलाकों और Article 370 से जुड़ी जानकारी सर्च कर रहा था.

Advertisement
pic
9 दिसंबर 2025 (अपडेटेड: 9 दिसंबर 2025, 09:59 AM IST)
Chinese Man Detained In J&K
चीनी शख्स की पहचान हू कांगताई (29) के तौर पर हुई है. (फोटो: आजतक)
Quick AI Highlights
Click here to view more

जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर से सुरक्षा एजेंसियों ने एक चीनी नागरिक को हिरासत में लिया है, जो बिना किसी परमिशन के लद्दाख और कश्मीर घाटी जैसे संवदेनशील इलाकों में घूम रहा था. जब अधिकारियों ने उसके फोन की हिस्ट्री चेक की, तो खुलासा हुआ कि वह लगातार CRPF की तैनाती, कश्मीर के संवेदनशील इलाकों और आर्टिकल 370 से जुड़ी जानकारी सर्च कर रहा था.

आजतक की रिपोर्ट के मुताबिक, चीनी शख्स की पहचान हू कांगताई (29) के तौर पर हुई है. 19 नवंबर को कांगताई टूरिस्ट वीजा पर दिल्ली पहुंचे थे. इस वीजा पर उन्हें केवल चुनिंदा बौद्ध धार्मिक स्थलों जैसे वाराणसी, आगरा, नई दिल्ली, जयपुर, सारनाथ, गया और कुशीनगर में जाने की अनुमति थी. लेकिन वे 20 नवंबर को दिल्ली से लेह की फ्लाइट पकड़कर सीधे लद्दाख पहुंच गए. 

नियम कहते हैं कि किसी भी विदेशी नागरिक को ‘फॉरेन रीजनल रजिस्ट्रेशन ऑफिस’ (FRRO) में रजिस्ट्रेशन कराना होता है, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया. तीन दिनों तक जांस्कर और आस-पास के इलाकों में घूमने के बाद कांगताई 1 दिसंबर को श्रीनगर पहुंच गए.

खुलासे में पता चला कि यहां वे एक अनरजिस्टर्ड गेस्ट हाउस में रुके और कई संवेदनशील जगहों का दौरा किया, जिनमें हरवान में बौद्ध मठ और दक्षिण कश्मीर के अवंतीपोरा में बौद्ध खंडहर शामिल थे. ये जगहें सेना के विक्टर फोर्स हेडक्वार्टर, हजरतबल मंदिर, शंकराचार्य हिल, डल झील और मुगल गार्डन के करीब है. बताते चलें कि हरवान में पिछले साल लश्कर के आतंकी के साथ मुठभेड़ भी हुई थी.

ये भी पढ़ें: भारतीय इन्फ्लुएंसर्स के पाकिस्तानी जासूस बनने के पीछे ISI की 'Madam N'?

सबसे अहम बात यह कि कांगताई, खुले बाजार से एक भारतीय सिम खरीदने में भी कामयाब हो गए, जिससे उसकी गतिविधियों पर शक और बढ़ गया. उनकी ब्राउजिंग हिस्ट्री में CRPF की तैनाती, आर्टिकल 370 को हटाने आदि से जुड़े सर्च दिखाई दिए. सुरक्षा एजेंसियां ​​यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि क्या उन्होंने ब्राउजिंग हिस्ट्री डिलीट की या उस संवेदनशील जानकारी को कहीं लीक किया गया.

कांगताई ने अधिकारियों को बताया कि उन्होंने बोस्टन यूनिवर्सिटी से फिजिक्स की पढ़ाई की है और पिछले नौ सालों से अमेरिका में रह रहे हैं. उन्होंने यह दावा भी किया कि उन्हें घूमने का शौक है और उनके पासपोर्ट से पता चला है कि वह अमेरिका, न्यूज़ीलैंड, ब्राज़ील, फ़िजी और हांगकांग जैसी जगहों पर जा चुके हैं.

वीडियो: आर्टिकल 370 के छह साल, जम्मू-कश्मीर में फिर कुछ बड़ा होगा?

Advertisement

Advertisement

()