आर्थिक तंगी, 8 लाख कर्ज लेकर की एयर एम्बुलेंस, झारखंड विमान हादसे में मारे गए परिवार की कहानी
Jharkhand Chatra Plane Crash: हादसे में मरने वाले संजय पिछले हफ्ते आगजनी की एक घटना में झुलस गए थे, जिसके बाद रांची में उनका इलाज चल रहा था. परिवार पहले ही उनके इलाज के लिए कर्ज ले चुका था. इसके बाद चार्टर प्लेन के लिए भी 8 लाख रुपये का लोन लिया गया था.

झारखंड के चतरा जिले में हुए चार्टर प्लेन क्रैश मामले में नई जानकारी निकलकर सामने आई है. इसके मुताबिक प्लेन को बुक करने के लिए मरीज संजय कुमार के परिवार ने 8 लाख रुपये का लोन लिया था. बताया गया है कि संजय परिवार में अकेले कमाने वाले शख्स थे.
मालूम हो कि मंगलवार, 23 फरवरी की रात झारखंड के चतरा जिले में एक चार्टर प्लेन क्रैश हो गया था. प्लेन को रांची से दिल्ली ले जाया जा रहा था, तभी चतरा के सिमरिया थाना क्षेत्र के केंदू कसारी स्थित करम टॉड़ के घने जंगल में यह हादसा हो गया. हादसे में लातेहार के चंदवा के रहने वाले संजय कुमार, उनकी पत्नी अर्चना और एक रिश्तेदार ध्रुव की मौत हो गई.
डॉक्टर और पायलट की भी मौतवहीं दो पायलट, एक डॉक्टर और एक पैरामेडिक की भी विमान हादसे में मौत हो गई. इस तरह हादसे में विमान में सवार सभी 7 लोग मारे गए. विमान से संजय कुमार को इलाज के लिए दिल्ली ले जाया जा रहा था. आजतक की रिपोर्ट के अनुसार संजय चंदवा में एक छोटा सा होटल चलाते थे. पिछले हफ्ते सोमवार, 16 फरवरी को होटल में शॉर्ट सर्किट की वजह से आग लग गई, जिसमें झुलसकर संजय गंभीर रूप से घायल हो गए थे.
इसके बाद रांची के एक अस्पताल में उनका इलाज कराया जा रहा था. लेकिन हालात बिगड़ने पर डॉक्टरों ने संजय के परिवार को दिल्ली ले जाने और बेहतर इलाज कराने की सलाह दी थी. डॉक्टरों ने उन्हें दिल्ली रेफर कर दिया. इसके बाद 23 फरवरी को उन्हें दिल्ली के सर गंगा राम अस्पताल लेकर जाने के लिए चार्टर प्लेन बुक किया गया था. इसी प्लेन के लिए परिवार ने 8 लाख रुपये का लोन लिया था. लेकिन दुर्भाग्यवश रास्ते में ही प्लेन क्रैश हो गया और संजय और उनकी पत्नी समेत रिश्तेदार की मौत हो गई.
हादसे की जांच शुरूफिलहाल इस विमान हादसे के कारणों की जांच की जा रही है. हादसे वाला विमान रेडबर्ड एयरवेज नाम की कंपनी का बीचक्राफ्ट C90 एयरक्राफ्ट था. जानकारी के मुताबिक विमान ने शाम करीब 7:11 बजे रांची एयरपोर्ट से उड़ान भरी. खराब मौसम के कारण रूट बदलने की कोशिश में 23 मिनट बाद उसका एयर ट्रैफिक कंट्रोल से संपर्क टूट गया. इसके बाद विमान चतरा के दुर्गम जंगल में क्रैश हो गया. हादसा इतना भीषण था कि किसी को बचने का मौका नहीं मिला.
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हादसे के बाद लातेहार स्थित संजय के घर पर उनके रिश्तेदार और करीबी जुट गए हैं. स्थानीय लोगों ने आजतक को बताया कि संजय का परिवार आर्थिक रूप से कमजोर बैकग्राउंड से आता है. इलाज के लिए पहले भी लाखों रुपये का कर्ज लिया गया था.
वीडियो: झारखंड में हुआ एयर एम्बुलेंस प्लेन क्रैश, मौके पर ही 7 लोगों की मौत, क्या पता चला?

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