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'शीशमहल' की अब होगी कायदे से जांच, BJP की शिकायत के बाद बड़ी सरकारी एजेंसी ने दिए आदेश

'Sheesh Mahal' CVC probe: BJP ने Delhi Election में इसे बड़ा चुनावी मुद्दा बनाया था. इसी को लेकर अब केंद्रीय सतर्कता आयोग (CVC) ने केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (CPWD) को जांच का आदेश दिया है. इस मामले में कब-कब क्या हुआ था, सब जानिए.

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हरीश
| कुमार कुणाल
15 फ़रवरी 2025 (पब्लिश्ड: 12:28 PM IST)
CVC orders probe into 6 Flagstaff Bungalow
दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 में 'शीशमहल' विवाद बड़ा मुद्दा बन गया था. (फ़ाइल फ़ोटो - इंडिया टुडे)
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केंद्रीय सतर्कता आयोग (CVC) ने 6 फ्लैगस्टाफ बंगले के रेनोवेशन में कथित अनियमितताओं की जांच का आदेश दिया है. ये बंगला पहले, पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) का सरकारी आवास हुआ करता था. जांच का ये आदेश उन आरोपों के बाद दिया गया है, जिनमें कहा गया कि आवास को 40,000 वर्ग गज (8 एकड़) में फैले आलीशान भवन में बदलने के लिए भवन निर्माण मानदंडों का उल्लंघन किया गया. बता दें, इसी आवास को लेकर दिल्ली चुनाव में कथित शीशमहल का हवाला देते हुए ख़ूब राजनीति भी हुई. BJP ने इसे बड़ा चुनावी मुद्दा बनाया था (Sheeshmahal row). 

इसी को लेकर अब CVC ने केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (CPWD) को जांच का आदेश दिया है. इस संबंध में BJP नेता विजेंद्र गुप्ता ने 14 अक्टूबर, 2024 को शिकायत दर्ज कराई थी. शिकायत में कहा गया कि राजपुर रोड पर प्लॉट नंबर 45 और 47 समेत सरकारी संपत्तियां (पहले सीनियर अधिकारियों और जजों के टाइप-वी फ्लैट्स शामिल) और फ्लैग स्टाफ रोड पर दो बंगले ध्वस्त कर दिए गए. साथ ही, इन्हें नए आवास में मिला दिया गया.

शिकायत में BJP नेता ने दावा किया कि निर्माण में ग्राउंड कवरेज और फ्लोर एरिया रेशियो (FAR) मानदंडों का उल्लंघन किया गया. वहीं, इसके लिए प्रॉपर लेआउट प्लान भी अप्रूव नहीं किया गया था.

कब, क्या हुआ?

- 14 अक्टूबर, 2024: को विजेंद्र गुप्ता ने CVC में शिकायत दर्ज कराई.

- 16 अक्टूबर, 2024: CVC ने जांच के लिए शिकायत दर्ज की.

- 5 नवंबर, 2024: CVC ने शिकायत पुष्टि की. इसे आगे की जांच के लिए CPWD को भेज दिया गया. निर्देश दिया गया कि CPWD के चीफ़ विजिलेंस अफ़सर (CVO) मामले की जांच करें.

- 14 नवंबर, 2024: शिकायत ज़रूरी कार्रवाई के लिए औपचारिक रूप से CVO तक पहुंची.

- 24 दिसंबर, 2024: CPWD के चीफ़ विजिलेंस अफ़सर (CVO) ने प्रारंभिक जांच की और इसके बाद केंद्रीय सतर्कता आयोग (CVC) को तथ्यात्मक रिपोर्ट सौंपी.

- 13 फरवरी, 2025: अंततः CVC ने रिपोर्ट की समीक्षा की और मुख्यमंत्री आवास के ‘रेनोवेशन और विलासिता (Luxury Additions) पर हुए खर्च’ की विस्तृत जांच का आदेश दिया.

ये भी पढ़ें - अब BJP का मुख्यमंत्री 'शीशमहल' में रहेगा?

'शीशमहल' राजनीति

ये तो हुई जांच में सरकारी डेवलपमेंट्स की. लेकिन इस आवास को लेकर राजनीति भी ख़ूब हुई. दिल्ली विधानसभा चुनाव में 'शीशमहल' के मुद्दे ने BJP की जीत में बड़ी भूमिका निभाई. पार्टी के नेताओं ने इस मुद्दे पर अरविंद केजरीवाल को जमकर घेरा था. मुख्यमंत्री रहते हुए केजरीवाल जिस बंगले में रहते थे, BJP उसे 'शीशमहल' कहकर तंज कसती रही.

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