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Keir Starmer को मिला अपनी कैबिनेट का साथ! फिलहाल इस्तीफा नहीं देंगे ब्रिटेन के प्रधानमंत्री

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर पर इस्तीफों की झड़ी के बीच दबाव बढ़ गया है, हालांकि कैबिनेट का समर्थन अभी उनके साथ है. पीटर मैंडेलसन के एपस्टीन कनेक्शन विवाद के बाद चीफ ऑफ स्टाफ और कम्युनिकेशंस हेड के इस्तीफों ने लेबर पार्टी में असंतोष बढ़ाया है. स्कॉटिश लेबर नेता ने भी स्टार्मर से इस्तीफे की मांग की, जिससे यूके की राजनीति गरमा गई है.

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Cabinet Ministers come out in support of UK Prime Minister Starmer for now
इस्तीफों से पार्टी के अंदर असंतोष बढ़ गया है. (फोटो- AP)
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प्रशांत सिंह
10 फ़रवरी 2026 (पब्लिश्ड: 08:32 AM IST)
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ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर इन दिनों दबाव में हैं. उनकी सरकार में एक के बाद एक वरिष्ठ स्टाफ सदस्य इस्तीफा दे रहे हैं, जिससे उनकी नेतृत्व क्षमता पर सवाल उठने लगे हैं. हालांकि कैबिनेट के कई बड़े नेता अब भी उनके साथ खड़े हैं और फिलहाल उनकी कुर्सी सुरक्षित मानी जा रही है.

कई कैबिनेट मंत्रियों का साथ अब भी

द हिंदू की रिपोर्ट के मुताबिक, डिप्टी पीएम एंजेला रेनर, फॉरेन सेक्रेटरी यवेट कूपर, होम सेक्रेटरी (गृह मंत्री) और चांसलर राचेल रीव्स जैसे वरिष्ठ नेता स्टार्मर का समर्थन कर रहे हैं. इस्तीफों की खबरों के बीच स्टार्मर ने कहा कि उनकी पार्टी आगे बढ़ती रहेगी और देश में बदलाव लाने का काम जारी रखेगी. उन्होंने इस्तीफे की अटकलों से साफ इनकार किया है.

पीटर मैंडेलसन मामले से शुरुआत

रिपोर्ट के अनुसार, विवाद की शुरुआत पीटर मैंडेलसन से जुड़ी घटना से हुई. ब्रिटेन ने उन्हें अमेरिका में अपना राजदूत नियुक्त किया था, लेकिन बाद में उनके जेफ्री एपस्टीन से करीबी संबंध होने की जानकारी सामने आई.

इस खुलासे के बाद स्टार्मर ने सितंबर 2025 में मैंडेलसन को पद से हटा दिया. उनकी नियुक्ति की सलाह देने वाले स्टार्मर के करीबी सहयोगी और चीफ ऑफ स्टाफ मॉर्गन मैकस्वीनी ने 8 फरवरी 2026 को इस्तीफा दे दिया. उन्होंने स्वीकार किया कि प्रधानमंत्री को यह जिम्मेदारी देने की सलाह उन्होंने ही दी थी और इसकी पूरी जिम्मेदारी ली.

मैकस्वीनी स्टार्मर के पुराने और भरोसेमंद सहयोगी थे. 2024 के चुनाव में लेबर पार्टी की बड़ी जीत में उनकी अहम भूमिका मानी जाती है, इसलिए उनका इस्तीफा स्टार्मर के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है.

टिम एलन का भी इस्तीफा

9 फरवरी 2026 को स्टार्मर के कम्युनिकेशंस हेड टिम एलन ने भी पद छोड़ दिया. उन्होंने कहा कि यह फैसला इसलिए लिया गया ताकि प्रधानमंत्री कार्यालय (नंबर 10) में नई टीम बनाई जा सके. एलन इससे पहले टोनी ब्लेयर सरकार में काम कर चुके थे और एक निजी पीआर कंपनी चलाते थे. स्टार्मर ने उन्हें 2025 में इस पद पर नियुक्त किया था.

इन इस्तीफों के बाद पार्टी के भीतर असंतोष बढ़ा है. स्कॉटिश लेबर पार्टी के नेता अनस सरवार ने खुलकर स्टार्मर से इस्तीफे की मांग की और कहा कि उन्होंने कई बार गलत फैसले लिए हैं. मई 2026 में स्कॉटलैंड और वेल्स में स्थानीय और असेंबली चुनाव होने हैं, जहां स्कॉटिश नेशनल पार्टी (SNP) को हराने का मौका माना जा रहा है. हालांकि सरवार ने स्टार्मर को अच्छा इंसान और अपना दोस्त भी बताया.

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कई और मुद्दों पर मतभेद

पार्टी के भीतर वेलफेयर खर्च और टैक्स जैसे मुद्दों पर भी मतभेद हैं. विपक्षी कंजर्वेटिव और रिफॉर्म यूके पार्टी भी मजबूत होती दिख रही हैं. फरवरी के अंत में ग्रेटर मैनचेस्टर में होने वाला उपचुनाव स्टार्मर के लिए अहम परीक्षा माना जा रहा है.

गौरतलब है कि स्टार्मर जुलाई 2024 में बड़ी जीत के साथ प्रधानमंत्री बने थे, लेकिन करीब डेढ़ साल में ही उनकी स्थिति चुनौतीपूर्ण नजर आने लगी है. एपस्टीन कनेक्शन से जुड़ा यह विवाद उनके कार्यकाल का अब तक का सबसे बड़ा संकट माना जा रहा है.

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