NEET UG पेपर लीक में NTA के 'अपने' भी शामिल, सिस्टम के अंदर भी थे गद्दार
NEET UG पेपर लीक के बाद से CBI जांच में जो खुलासे हो रहे है, उससे ये साफ होता जा रहा है कि कैसे पेपर लीक NTA के अंदर से ही हुआ है. NTA में अंदरूनी और अफसरशाही के लेवल पर भी कई बदलाव हो रहे है. एक टीम बनाई गई है, जिसमें पहली बार Chief Technology Officer (CTO) जैसी बड़ी पोस्ट भी बनाई गई है.

एक बड़ी प्रसिद्ध हिंदा कहावत है, ‘घर का भेदी लंका ढाए’. यानी जब कोई भरोसेमंद धोखा देता है, तो नुकसान बहुत बड़ा होता है. NTA के साथ भी ऐसा ही कुछ हुआ है. NEET UG पेपर लीक के बाद से CBI जांच में जो खुलासे हो रहे है, उससे ये साफ होता जा रहा है कि कैसे पेपर लीक NTA के अंदर से ही हुआ है. खासतौर पर पेपर में आए केमिस्ट्री के सवाल. जिन्हें NTA पर छात्रों के भरोसे की पूरी केमिस्ट्री बिगाड़ दी है.
केमिस्ट्री के सवाल 100% मैचइंडियन एक्सप्रेस के Abhinaya Harigovind की रिपोर्ट के मुताबिक 'गेस पेपर' में केमिस्ट्री के सवाल, असली NEET पेपर से 100 फीसदी मैच हो गए. केमिस्ट्री का पेपर ही वह वजह है जिसके चलते NTA ने अपने अंदरूनी मामलों की जांच की और फिर लीक के सोर्स का पता लगाया. सूत्रों के मुताबिक NTA ने पहले अपने स्तर पर जांच की. फिर केमिस्ट्री का पेपर बनाने वाले और उसका ट्रांसलेशन करने वाले लोगों की लिस्ट CBI को जांच के लिए सौंप दी.
3 मई को नीट की परीक्षा हुई थी. इसके बाद NTA को सीकर के एक टीचर ने पेपर लीक की सूचना दी. टीचर ने NTA को लीक हुए पेपर की PDF भी भेजी थी. इसके बाद जब NTA ने उस लीक पेपर की तुलना असली पेपर से की तो केमिस्ट्री के सभी सवाल मैच हो गए. वहीं बायोलॉजी के भी कई सवाल एक जैसे पाए गए. जिसके बाद NTA को शक हुआ. NTA ने तुरंत सीबीआई को ट्रांसलेटर्स और पेपर सेटर्स से जुड़े सभी लोगों की लिस्ट सौंप दी. इस लिस्ट में 26-27 लोग शामिल हैं. इनमें से 24 लोग ट्रांसलेटर और 3 लोग पेपर बनाने वाले हैं. जिसमें एक फिजिकल, एक इनऑर्गेनिक और एक ऑर्गेनिक केमिस्ट्री से जुड़े सवाल का पेपर बनाने वाले लोग थे.
NEET एग्जाम में ट्रांसलेटर्स ने ‘खेला’ कियादरअसल नीट का पेपर कई भाषाओं में आयोजित होता है. इसी वजह से ट्रांसलेटर्स का रोल अहम हो जाता है. एक आदमी अंग्रेजी से दूसरी भाषा में पेपर का ट्रांसलेशन करता है. जबकि दूसरा उसी भाषा से वापस अंग्रेजी में ट्रांसलेशन करता है. ऐसा इसलिए किया जाता है ताकि किसी भी तरह की गलती की गुंजाइश ना हो. असल में इस बार नीट परीक्षा के लिए पेपर सेटर्स और ट्रांसलेटर्स को जनवरी में ही चुन लिया गया था. लेकिन अब जब इतना बड़ा पेपर लीक सामने आ चुका है, तो दोबारा होने वाली परीक्षा से पहले NTA किसी भी तरह की चूक नहीं होने देना चाहती. ये इसलिए भी हो रहा है क्योंकि CBI ने पिछले हफ्ते पुणे के एक रिटायर्ड लेक्चरर पी.वी. कुलकर्णी को गिरफ्तार किया था. पी.वी. कुलकर्णी लीक हुए पेपर में केमिस्ट्री वाले हिस्से के लिए सवाल बनाने और उनका मराठी में अनुवाद करने के काम में शामिल थे.
अब पुराने सबक से सीख लेते हुए पेपर सेट करने वाले लोग और ट्रांसलेटर के सलेक्शन को लेकर NTA काफी सतर्क है. यही वजह है कि बैकग्राउंड वेरिफिकेशन पर काफी जोर दिया जा रहा है. इन्हीं सब चीजों को देखते हुए केमिस्ट्री, बायोलॉजी और फिजिक्स तीनों विषयों के पेपर सेटर्स और ट्रांसलेटर्स बदल दिए गए हैं. एक नई टीम तैयार की गई है. इसके अलावा, परीक्षा की विश्वसनीयता सुनिश्चित करने के लिए एजेंसी मौजूदा SOP पर भी काम कर रही है.
NTA में हुए बदलावपेपर बनाने के 2024 में गठित एक समिति की सिफारिशों के अनुसार, NTA के पास एक ऐसा प्रोटोकॉल है जो क्वेश्चन पेपर बनाने के स्टेज की सुरक्षा सुनिश्चित करता है. पेपर ऐसे रूम में बनाए जाते हैं, जहां इंटरनेट नहीं होता है. साथ ही, पेपर बनाने वालों को अपना फोन और लैपटॉप ले जाने की इजाजत नहीं होती है. तमाम सवालों के बीच अब NTA में अंदरूनी और अफसरशाही के लेवल पर भी कई बदलाव हो रहे है. एक टीम बनाई गई है, जिसमें पहली बार Chief Technology Officer (CTO) जैसी बड़ी पोस्ट भी बनाई गई है. इस टीम में एक CFO और एक General Manager Human Resources होंगे जो Director General को रिपोर्ट करेंगे.
अब 21 जून को होने वाली पेपर में कुछ गड़बड़ ना हो इसके लिए मीटिंग पर मीटिंग हो रही है. शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने एक समीक्षा बैठक की. जिसमें सभी राज्यों के सारे डीएम और पुलिस अधीक्षकों शामिल थे. अब उम्मीद की जा रही है कि इतनी तैयारी के बाद सब कुछ अच्छे हो जाए और इस बार स्टूडेंट्स के साथ कोई अन्याय ना हो.
वीडियो: नीट मामले में मास्टरमाइंड को सीबीआई ने गिरफ्तार किया

