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नशा कराया, फिर गैंगरेप किया, वीडियो भी बनाया, भोपाल की 5 लड़कियों के साथ दिल दहलाने वाली घटना

Bhopal Gang Rape case: भोपाल में गिरोह बनाकर कई लड़कियों के साथ गैंगरेप का मामला सामने आया है. मामले में 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. आरोप है कि गैंगरेप का वीडियो बनाकर पीड़िताओं पर धर्म बदलने का भी दबाव बनाया जाता था.

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30 अप्रैल 2025 (अपडेटेड: 30 अप्रैल 2025, 01:49 PM IST)
Bhopal Gangrape
भोपाल गैंगरेप में 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है (फोटोः X)
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पहचान छिपाकर दोस्ती. गैंगरेप. वीडियो बनाकर ब्लैकमेलिंग और फिर जबरन धर्म परिवर्तन का दबाव. मध्य प्रदेश के भोपाल में गिरोह बनाकर सामूहिक बलात्कार का ऐसा मामला सामने आया है, जिसे सुनकर पुलिस भी हैरान रह गई. आरोपियों ने पहचान बदलकर पहले तो लड़कियों से दोस्ती की. फिर उनके साथ रेप किया. उन्हें दोस्तों से भी संबंध बनाने को मजबूर किया. कथित तौर पर उनके जबरन धर्मांतरण की भी कोशिश की गई. धर्म का एंगल आने के बाद लोगों में आरोपियों के खिलाफ गुस्सा है. इसकी एक बानगी कोर्ट में उनकी पेशी के दौरान दिखी, जब वकीलों ने पुलिस की मौजूदगी में आरोपियों की जमकर पिटाई कर दी. 

शुरुआत में इस मामले में तीन पीड़िताओं ने शिकायत दर्ज कराई थी. इनमें दो सगी बहनें शामिल हैं. लेकिन अब मामले में आरोपियों के खिलाफ 5 युवतियां सामने आई हैं. 4 आरोपी अभी तक गिरफ्तार किए जा चुके हैं. पुलिस ने उन्हें रिमांड पर लेकर पूछताछ शुरू कर दी है. महिला आयोग ने भी मामले का संज्ञान लिया है और जांच के लिए कमिटी गठित की है.   

क्या है मामला? विस्तार से बताते हैं

इंडिया टुडे ग्रुप के रिपोर्टर रवीश पाल सिंह ने एफआईआर के हवाले से बताया कि भोपाल के रायसेन रोड के एक निजी कॉलेज में दो बहनों ने एडमिशन लिया था. यहां बड़ी बहन की दोस्ती फरहान नाम के एक शख्स से हो गई. धीरे-धीरे दोनों में बहुत बात होने लगी. अप्रैल 2022 की बात है. मुख्य आरोपी फरहान उसे जहांगीराबाद स्थित एक घर ले गया जो उसके दोस्त हामिद का था. आरोप है कि यहां फरहान ने पीड़िता के साथ शारीरिक संबंध बनाए. उसने इस घटना का वीडियो भी बना लिया गया. कथित तौरपर ब्लैकमेल करके फरहान ने लड़की पर धर्म परिवर्तन का दबाव बनाना शुरू कर दिया. आरोपों के मुताबिक फरहान और उसके दोस्तों ने पीड़िता पर रोजे रखने का दबाव बनाया और जबरदस्ती नॉनवेज खिलाया. 

यही नहीं, आरोपी इसके बाद पीड़िता को बुर्के में रहने को भी कहने लगा. पीड़िता ने आरोपी और उसके दोस्तों के साथ हुए चैट्स भी पुलिस को सौंपे हैं. पीड़िता ने बताया कि फरहान ने इसी तरह उसकी बहन के साथ भी रेप किया.

बहन के साथ भी किया रेप

पीड़िता की बहन ने भी इस मामले में केस दर्ज कराया है. शिकायत में उसने बताया कि फरहान के जरिये उसकी पहचान उसके दोस्त अली से हुई. आरोप के मुताबिक अली ने पिछले साल जून में उसके साथ संबंध बनाए और इसका वीडियो भी बना लिया. यही वीडियो उसने फरहान को भी भेजा. जिसके बाद फरहान ने उसे वायरल करने की धमकी दी और संबंध बनाने का दबाव बनाया. उसने पीड़िता को बहाने से अबरार के घर बुलाया,  जहां कथित तौरपर उसे जबरदस्ती नशा करवाया गया. फिर फरहान ने उसके साथ पहले मारपीट की. फिर कथित तौरपर रेप किया. उन्होंने इस पूरे वाकये का वीडियो बना लिया. इसके बाद दोनों बहनों ने कॉलेज जाना बंद कर दिया.

कैसे खुला मामला

पीड़ित लड़कियों ने डर के मारे ये बात किसी को नहीं बताई. इंडिया टुडे ग्रुप को पुलिस सूत्रों ने बताया कि पूरे मामले की जानकारी एक युवक के जरिये मिली, जो पीड़िता को जानता था. पीड़ित लड़की ने एक दिन बात करते हुए अपनी आपबीती उससे साझा की थी. युवक ने पुलिस को इसकी जानकारी दे दी. इसके बाद पुलिस ने पहले पीड़िता की कई दिनों तक काउंसलिंग की. जब पीड़िता को यकीन हो गया कि उसकी पहचान उजागर नहीं होगी, तब उसने FIR दर्ज करवाई. 

पहले फोन किया जब्त

इसके बाद पुलिस ने पहले गुपचुप तरीके से सभी आरोपियों की लोकेशन ट्रेस की. उन पर नजर रखी. मौका मिलते ही उन्हें पकड़कर सबसे पहले उनके फोन जब्त किए ताकि पकड़े जाने से पहले आरोपी वीडियो न वायरल कर दें. 

पुलिस ने सबसे पहले फरहान को 25 अप्रैल को गिरफ्तार किया. उसे कोर्ट में पेश कर तीन दिनों की रिमांड ली गई. दो दिन बाद 27 अप्रैल को पुलिस दूसरे आरोपी साहिल को पकड़ने में कामयाब रही. 28 अप्रैल को भोपाल से तीसरा आरोपी अली भी पुलिस के चंगुल में फंस गया.

पुलिस ने सोमवार, 28 अप्रैल को आरोपियों का जुलूस निकाला. कड़ी सुरक्षा के बीच उन्हें जिला अदालत में पेश किया गया. कोर्ट ने मुख्य आरोपी फरहान अली को 30 अप्रैल तक और अली को 2 मई तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया है. 

वकीलों ने किया हमला

पुलिस सोमवार, 28 अप्रैल को जब आरोपियों को कोर्ट रूम से बाहर ले जा रही थी, तब गुस्साए वकीलों ने उन पर हमला कर दिया. भारी पुलिस बल तैनात होने के बावजूद कड़ी मशक्कत के बाद पुलिस आरोपियों को वहां से निकल पाई. वकीलों की पिटाई से आरोपियों के कपड़े तक फट गए. जब पुलिस आरोपियों को मेडिकल करवाने के लिए जिले के सरकारी अस्पताल में लेकर गई थी, वहां पर भी हिंदू संगठनों ने जमकर हंगामा किया था.

एसआईटी गठित, केस दर्ज

मामले में आरोपियों के खिलाफ POCSO अधिनियम, मध्य प्रदेश धर्म स्वतंत्रता अधिनियम और बीएनएस यानी भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कई धाराओं और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (IT एक्ट) के तहत मामला दर्ज किया गया है. 24 अप्रैल को मीडिया से बात करते हुए भोपाल के कमिश्नर हरि नारायणचारी मिश्रा ने बताया कि मामले की जांच के लिए अलग-अलग SIT गठित की गई हैं. एक पीड़िता की उम्र 18 साल से कम थी, इसलिए POCSO अधिनियम के तहत भी मामला दर्ज किया गया है.  

पुलिस की जांच में मुख्य आरोपी के फोन से कई अश्लील वीडियो भी बरामद हुए हैं. पुलिस के मुताबिक आरोपियों ने बहुत सारा डेटा अपने फोन से डिलीट कर दिया है. डेटा रिकवर करने के लिए पुलिस ने फोन को फॉरेंसिक टीम के पास भेजा है. पुलिस को उम्मीद है कि डेटा रिकवर हो जाने के बाद और भी कई खुलासे हो सकते हैं.

लड़कियों को गांजा-शराब पिलाता था

पुलिस ने बताया कि आरोपी साहिल खान डांस क्लास चलाता था. वह बाहर छोटे शहरों से पढ़ने आई लड़कियों को हाई प्रोफाइल लाइफ दिखाने के लिए हुक्का लाउंज और पब लेकर जाता था. जब लड़कियों को साहिल पर भरोसा हो जाता तो पार्टी के नाम पर वह युवतियों को कमरे में ले जाता था. कई बार कोल्ड ड्रिंक में नशीला पदार्थ मिलाकर पिला देता. फिर कथित तौरपर रेप जैसी वारदात को अंजाम देता था. पीड़िता ने पुलिस को यह भी बताया है कि आरोपियों ने कई बार उन्हें गांजा और शराब पिलाया. आरोप के मुताबिक इसके बाद पीड़िताओं के साथ बलात्कार किया.

महिला आयोग ने लिया संज्ञान

मामले की गंभीरता को देखते हुए अब राष्ट्रीय महिला आयोग ने भी इस पूरे मामले में संज्ञान लिया है. जांच के लिए महिला आयोग की अध्यक्ष विजया रहाटकर ने एक तीन सदस्यीय समिति का गठन किया है. ये समिति 3 मई से लेकर 5 मई तक भोपाल का दौरा करेगी और मामले पर एक विस्तृत रिपोर्ट आयोग को सौंपेगी. जांच समिति में झारखंड की रिटायर्ड IPS अधिकारी और पूर्व डीजीपी निर्मल कौर को अध्यक्ष बनाया गया है. साथ ही जबलपुर हाई कोर्ट की अधिवक्ता निर्मला नायक को जांच समिति का सदस्य बनाया गया है. 

राष्ट्रीय महिला आयोग के अवर सचिव आशुतोष पांडेय को भी जांच समिति की सदस्य बनाया गया है. यह जांच समिति घटना से जुड़ी कार्रवाई की जानकारी लेने के लिए संबंधित अधिकारियों, पीड़िताओं, उनके परिजन और अन्य संबंधित लोगों से मुलाकात करेगी. सभी पक्षों से बातचीत के आधार पर समिति अपनी रिपोर्ट महिला आयोग को सौंपेगी.

इन आरोपियों की गिरफ्तारी

अभी तक की जानकारी के मुताबिक, पुलिस ने इस मामले में  4 लोगों को गिरफ्तार किया है. 7 लोगों पर केस दर्ज किया गया है. द टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, मुख्य आरोपी फरहान के साथ साद और साहिल को गिरफ्तार करके कोर्ट में पेश किया था. चौथे आरोपी अली को पुलिस ने भोपाल में निजामुद्दीन कॉलोनी इलाके में छापा मारकर गिरफ्तार किया. नबील और अबरार नाम के दो आरोपी अभी फरार हैं. दोनों बिहार के रहने वाले हैं. अमर उजाला की रिपोर्ट के मुताबिक, एक आरोपी शाजी उर्फ शम्सुद्दीन है, जो मामले के खुलासे के वक्त जेल में था.

घटना की टाइमलाइन

11 अप्रैल को पीड़ित लड़कियों ने बाग सेवनिया थाने में शिकायत दर्ज करवाई
13 अप्रैल को फरहान को धारा 151 के तहत गिरफ्तार कर जेल भेजा गया
17 अप्रैल को जांच के बाद बाग से बनिया थाने में तीन और फिर दर्ज की गई
19 अप्रैल को केस अशोका गार्डन और जहांगीराबाद थाना में ट्रांसफर किया गया
25 अप्रैल को फरहान की रेप केस में गिरफ्तारी हुई. कोर्ट में पेश किया गया और तीन दिन की रिमांड ली गई
27 अप्रैल को पुलिस ने आरोपी साहिल को गिरफ्तार किया
28 अप्रैल को अली को भोपाल से गिरफ्तार किया गया. सभी आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया

इस बीच मामले ने सियासी रंग लेना भी शुरू कर दिया है. कुछ हिंदूवादी संगठनों ने विरोध प्रदर्शन भी किया है. कुछ लोग घटना को 1992 के अजमेर कांड से जोड़ रहे हैं. 

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