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कॉफी खत्म, लेकिन बातें नहीं? बेंगलुरु के रेस्टोरेंट अब टेबल चार्ज लगाएंगे

बृहत बेंगलुरु होटल ओनर्स एसोसिएशन (बेंगलुरु के होटल मालिकों का बड़ा संगठन) ने फैसला किया कि ऐसे लोगों पर टेबल चार्ज लगाना चाहिए. यानी अगर कोई व्यक्ति खाना-पीना खत्म करने के बाद भी लंबे समय तक बैठा रहे और प्राइवेट बातें करता रहे, तो उसे 500 से 1000 रुपये तक का जुर्माना लग सकता है.

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Bengaluru restaurants propose ‘table charges’ for extended real estate, political chats
कुछ जगहों पर साइन बोर्ड लग चुके हैं, और मालिक सख्ती से लागू करने की सोच रहे हैं. (फोटो- freepik)
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प्रशांत सिंह
11 फ़रवरी 2026 (पब्लिश्ड: 08:20 AM IST)
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बेंगलुरु के किसी भी रेस्टोरेंट में आप डाइनिंग के लिए गए हो, और खाना खत्म होने के बाद भी वहां बैठे रहते हो तो ये अब आपको महंगा पड़ सकता है. लोग कॉफी या चाय पीकर घंटों तक टेबल पर बैठे रहते हैं. वो वहां प्रॉपर्टी (रियल एस्टेट) की डील फाइनल करते हैं या राजनीति की लंबी-लंबी चर्चा करते रहते हैं. कॉफी खत्म हो जाती है, लेकिन टेबल नहीं छोड़ते. बाहर कस्टमर इंतजार करते रहते हैं, और पीक टाइम में जगह ब्लॉक हो जाती है.

इसी से परेशान होकर बृहत बेंगलुरु होटल ओनर्स एसोसिएशन (बेंगलुरु के होटल मालिकों का बड़ा संगठन) ने हाल ही में मीटिंग की. उन्होंने फैसला किया कि ऐसे लोगों पर टेबल चार्ज लगाना चाहिए. यानी अगर कोई व्यक्ति खाना-पीना खत्म करने के बाद भी लंबे समय तक बैठा रहे और प्राइवेट बातें (रियल एस्टेट या राजनीति) करता रहे, तो उसे 500 से 1000 रुपये तक का जुर्माना लग सकता है.

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक केंगरी इलाके के एक होटल मालिक ने बताया,

3-4 लोग आते हैं, सिर्फ 2-3 कॉफी ऑर्डर करते हैं और 45 मिनट से ज्यादा प्रॉपर्टी की बात करते रहते हैं. बाहर लोग वेट करते रहते हैं. ये रोज का हो गया है. कितनी बार कहें? वो लोकल लोग हैं, झगड़ा भी नहीं कर सकते.

एसोसिएशन के प्रेसिडेंट पीसी राव ने कहा,

ये लोग जगह घेर लेते हैं, माहौल खराब करते हैं और पीक आवर्स में टेबल ब्लॉक कर देते हैं. अगर हम इसे ऐसे ही चलने देंगे तो ये हमारी ओर से बढ़ावा देना होगा. हम कस्टमर और होटल वालों की सुरक्षा के लिए ये कदम उठा रहे हैं.

यहां तक अब कई कैफे और रेस्टोरेंट बोर्ड लगा रहे हैं, जिनमें साफ लिखा होता है, “ये जगह सिर्फ खाने-पीने के लिए है, रियल एस्टेट या राजनीति की चर्चा के लिए नहीं. कृपया समझें और सहयोग करें.”

फिलहाल ये सिर्फ एक प्रस्ताव भर है. कोई कानून नहीं है जो होटल वालों को ऐसे जुर्माने लगाने की इजाजत देता हो. इसलिए पूरे शहर में अभी लागू नहीं हुआ है. लेकिन कुछ जगहों पर साइन बोर्ड लग चुके हैं, और मालिक सख्ती से लागू करने की सोच रहे हैं.

ये समस्या बेंगलुरु में इसलिए ज्यादा है क्योंकि यहां स्पेस कम है, ग्राहक ज्यादा हैं और लोग कैफे को मीटिंग रूम की तरह इस्तेमाल करते हैं. एसोसिएशन का कहना है कि इससे बिजनेस को नुकसान हो रहा है और बाकी ग्राहकों को परेशानी होती है. अगर ये नियम लागू हो गया तो अब कॉफी पीकर घंटों गप मारना महंगा पड़ सकता है!

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