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बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री सस्पेंड, शंकराचार्य-UGC विवाद से 'दुखी' होकर इस्तीफा दिया था

Bareilly City Magistrate अलंकार अग्निहोत्री ने 26 जनवरी को अपने पद से इस्तीफा दे दिया था. अब उत्तर प्रदेश सरकार ने उन्हें सस्पेंड कर दिया है.

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Bareilly City Magistrate Alankar Agnihotri suspended
बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री को सस्पेंड कर दिया गया है. (फोटो: आजतक)
27 जनवरी 2026 (Published: 09:28 AM IST)
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बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री को उत्तर प्रदेश सरकार ने निलंबित कर दिया है. उनके खिलाफ विभागीय जांच के आदेश भी जारी किए गए हैं. इससे पहले 26 जनवरी को अलंकार अग्निहोत्री ने अपने पद से इस्तीफा देने की घोषणा की थी. उन्होंने अपने इस्तीफे के पीछे UGC के नए नियमों को लेकर सवर्ण समाज के छात्रों के अधिकार प्रभावित होने की बात कही थी. इसके साथ ही उन्होंने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के शिष्यों की शिखा यानी चोटी खींचे जाने की घटना को भी इस्तीफे का एक कारण बताया था.

सरकारी आदेश के मुताबिक, सरकार ने अलंकार अग्निहोत्री को पहली नजर में दोषी मानते हुए उत्तर प्रदेश सरकारी सेवक (अनुशासन एवं अपील) नियमावली, 1999 के तहत ये कार्रवाई की है. उनके खिलाफ विभागीय जांच के भी आदेश दिए गए हैं. इस जांच के लिए बरेली मंडल के कमीश्नर को जांच अधिकारी बनाया गया है, जो आरोपों की पूरी जांच करेंगे. जांच पूरी होने तक अलंकार अग्निहोत्री को शामली डीएम ऑफ‍िस में अटैच क‍िया गया है. 

Alankar Agnihotri suspended
(फोटो: ITG)

26 जनवरी को खबर आई क‍ि बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने अपने पद से इस्तीफा दे द‍िया. इसके पीछे दो वजह बताई. पहली शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के शिष्यों की पिटाई और दूसरी-UGC का नया कानून. इस बीच सोशल मीड‍िया पर एक फोटो भी वायरल है, ज‍िसमें सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री अपने आवास के बाहर एक पोस्टर लिए खड़े दिखे. जिस पर लिखा था,

“UGC ROLL BACK, काला कानून वापस लो, शंकराचार्य और संतों का यह अपमान नहीं सहेगा हिंदुस्तान, #BOYCOTT BJP #BOYCOTT BRAHMAN MP MLA.”

Alankar Agnihotri suspended
(फोटो: सोशल मीडिया)

आज तक से जुड़े कृष्ण गोपाल राज की रिपोर्ट के मुताबिक, अलंकार अग्निहोत्री ने 5 पन्नों का इस्तीफानामा भी लिखा. इसमें उन्होंने केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार की नीतियों पर नाराज़गी जताई. उन्होंने BJP के ब्राह्मण विधायकों और सांसदों पर भी सवाल उठाए. 26 जनवरी को मीडिया से बातचीत में अलंकार अग्निहोत्री ने कहा, 

राज्य सरकार और केंद्र सरकार में अब सामान्य वर्ग अलग हो चुका है. इस समय जो सरकार है, वह अल्पमत में है. अगर इस समय चुनाव करा लिए जाएं तो चाहे केंद्र हो या राज्य, मौजूदा सरकार वापस सत्ता में नहीं आ पाएगी.

वहीं, UGC के नए नियमों को लेकर उन्होंने आरोप लगाया, 'इससे सिर्फ एक ही चीज हो सकती है. सामान्य वर्ग के बेटे-बेटियों का या तो शोषण होगा. या बेटियों पर जिनकी बुरी नजर होगी, वो समता समिति के जरिए फर्जी शिकायतें करेंगे. इससे बेटियों को या तो जान देने के लिए मजबूर करेंगे या उन्हें शारीरिक शोषण के लिए मजबूर करेंगे’.

Alankar Agnihotri suspended
बरेली के नगर मजिस्ट्रेट ने नाम के आगे लिखा- 'इस्तीफा' (फोटो: आजतक)

उन्होंने यह भी कहा कि, ‘इस साल 2026 के प्रयागराज में माघ मेले में मौनी अमावस्या के स्नान के दौरान ज्योतिष्पीठ के शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद जी और उनके सिद्ध बटुक ब्राह्मणों से स्थानीय प्रशासन ने मारपीट की. वृद्ध आचार्यों को मारते हुए बटुक ब्राह्मण को जमीन पर गिराकर और उनकी शिखा पकड़कर घसीटते हुए पीटा गया. उनकी मर्यादा का हनन किया गया. चूंकि चोटी/शिखा ब्राह्मण साधु-संतों का धार्मिक और सांस्कृतिक प्रतीक है और अधोहस्ताक्षरी (अलंकार अग्निहोत्री) स्वयं ब्राह्मण जाति से है. घटना से यह स्पष्ट है कि स्थानीय प्रशासन ने ब्राह्मणों का देशव्यापी अपमान किया है’.

अलंकार अग्निहोत्री का आरोप है कि स्थानीय प्रशासन और मौजूदा राज्य सरकार ब्राह्मण-विरोधी सोच के साथ काम कर रही है और साधु-संतों की अस्मिता के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है.

ये भी पढ़ें: 'UGC Rules, शंकराचार्य के अपमान से दुखी', बरेली के नगर मजिस्ट्रेट ने नाम के आगे लिखा- ‘इस्तीफा’

‘डीएम आवास पर बंधक बनाया गया’

आजतक से जुड़े समर्थ श्रीवास्तव की रिपोर्ट के मुताबिक, 26 जनवरी की शाम करीब साढ़े 7 बजे सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री, बरेली के डीएम अविनाश सिंह से मिलने उनके आवास पर पहुंचे. उसके बाद सिटी मजिस्ट्रेट ने कहा, 

मुझे डीएम आवास में 45 मिनट बंधक बनाकर रखा गया. लखनऊ से डीएम के पास फोन आया. गाली देते हुए कहा गया पंडित पागल हो गया है. इसको रातभर बंधक बनाकर रखो. मीडिया को मैंने पहले ही बता दिया था. SSP के कहने पर मुझे छोड़ा गया. मैं अपनी जान बचाकर भागा हूं. 

अलंकार के आरोपों का बरेली डीएम अविनाश सिंह ने खंडन किया है. जिला प्रशासन की तरफ से जारी बयान के मुताबिक, 

आवास पर बातचीत बहुत सौहार्दपूर्ण माहौल में कई अन्य अधिकारियों की उपस्थिति में हुई. यह बातचीत करीब 45 मिनट चली, जिसमें सिटी मजिस्ट्रेट के इस्तीफे के कारण जानने की कोशिश हुई. 

वहीं, एडीएम ने भी इन आरोपों को स‍िरे से नकार दिया है. बंधक बनाने के आरोप पर एडीएम (न्यायिक) देश दीपक सिंह ने कहा, 

अलंकार अग्निहोत्री के आरोप बेबुनियाद हैं. उन्हें सामान्य व्यवहार में बुलाया गया था और कॉफी पिलाते हुए बात हुई. हम लोग उन्हें समझाने की कोशिश कर रहे थे. उन्हें चाय पिलाई गई और मिठाई खिलाई गई. अग्निहोत्री ने जो आरोप लगाया, वे बिल्कुल गलत हैं. ऐसी कोई बात नहीं हुई. 

बताया जा रहा है कि सिटी मजिस्ट्रेट ने अपना सरकारी आवास खाली कर दिया है. जाते जाते उन्होंने कहा, वे आज बरेली में ही अपने परिचितों के यहां रुके हैं. उनके साथ बैठकर आगे की रणनीति तय करेंगे.

ये भी पढ़ें: 'मन में दो तरह की भावना है', अविमुक्तेश्वरानंद ने सिटी मजिस्ट्रेट के इस्तीफे पर ऐसा क्यों कहा?

अलंकार अग्निहोत्री ब्राह्मण समाज से आते हैं. वह साल 2019 में उत्तर प्रदेश के PCS अधिकारी बने थे. इससे पहले उन्होंने करीब 10 साल तक IT सेक्टर में काम किया है. उन्होंने IIT BHU (बनारस हिंदू विश्वविद्यालय) से बीटेक की पढ़ाई की है.

वीडियो: 'हमको मारना चाहते हैं', स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने रात के हंगामे की पूरी बात बताई

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