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'जमीन के ज़रिए असमिया लोगों को खत्म करने का जिहाद', बोले CM हिमंता

Himanta Biswa Sarma ने कहा है कि जिस क्षेत्र से लोगों की जमीन वापस ली गई है, वहां के वोटर लिस्ट से भी उन लोगों के नाम हटाए जाएंगे.

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Himanta Biswa Sarma
गुवाहाटी में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान हिमंता बिस्वा सरमा. (तस्वीर: PTI)
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रवि सुमन
16 जुलाई 2025 (अपडेटेड: 16 जुलाई 2025, 01:07 PM IST)
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असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा (Himanta Biswa Sarma) ने कहा है कि राज्य के दक्षिणी और मध्य इलाके में घुसपैठियों ने असमिया लोगों को अल्पसंख्यक बना दिया है. और अब उनका अगला लक्ष्य उत्तर असम है. उन्होंने राज्य की पिछली कांग्रेस सरकार पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं.

हिमंता बिस्वा सरमा ने 15 जुलाई को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा,

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1.19 लाख बीघा जमीन खाली कराने का अभियान

मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने पिछले चार साल के दौरान घुसपैठियों से 160 स्क्वायर किलोमीटर जमीन वापस ली है. उन्होंने कहा,

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उन्होंने आगे कहा कि 2021 में सत्ता में आने के बाद से, उनकी सरकार ने 1.19 लाख बीघा से ज्यादा जमीन खाली कराने के लिए बेदखली अभियान शुरू किया है. उन्होंने कहा कि न सिर्फ जमीन खाली करवाई जा रही है बल्कि असम के हितों में उसका इस्तेमाल भी किया जा रहा है.

50,000 लोगों को बेदखल किया गया

मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा कि लगभग 50,000 लोगों को बेदखल किया गया है. जहां से उनको हटाया गया है, उस जगह की मतदाता सूची से उनके नाम हटाने का काम जिला प्रशासन को सौंपा गया है. सरमा ने कहा कि ऐसा इसलिए किया गया है ताकि असमिया निर्वाचन क्षेत्रों की रक्षा की जाए. उन्होंने बताया,

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उन्होंने इस महीने की शुरुआत में लखीमपुर जिले में चलाए गए बेदखली अभियान का जिक्र किया. ये ऊपरी असम का एक इलाका है और जहां मिसिंग, देवरी और ताई अहोम जैसे कई आदिवासी और जातीय असमिया समुदाय रहते हैं. यहां लगभग 220 परिवारों को बेदखल किया गया था. मुख्यमंत्री ने दावा किया कि इनमें से 64 बारपेटा से, 36 नागांव से और बाकी ग्वालपाड़ा, कछार और दक्षिण सलमारा-मनकाछार से आए थे.

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