The Lallantop
Advertisement
  • Home
  • India
  • Arunachal is our territory China denies Indian woman's harassment charge

भारतीय महिला के उत्पीड़न पर चीन की डबल बेशर्मी, घटना से मुकरा, अरुणाचल पर हक जताने लगा

अरुणाचल प्रदेश में जन्मीं प्रेमा वांगजोम थोंगडोक ने दावा किया था कि शंघाई एयरपोर्ट पर ट्रांजिशन के दौरान चीनी अधिकारियों ने उनके साथ दुर्व्यवहार किया था. प्रेमा से कहा गया कि अरुणाचल प्रदेश चीन का हिस्सा है. उनके भारतीय पासपोर्ट को ‘अवैध’ बताया गया. घंटों एयरपोर्ट पर रोका गया. इस दौरान उन्हें खाना तक मुहैया नहीं कराया गया.

Advertisement
Arunachal is our territory China denies Indian woman's harassment charge
चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने इस मामले में किसी भी तरह के उत्पीड़न से इनकार किया. (फोटो- X)
pic
प्रशांत सिंह
25 नवंबर 2025 (पब्लिश्ड: 09:08 PM IST)
font-size
Small
Medium
Large
font-size
Small
Medium
Large
whatsapp share

चीन ने शंघाई एयरपोर्ट पर एक भारतीय महिला का उत्पीड़न होने के आरोपों को खारिज कर दिया है. अरुणाचल प्रदेश में जन्मीं प्रेमा वांगजोम थोंगडोक ने दावा किया था कि शंघाई एयरपोर्ट पर ट्रांजिशन के दौरान चीनी अधिकारियों ने उनके साथ दुर्व्यवहार किया था. प्रेमा से कहा गया कि अरुणाचल प्रदेश चीन का हिस्सा है. उनके भारतीय पासपोर्ट को ‘अवैध’ बताया गया. घंटों एयरपोर्ट पर रोका गया. इस दौरान उन्हें खाना तक मुहैया नहीं कराया गया. अब चीन ने प्रेमा के इन दावों को गलत बताते हुए अरुणाचल प्रदेश पर अपना हक होने का दावा दोहराया है.

चीनी विदेश मंत्रालय ने इस घटना का इस्तेमाल अपने प्रोपेगैंडा के लिए किया है. उसकी प्रवक्ता माओ निंग ने इस मामले में किसी भी तरह के उत्पीड़न से इनकार किया. निंग ने कहा कि प्रेमा वांगजोम थोंगडोक पर कोई कार्रवाई नहीं की गई. न उन्हें हिरासत में लिया गया, न ही उत्पीड़न किया गया. चीनी अधिकारी ने आगे कहा कि उनके देश के अधिकारियों ने कानून के अनुसार काम किया, और एयरलाइन ने उन्हें आराम करने की जगह, खाना और पानी भी मुहैया कराया.

माओ ने चीन के टेरिटरी क्लेम को भी दोहराया. कहा,

Image embed

हालांकि भारत ने इस घटना पर कड़ा ऐतराज जताया है. इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक सरकारी सूत्रों ने कहा,

Image embed

भारत ने ये भी कहा कि चीनी अधिकारियों की हरकतें अंतरराष्ट्रीय नागरिक उड्डयन संगठन के बनाए नियमों का उल्लंघन हैं. उन्होंने आगे कहा कि जब दोनों देश मिलकर रिश्तों को स्थिर करने की कोशिश कर रहे हैं, तब ऐसा करना गलत है. भारतीय अधिकारियों ने बताया कि नई दिल्ली ने उसी दिन बीजिंग से बहुत सख्त लहजे में विरोध दर्ज कराया था. शंघाई स्थित भारतीय दूतावास ने भी मामला उठाया और पीड़ित महिला को पूरा सपोर्ट दिया.

वहीं अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने कहा कि वो इस घटना से स्तब्ध हैं. उन्होंने इसे अंतरराष्ट्रीय मानदंडों का उल्लंघन करार दिया. साथ ही कहा कि ये भारतीय नागरिकों की गरिमा पर सवाल उठने जैसा है.

प्रेमा ब्रिटेन में रहती हैं

प्रेमा वांगजोम थोंगडोक बीते 14 सालों से ब्रिटेन में रहती हैं. उन्होंने बताया कि जैसे ही वो शंघाई के पुडोंग एयरपोर्ट पर इमिग्रेशन काउंटर पर पहुंचीं, एक चीनी अधिकारी ने उनका पासपोर्ट लिया और कहा, "अरुणाचल प्रदेश चीन का हिस्सा है." उन्होंने आरोप लगाया कि इसीलिए चीनी अधिकारियों ने उनके पासपोर्ट को 'अवैध' बता दिया.

इंडिया टुडे से जुड़े प्रणय उपाध्याय से बात करते हुए प्रेमा ने कहा,

Image embed

खाना और अन्य सुविधाएं नहीं दीं

प्रेमा ने ये भी बताया कि इस बार चीनी अधिकारियों ने उनका पासपोर्ट ही ले लिया और उन्हें कई घंटों तक बिना सही जानकारी के एयरपोर्ट के ट्रांजिट क्षेत्र में ही ‘बंद’ रखा. उन्होंने आरोप लगाया कि वैध वीजा होने के बावजूद उन्हें जापान जाने वाली फ्लाइट में चढ़ने से रोक दिया गया.

प्रेमा के अनुसार, अधिकारियों ने उन्हें खाना और अन्य सुविधाएं भी नहीं दीं. उन्होंने दावा किया कि एयरलाइन के कर्मचारियों ने उनका मजाक उड़ाया और यहां तक कि उन्हें 'चीनी पासपोर्ट' लेने की सलाह भी दी. मुश्किल हालात में उन्होंने ब्रिटेन के एक दोस्त की मदद से शंघाई में मौजूद भारतीय कांसुलेट से संपर्क किया.

वीडियो: चीनी अधिकारी ने अरुणाचल प्रदेश को चीन का हिस्सा बताया, महिला का किया अपमान, कूटनीतिक विवाद शुरू

Advertisement

Advertisement

()