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अजमेर होटल मारपीट: आरोपी IAS-IPS पर कोर्ट सख्त, 12 के खिलाफ अरेस्ट वॉरंट जारी

11 जून, 2023 की रात लगभग 2 बजे अजमेर में जयपुर रोड स्थित होटल मकराना राज में कर्मचारियों को डंडों और रॉड से पीटा गया था. आजतक से जुड़े शरत कुमार की रिपोर्ट के मुताबिक मामले को लेकर होटल कर्मियों की शिकायत पर पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ 12 जून, 2023 को मामला दर्ज किया था.

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4 फ़रवरी 2025 (अपडेटेड: 4 फ़रवरी 2025, 06:06 PM IST)
Arrest warrant issued against 12 accused including IAS, Tehsildar, Policeman and Patwari, who had beaten up a hotel employee
कुछ दिनों बाद घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया था. उसमें आईएएस-आईपीएस के शामिल होने की पुष्टि हुई थी. (फोटो- इंडिया टुडे)
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राजस्थान के अजमेर में होटल स्टाफ के साथ मारपीट से जुड़े मामले में जिला अदालत ने कड़ा आदेश जारी किया है. कोर्ट ने आरोपी IAS, तहसीलदार, पुलिसकर्मी और पटवारी सहित 12 आरोपियों के खिलाफ अरेस्ट वॉरेंट जारी किया है. अदालत ने केस डायरी पर भी रिपोर्ट मांगी है. साथ ही हर सोमवार को एसपी से केस से जुड़ी रिपोर्ट भी मांगी गई है.

दरअसल, 11 जून, 2023 की रात लगभग 2 बजे अजमेर में जयपुर रोड स्थित होटल मकराना राज में कर्मचारियों को डंडों और रॉड से पीटा गया था. आजतक से जुड़े शरत कुमार की रिपोर्ट के मुताबिक मामले को लेकर होटल कर्मियों की शिकायत पर पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ 12 जून, 2023 को मामला दर्ज किया था. गेगल थाने को सूचना भी दी गई थी. पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन कथित तौर पर कोई कार्रवाई नहीं की गई. आरोप है कि पुलिस उल्टा होटल स्टाफ को ही पीटने लगी.

कुछ दिनों बाद घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया. उसमें मारपीट में IAS-IPS के भी शामिल होने की पुष्टि हुई. इसके बाद SP ने SI सहित तीन पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया. मामले में IAS गिरधर और IPS सुशील बिश्नोई को निलंबित भी किया गया था.

रिपोर्ट के मुताबिक अब मामले की सुनवाई करते हुए न्यायिक मजिस्ट्रेट मनमोहन चंदेल ने कहा है,

“जांच में साफ है कि आरोपियों ने पुलिस जांच में सहयोग नहीं किया. इसलिए इस मामले में हस्तक्षेप किया जाना न्यायोचित व न्यायसंगत लगता है. घटना में IAS-IPS के शामिल होने के बावजूद स्थानीय प्रशासन ने सरकार को नहीं बताया. निवर्तमान चीफ सेक्रेटरी ऊषा शर्मा की नाराजगी के बाद दोनों अधिकारी सस्पेंड किए गए थे.”

अदालत ने आगे कहा कि आरोपियों में वरिष्ठ पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारी भी शामिल हैं. इसलिए इनका गिरफ्तारी वॉरंट अमल कराने की जिम्मेदारी पुलिस अधीक्षक की है. कोर्ट ने केस डायरी पर भी रिपोर्ट मांगी है. साथ ही हर सोमवार को एसपी से केस से जुड़ी रिपोर्ट भी मांगी है.

मामले में कोर्ट ने IAS गिरधर कुमार (तत्कालीन एडीए आयुक्त एवं वर्तमान में सीईओ माडा, श्रीगंगानगर), IPS सुशील कुमार बिश्नोई (तत्कालीन ASP, वर्तमान में डिप्टी कमिश्नर जयपुर मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन), मुकेश चौधरी (कॉन्स्टेबल, टोंक), हनुमान चौधरी कनिष्ठ सहायक (टोंक तहसील), मुकेश यादव (कॉन्स्टेबल), नरेंद्र चौधरी (पटवारी), सुरेंद्र (नागौर), रूपाराम (तत्कालीन गेगल थाना ASI), सुनील (तत्कालीन SHO गेगल थाना), गौतमाराम (कॉन्स्टेबल, गेगल थाना), मुकेश यादव (कॉन्स्टेबल) और रामधन गुर्जर (तहसीलदार) के खिलाफ गिरफ्तारी वॉरंट जारी किया है.

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