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बीवी का अश्लील वीडियो डाला, कोर्ट में बोला वो तो मेरी पत्नी है, फिर जज ने जो सुनाया, कभी न भूलेगा

Allahabad High Court में एक महिला ने अपने पति के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया था. जिसमें उसने बताया था कि उसके पति ने बिना उसकी सहमति के उनके बीच के एक निजी वीडियो को सोशल मीडिया पर शेयर कर दिया. युवक ने इसी आरोप पत्र को रद्द करने के लिए एक आवेदन दायर किया था.

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Allahabad high court strict-on man for sharing obscene video of his wife
इलाहाबाद हाई कोर्ट ने ये टिप्पणी एक आवेदन को खारिज करते हुए की (फोटो: आजतक)
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अर्पित कटियार
24 मार्च 2025 (Updated: 24 मार्च 2025, 05:28 PM IST)
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इलाहाबाद हाई कोर्ट ने एक आवेदन को खारिज करते हुए कहा कि विवाह पति को अपनी पत्नी पर स्वामित्व या नियंत्रण नहीं देता है. कोर्ट ने ये टिप्पणी एक आरोप पत्र को रद्द करने के लिए दायर एक आवेदन को खारिज करते हुए की. दरअसल, एक महिला ने अपने पति के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया था. जिसमें उसने बताया था कि उसके पति ने बिना उसकी सहमति के अपने मोबाइल से उनके बीच के एक निजी वीडियो को सोशल मीडिया पर शेयर कर दिया. युवक ने इसी आरोप पत्र को रद्द करने के लिए एक आवेदन दायर किया था. जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया. कोर्ट ने क्या-क्या कहा? आइये जानते हैं.

कोर्ट ने क्या कहा?

आजतक की रिपोर्ट के मुताबिक, जस्टिस विनोद दिवाकर ने आवेदन को खारिज करते हुए कहा कि एक पति से अपेक्षा की जाती है कि वह अपनी पत्नी द्वारा उस पर रखे गए विश्वास, आस्था और भरोसे का सम्मान करे, खासकर उनके अंतरंग संबंधों के संदर्भ में. आगे उन्होंने कहा,

‘फेसबुक पर एक अंतरंग वीडियो अपलोड करके, आवेदक (पति) ने वैवाहिक संबंधों की पवित्रता को गंभीर रूप से भंग किया है. इस तरह का वीडियो शेयर करना प्राइवेसी का उल्लंघन है. यह आपसी विश्वास का भी उल्लंघन है, जो वैवाहिक संबंधों की नींव को कमजोर करता है. पत्नी की शारीरिक स्वायत्तता और गोपनीयता का सम्मान करना न केवल एक कानूनी दायित्व है, बल्कि एक सच्चे समान संबंध को बढ़ावा देने के लिए एक नैतिक अनिवार्यता भी है.’

क्या है पूरा मामला?

रिपोर्ट के मुताबिक, यूपी के मिर्जापुर जिले में प्रद्युमन यादव नाम के शख्स के खिलाफ उसकी पत्नी ने मामला दर्ज कराया था. ये मामला उसने IT अधिनियम की धारा 67 के तहत दर्ज कराया था. जिसमें उसने आरोप लगाया था कि उसके पति ने बिना उसे जानकारी दिए और बिना उसकी सहमति के उनके बीच किए गए अंतरंग कृत्य का एक अश्लील वीडियो अपने फोन से रिकॉर्ड कर लिया. इसके बाद उसने ये वीडियो फेसबुक पर अपलोड कर दिया. इतना ही नहीं, उसने ये वीडियो अपनी पत्नी के चचेरे भाइयों को भी शेयर किया. 

ये भी पढ़ें: 'बीवी का पॉर्न देखकर खुद को संतुष्ट करना पति के साथ क्रूरता नहीं', हाई कोर्ट को ऐसा क्यों कहना पड़ा?

इसी मामले को रद्द करने के लिए प्रद्युमन ने कोर्ट में एक आवेदन दायर किया था. यह कहते हुए कि वह शिकायतकर्ता का कानूनी रूप से विवाहित पति है और इसलिए, आवेदक के रूप में आईटी अधिनियम की धारा 67 के तहत कोई अपराध नहीं बनता है. वहीं, अतिरिक्त सरकारी अधिवक्ता ने इस तर्क का विरोध करते हुए कहा कि भले ही शिकायतकर्ता आवेदक की कानूनी रूप से विवाहित पत्नी है, फिर भी आवेदक को उसका अश्लील वीडियो बनाने और उसे चचेरे भाई और अन्य लोगों के साथ शेयर करने का कोई अधिकार नहीं है.

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