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राजस्थान: हिंदू लड़कियों से रेप और ब्लैकमेलिंग के आरोपों के बाद सांप्रदायिक तनाव, दक्षिणपंथी संगठनों ने किया प्रदर्शन

Beawar Case CBI Probe Demand: कई संगठनों के सदस्यों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपने से पहले, बैरिकेड्स पर चढ़कर नारेबाजी की. अजमेर में 124 बाजार संघों ने बंद को अपना समर्थन दिया था. दुकानदारों से अपने प्रतिष्ठान बंद रखने की मांग की गई थी.

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minority community were allegedly sexually assaulting minor girls
दक्षिणपंथी संगठनों ने मामले की सीबीआई जांच की मांग की है. (फ़ोटो - PTI)
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हरीश
2 मार्च 2025 (Updated: 2 मार्च 2025, 09:10 AM IST)
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राजस्थान के ब्यावर ज़िले में हुए कथित रेप और ब्लैकमेल केस की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) बनाने के निर्देश दिए गए हैं (Beawar rape and blackmail case). राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने 1 मार्च की शाम ब्यावर कलेक्टर और SP को ये निर्देश दिया है. वहीं, आरोपियों के ख़िलाफ़ सख़्त कार्रवाई की मांग को लेकर 1 मार्च को अजमेर ज़िला पूरी तरह बंद रहा (Shutdown in Ajmer).

कई दक्षिणपंथी संगठनों ने मामले की CBI जांच की मांग की. अजमेर में एक विशाल 'आक्रोश विरोध' रैली का आयोजन भी किया गया था. जिसका समापन कलेक्टर ऑफ़िस पर हुआ. कई संगठनों के सदस्यों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपने से पहले, बैरिकेड्स पर चढ़कर नारेबाजी की थी.

इंडियन एक्सप्रेस की ख़बर के मुताबिक़, अजमेर में 124 बाजार संघों ने बंद को अपना समर्थन दिया था. दुकानदारों से अपने प्रतिष्ठान बंद रखने की मांग की गई थी. हालांकि, स्कूल, कॉलेज, पेट्रोल पंप, गैस एजेंसियां ​​और अस्पताल जैसी ज़रूरी सेवाएं प्रभावित नहीं हुईं.

इसके अलावा, बंद के दौरान सोशल मीडिया पर कई वीडियो वायरल हुए. इनमें अलग-अलग संगठनों के सदस्य बंद को लागू करते हुए दिखाई दिए, जिनमें से कुछ ने लाठी भी थामी हुई थी. आरोप है कि अल्पसंख्यक समुदाय के आरोपी प्राइवेट स्कूलों की नाबालिग लड़कियों का यौन उत्पीड़न कर रहे हैं. उन्हें अश्लील तस्वीरों और वीडियो के ज़रिए ब्लैकमेल कर रहे हैं. इन आरोपों के बाद विरोध प्रदर्शन किया गया.

ये भी पढ़ें - राजस्थान के ब्यावर मामले में पूर्व पार्षद सहित 11 अरेस्ट

SIT गठन का आदेश

दरगाह कस्बे में राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी के आवास पर कई लोग पहुंचे थे. इनमें अजमेर के BJP अध्यक्ष रमेश सोनी के साथ सर्व समाज संघर्ष समिति का एक प्रतिनिधिमंडल शामिल था. इन लोगों ने उन्हें ‘रेप और ब्लैकमेल केस’ की जानकारी दी और SIT के ज़रिए जांच की मांग की थी.

टाइम्स ऑफ़ इंडिया की ख़बर के मुताबिक़, इस पर देवनानी ने SIT बनाने का निर्देश दिया. साथ ही, आरोपियों के फंडिंग के सोर्स का पता लगाने को कहा. SIT को आरोपियों की अवैध संपत्तियों की पहचान करने और उन्हें तुरंत ध्वस्त करने का आदेश भी दिया गया है.

मामला क्या है?

मामला ब्यावर के मसूदा शहर का है. पांच लड़कियों के घरवालों ने शिकायत दर्ज कराई थी. शिकायत में लगाए गए आरोपों के मुताबिक़, आरोपियों ने सोशल मीडिया के ज़रिए लड़कियों से संपर्क किया. इसके बाद उन्हें फ़ोन गिफ्ट में दिए और उनका यौन शोषण किया. कुछ पीड़िताओं ने आरोपियों पर उन्हें ब्लैकमेल करके, उनका धर्म परिवर्तन कराने का भी आरोप लगाया है.

पहली FIR 16 फरवरी को दो परिवारों की शिकायतों के आधार पर दर्ज की गई थी. जबकि बाद में तीन अन्य परिवारों ने भी इसी तरह के आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई थी. एक सर्वाइवर ने बताया कि आरोपी लड़के कुछ प्राइवेट तस्वीरों का इस्तेमाल करके उन्हें ब्लैकमेल कर रहे थे. लड़की ने कहा कि 14-15 साल के लड़के सेक्सटॉर्शन रैकेट का हिस्सा थे.

सभी आरोप मुस्लिम समुदाय से हैं, जबकि लड़कियां हिंदू समुदाय से. ऐसे में सांप्रदायिक स्तर पर ब्यावर जिले में स्थिति को तनावपूर्ण बनी हुई है. 

अब तक की पुलिस कार्रवाई

पुलिस रेप, POCSO एक्ट और अन्य संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच कर रही है. अब तक 10 लोगों को गिरफ़्तार किया है और तीन नाबालिगों को हिरासत में लिया है. मामले में कथित संलिप्तता के चलते पूर्व वार्ड पार्षद हकीम कुरैशी को भी गिरफ्तार किया गया है. कोटडा इलाके के एक कोर्ट ने कुरैशी को पांच दिनों की पुलिस कस्टडी में भेज दिया है.

कैफे संचालक सांवर मल को भी गिरफ़्तार किया गया है. इससे पहले, लुकमान, सोहेल मंसूरी, रयान मोहम्मद और अफराज नाम के चार आरोपियों को पांच दिन की पुलिस रिमांड के बाद 23 फरवरी को ही न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था.

वीडियो: Pune के बाद अब Washim में बलात्कार, नाबालिग से किया रेप, आरोपी फरार

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