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भारतीय अटैक से पाकिस्तान घबराया, खुद मांगा सीजफायर..., स्विस रिपोर्ट ने ऑपरेशन सिंदूर की हर बात बताई

Operation Sindoor Swiss think tank Report: स्विट्जरलैंड के सैन्य थिंक टैंक CHPM ने इस रिपोर्ट में बताया गया कि 7-10 मई 2025 के बीच हुए इस ऑपरेशन के दौरान भारतीय वायुसेना (IAF) ने पाकिस्तान पर पकड़ बना ली थी. इसी वजह से पाकिस्तान को 10 मई 2025 को सीजफायर की मांग करनी पड़ी. रिपोर्ट में Operation Sindoor के दौरान दोनों तरफ से हुए हमलों की एक-एक बात बताई गई है.

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Air Force gained decisive edge during Op Sindoor, forced Pak to seek truce Report
10 मई 2025 की दोपहर को पाकिस्तानी सेना ने युद्धविराम की गुहार लगाई, जिसे भारत ने स्वीकार कर लिया था. (फोटो- X)
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प्रशांत सिंह
26 जनवरी 2026 (Updated: 26 जनवरी 2026, 10:14 AM IST)
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स्विट्जरलैंड के एक प्रमुख सैन्य थिंक टैंक ने अपनी रिपोर्ट में ऑपरेशन सिंदूर को लेकर बड़ा दावा किया है. रिपोर्ट में बताया गया कि 7-10 मई 2025 के बीच हुए इस ऑपरेशन के दौरान भारतीय वायुसेना (IAF) ने पाकिस्तान पर पकड़ बना ली थी. इसी वजह से पाकिस्तान को 10 मई 2025 को सीजफायर की मांग करनी पड़ी.

47 पेज की इस रिपोर्ट का टाइटल ‘Operation Sindoor: The India-Pakistan Air War (7–10 May 2025)’ है. इसे स्विट्जरलैंड के Centre for Military History and Perspective Studies (CHPM) ने तैयार किया है. इसे भारत के बाहर तैयार की गई रिपोर्ट्स में सबसे डिटेल्ड माना जा रहा है.

रिपोर्ट के अनुसार, ऑपरेशन सिन्दूर के लास्ट स्टेज तक भारतीय वायुसेना को पाकिस्तानी क्षेत्र में गहरे हमलों की पूरी आजादी मिल गई थी. वहीं पाकिस्तान वायुसेना (PAF) प्रभावी जवाबी कार्रवाई करने की क्षमता खो चुकी थी. 10 मई की सुबह तक IAF ने ब्रह्मोस और SCALP-EG जैसी लंबी दूरी के सटीक हथियारों से पाकिस्तान के अंदर गहरे हमले किए. दूसरी ओर, पाकिस्तान के फॉरवर्ड रडार नष्ट हो चुके थे और भारत के S-400 एयर डिफेंस सिस्टम से उनके AWACS (हवाई चेतावनी प्लेटफॉर्म) को गंभीर खतरा था.

राफेल और मिराज से स्ट्राइक

रिपोर्ट बताती है कि 7 मई की रात को IAF ने दो स्ट्राइक की थीं. राफेल और मिराज-2000 लड़ाकू विमानों ने जैश-ए-मोहम्मद के बहावलपुर और लश्कर-ए-तैयबा के मुरिदके हेडक्वॉर्टर पर हमला किया था. एक फॉर्मेशन ने कम ऊंचाई पर पाकिस्तानी हवाई क्षेत्र में प्रवेश किया और पॉप-अप अटैक किया, जिससे पाकिस्तान को जाल में फंसाने की कोशिश की गई.

इसके जवाब में पाकिस्तान ने 30 से ज्यादा लड़ाकू विमान भेजे और PL-15 लंबी दूरी की हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइलें दागीं. उनका मेन टारगेट राफेल था.

6 विमान गिराने के दावे पर क्या कहा?

पाकिस्तान ने दावा किया कि था कि उसने 6 भारतीय विमान गिराए. लेकिन स्विस रिपोर्ट ने विजुअल सबूतों के आधार पर पुष्टि की भारत को 1 राफेल, 1 मिराज-2000 और एक अन्य लड़ाकू विमान (या तो मिग-29 या सु-30MKI) का ही नुकसान हुआ.

रिपोर्ट में कई PL-15 मिसाइलों के खोल भारतीय क्षेत्र में मिलने का जिक्र है, जिससे पता चलता है कि कई भारतीय पायलटों ने मिसाइलों से सफलतापूर्वक बचाव किया. भारत ने पाकिस्तान के ज्यादा नुकसान के दावों को खारिज किया है.

पाकिस्तान का ड्रोन और मिसाइल हमला नाकाम

7 मई से पाकिस्तान ने भारत पर ड्रोन अटैक शुरू किया था. पहले चरण में 300 से ज्यादा ड्रोन छोड़े गए थे. दूसरे चरण में लगभग 600 ड्रोन भारत की तरफ भेजे गए. इसके साथ ही रॉकेट्स, बैलिस्टिक मिसाइलें और कई हवाई हथियार लॉन्च किए गए थे.

निशाने पर भारतीय सेना के ठिकाने, एयरबेस, लॉजिस्टिक्स हब और वायु रक्षा सिस्टम थे. मकसद था भारतीय रडार को सक्रिय करवाकर उनकी लोकेशन पता लगाना और नष्ट करना. लेकिन भारत की वायु रक्षा प्रणाली ने ज्यादातर खतरों को रोक दिया. जैमिंग, स्पूफिंग और सेंसर फ्यूजन की मदद से 50% से ज्यादा ड्रोन एंटी-एयरक्राफ्ट गनों की मदद से ही गिरा दिए गए.

रिपोर्ट में IAF के Integrated Air Command and Control System और भारतीय सेना के अकाशतीर नेटवर्क की सराहना की गई है. इनकी वजह से रडार को सिर्फ जरूरी समय के लिए सक्रिय किया गया, जिससे पाकिस्तान भारत की इलेक्ट्रॉनिक व्यवस्था को भेद नहीं सका.

तीसरा पाकिस्तानी हमला भी फेल

9-10 मई 2025 की रात को पाकिस्तान ने सबसे बड़ा हमला किया. निशाने पर एयरबेस (अदमपुर, श्रीनगर, कच्छ) और S-400 सिस्टम थे. ड्रोन, इलेक्ट्रॉनिक जैमिंग और लड़ाकू विमानों की मदद के बावजूद ये कोशिश भी नाकाम रही. पाकिस्तान ने दावा किया था कि उसने S-400 को नुकसान पहुंचाया. पर इस दावे के कोई पुख्ता सबूत नहीं मिले.

इसके बाद भारत ने जवाबी हमला किया. 10 मई की सुबह 2:00 से 5:00 बजे तक IAF ने भारतीय क्षेत्र से ही लंबी दूरी की मिसाइलें दागीं. निशाने पर थे एयरबेस रडार इंस्टॉलेशन और SAM बैटरी. दूसरे चरण में सुबह 10 बजे जमीन पर खड़े विमानों को निशाना बनाया गया. कई पाकिस्तानी एयर बेस बंद हो गए, रनवे में गड्ढे पड़ गए और हैंगर तबाह हुए.

रिपोर्ट में आंका गया नुकसान

IAF ने पाकिस्तान के 4-5 लड़ाकू विमान गिराए. 1 AWACS, 1 ट्रांसपोर्ट विमान, कई ड्रोन, रडार सिस्टम, कमांड सेंटर और 1 SAM बैटरी को तबाह कर दिया. पाकिस्तान ने एक एयरबेस पर कैजुअल्टी भी स्वीकार की थी.

10 मई 2025 की दोपहर को पाकिस्तानी सेना ने युद्धविराम की गुहार लगाई, जिसे भारत ने स्वीकार कर लिया था.

रिपोर्ट में बताया गया कि भारत ने अपने राजनीतिक और सैन्य लक्ष्य हासिल किए. आतंकी ढांचों को तबाह किया, और पाकिस्तान की हवाई कार्रवाई को नाकाम करने में भी सफल रहा.

ये रिपोर्ट स्विस सैन्य इतिहासकार एड्रिएन फॉन्टानेलाज द्वारा लिखी गई है. इसका अनुवाद बेनेडिक्ट स्मिथ ने किया है, जो भारत में फ्रांस के पूर्व रक्षा अटैची रह चुके हैं. इसके रिव्यू पैनल में स्विस वायु सेना के एक रिटायर्ड मेजर जनरल शामिल थे. इसके अलावा एक रक्षा रणनीतिकार और राजनीतिक वैज्ञानिक, और एक अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा और हथियार नीति विशेषज्ञ भी शामिल थे.

वीडियो: ऑपरेशन सिंदूर को लेकर अमेरिकी रिपोर्ट ने क्या दावा कर दिया?

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