10 हजार करोड़ की कंपनी की 'विदाई' से हुआ भला, अब भरे जाएंगे बेंगलुरु के गड्ढे
डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार ने कहा कि सरकार लंबे समय से चली आ रही नागरिक समस्याओं के समाधान के लिए प्रतिबद्ध है.

सड़कों पर गड्ढों से परेशान बेंगलुरु की BlackBuck नाम की कंपनी ने शहर से काम बंद करने का फैसला किया था. बाद में कंपनी के CEO को आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम में कंपनी का ऑफिस खोलने का ऑफर आया. इन सब के बीच अब कर्नाटक सरकार जाग गई है. कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने बेंगलुरु की सड़कों के गड्ढे भरने का आदेश दिया है. इसके लिए नवंबर तक की डेडलाइन रखी गई है.
17 सितंबर को डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार ने कहा कि सरकार लंबे समय से चली आ रही नागरिक समस्याओं के समाधान के लिए प्रतिबद्ध है. उन्होंने X पर एक पोस्ट में कहा,
इसके अलावा 694 करोड़ रुपये की लागत से 349 किलोमीटर लंबी 182 सड़कों पर डामर बिछाने का काम भी शुरू कर दिया गया है. ये भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि जिन सड़कों पर डामरीकरण का काम चल रहा है, वहां पानी जमा न हो और डामर भरने के बाद कोई गड्ढा न रहे. इससे पहले 14 सितंबर को डिप्टी सीएम ने कहा था कि बेंगलुरु में सड़कों की मरम्मत और निर्माण परियोजनाओं के लिए 1,100 करोड़ रुपये आवंटित किए जाएंगे.
CEO ने क्या कहा था?बता दें कि BlackBuck कंपनी के CEO राजेश याबाजी का कहना था कि शहर की सड़कें गड्ढों और धूल से भरी हैं, जिससे उनके सहकर्मियों को ऑफिस आने-जाने में 1.5 घंटे से भी ज्यादा का औसत समय लगता है. उन्होंने कहा कि उन्हें इसे ठीक करवाने की प्रशासन की कोई खास इच्छा भी नहीं दिखती है. याबाजी ने इस संबंध में एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा,
ORR, बेंगलुरु शहर के IT कॉरिडोर में से एक है. यहां पर अक्सर ट्रैफिक की समस्या बनी रहती है.
बिजनेस टुडे के अनुसार सितंबर 2025 में BlackBuck की वैल्यू 10,900 करोड़ रुपये ($1.3 बिलियन) से ज्यादा की है. 2015 में ये कंपनी बनी थी और इसका आधिकारिक नाम जिंका लॉजिस्टिक्स सॉल्यूशंस (Zinka logistics Solution) है.
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