चेहरे से झुर्रियां गायब करने वाले इंजेक्शन कैसे काम करते हैं? क्या नुकसान हो सकते हैं?
रिंकल फिलर्स से स्किन भरी-भरी दिखती है. जवां दिखती है. झुर्रियां नहीं दिखतीं. लेकिन, इसका पूरा प्रोसेस क्या है? ये आज हम समझेंगे. डॉक्टर से जानेंगे कि इनका इस्तेमाल क्यों किया जाता है. किस तरह से किया जाता है. क्या रिंकल फिलर के कोई साइड इफेक्ट्स भी हैं. और, इन्हें कराने में खर्च कितना आता है.

चेहरे पर कितने सारे गाने बने हैं! ‘चेहरा है या चांद खिला है’. ‘तेरे चेहरे से नज़र नहीं हटती, नज़ारे हम क्या देखें.’‘क्या देखते हो? सूरत तुम्हारी. क्या चाहते हो? चाहत तुम्हारी’... वगैरा-वगैरा. शायरों और सॉन्ग राइटर्स ने महबूब के चेहरे के खूब कसीदे गढ़े हैं. मगर एक सच है जिसका ज़िक्र इन गानों में नहीं मिलता, शायरी में नहीं मिलता.
जब उम्र ढलने लगती है तो चेहरे पर पड़ने लगती हैं झुर्रियां. वक़्त का तकाज़ा है. एक न एक दिन सबके आनी ही हैं. एकदम नेचुरल बात है. पर कई लोग वक़्त को कुछ देर के लिए रोकने में कामयाब हो जाते हैं. इसके लिए वो सहारा लेते हैं रिंकल फिलर्स का.
रिंकल फिलर्स से स्किन भरी-भरी दिखती है. जवां दिखती है. झुर्रियां नहीं दिखतीं. लेकिन, इसका पूरा प्रोसेस क्या है? ये आज हम समझेंगे. डॉक्टर से जानेंगे कि रिंकल फिलर क्या होते हैं. इनका इस्तेमाल क्यों किया जाता है. किस तरह से किया जाता है. क्या रिंकल फिलर के कोई साइड इफेक्ट्स भी हैं. और, इन्हें कराने में खर्च कितना आता है.
रिंकल फिलर क्या होते हैं?ये हमें बताया डॉ. संदीप अरोड़ा ने.

रिंकल फिलर्स एक खास तरह के पदार्थ या दवाइयां हैं, जो सिरिंज के ज़रिए दिए जाते हैं. इसे मरीज़ की स्किन के अंदर इंजेक्ट किया जाता है.
रिंकल फिलर का इस्तेमाल क्यों किया जाता है?- उम्र के साथ स्किन पर झुर्रियां पड़ने लगती हैं, स्किन लटक जाती है.
- स्किन लटकने की वजह से उस पर गहरी झुर्रियां बन जाती हैं.
- अगर स्किन लटकी हुई है या उस पर झुर्रियां हैं, तो इसे ठीक करने के लिए रिंकल फिलर्स इस्तेमाल किए जाते हैं.
- लटकी स्किन पर रिंकल फिलर्स का इस्तेमाल करने से स्किन उठ जाती है.
- जिसकी स्किन लटकी हो, या चेहरा एक तरफ से धंसा हो और दूसरी तरफ ठीक हो.
- तब चेहरा ठीक करने और झुर्रियां भरने के लिए रिंकल फिलर्स दिए जाते हैं.
- चेहरे के अलावा शरीर के दूसरे हिस्सों पर भी रिंकल फिलर्स दिए जा सकते हैं.
रिंकल फिलर कैसे इस्तेमाल किए जाते हैं?- रिंकल फिलर्स को सिर्फ इंजेक्शन के ज़रिए ही दिया जा सकता है.
- ये फिलर्स सिरिंज में आते हैं.
- स्किन स्पेशलिस्ट इन्हें किसी खास एरिया पर इंजेक्ट करते हैं.
- अगर स्किन मोटी हो तो फिलर को स्किन के नीचे, ऊपर या बीच में दिया जा सकता है.
- फिलर किस तरह का है, उसके आधार पर तय होता है कि इंजेक्शन कहां दिया जाएगा ताकि वो स्किन में सही तरह समा सके.

- रिंकल फिलर्स के साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं.
- अगर इंजेक्शन किसी एक्सपर्ट के द्वारा नहीं दिया जा रहा, तो फिलर खून की नसों में जा सकता है.
- ऐसा होने पर व्यक्ति को अंधापन हो सकता है.
- स्किन पर घाव भी बन सकते हैं.
- स्किन पर नील पड़ सकता है, दर्द हो सकता है.
- अगर फिलर सही समय पर चमड़ी में न घुले तो शरीर में गांठ बन सकती है.
- लिहाज़ा अब परमानेंट रिंकल फिलर्स बहुत कम इस्तेमाल किए जाते हैं.
- आजकल, जो फिलर्स इस्तेमाल किए जाते हैं, वो कुछ महीनों या एक-डेढ़ साल में घुल जाते हैं.
- ये फिलर्स हमारी स्किन के तत्वों से मिलते-जुलते हैं.
रिंकल फिलर में खर्चा- रिंकल फिलर का खर्च इस बात पर निर्भर करता है कि कितने सिरिंज इस्तेमाल हुई हैं.
- इसे करने में कितनी विशेषज्ञता (एक्सपर्टीज) लगी है, क्योंकि ये बहुत नाज़ुक प्रक्रिया है.
- किस तरह के फिलर का इस्तेमाल हुआ है.
- फिलर्स किस कंपनी के हैं, इस पर भी कीमत निर्भर करती है.
- इसकी शुरुआत कम से कम 20-25 हज़ार रुपये से होती है.
बाकी कुल खर्च पूरी तरह से इन कारकों पर निर्भर करता है.
(यहां बताई गई बातें, इलाज के तरीके और खुराक की जो सलाह दी जाती है, वो विशेषज्ञों के अनुभव पर आधारित है. किसी भी सलाह को अमल में लाने से पहले अपने डॉक्टर से जरूर पूछें. ‘दी लल्लनटॉप' आपको अपने आप दवाइयां लेने की सलाह नहीं देता.)
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