अफ्रीका में फैल रही 'रहस्यमय' बीमारी Disease X दुनिया के लिए कितना बड़ा खतरा?
विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक, 24 अक्टूबर से 5 दिसंबर के बीच, कॉन्गो में इस बीमारी के 406 मामले सामने आए हैं. करीब 31 लोगों की मौत हुई है.
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डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कॉन्गो. सेंट्रल अफ्रीका का देश है. यहां एक रहस्यमयी बीमारी फैल रही है. कई एक्सपर्ट्स इसे ‘डिज़ीज़ X’ कह रहे हैं. डिज़ीज़ X, विश्व स्वास्थ्य संगठन यानी WHO द्वारा दिया गया एक टर्म है. ये किसी ऐसी बीमारी के लिए इस्तेमाल किया जाता है, जो इंफेक्शन से पैदा होती है और दुनियाभर में महामारी की वजह बन सकती है.
फिलहाल कॉन्गो में जो बीमारी फैल रही है, उसे लेकर WHO ने कुछ जानकारियां दी हैं. इसके मुताबिक, 24 अक्टूबर से 5 दिसंबर के बीच, कॉन्गो में इस बीमारी के 406 मामले सामने आए हैं. करीब 31 लोगों की मौत हुई है. हालांकि, स्थानीय अधिकारियों का कहना है कि इस बीमारी से अब तक 143 लोगों की जान जा चुकी है. ये WHO के आंकड़े से बहुत ज़्यादा है.

मरने वालों में सबसे ज़्यादा संख्या बच्चों और कुपोषित लोगों की है. जिन लोगों को ये बीमारी हो रही है, उनमें भी अधिकतर बच्चे ही हैं. डिज़ीज़ X के 64% मरीज़, 14 साल से कम उम्र के हैं.
ये बीमारी क्यों फैल रही है, इसका अभी तक पता नहीं चल सका है. हालांकि, WHO ने अपनी टीम कॉन्गो भेजी है. ये टीम बीमारी के कारणों का पता लगाने की कोशिश कर रही है. पता लगाया जा रहा है कि कहीं डिज़ीज़ X इंफ्लूएंज़ा वायरस, कोविड-19, मलेरिया, खसरा या किसी दूसरे इंफेक्शन की वजह से तो नहीं फैल रही.
डिज़ीज़ X के लक्षणइस रहस्यमयी बीमारी के लक्षणों की बात करें तो मरीज़ों को बुखार आ रहा है. सिरदर्द हो रहा है. उन्हें खांसी है. नाक बह रही है. बदन दर्द हो रहा है. सांस लेने में परेशानी आ रही है. जिन लोगों में बीमारी ने गंभीर रूप लिया, उन सभी में खून की कमी थी. यानी उन्हें एनीमिया था.
कितनी फैली ये बीमारी?हालांकि एक राहत की बात भी है. डिज़ीज़ X अभी पूरे कॉन्गो में नहीं फैला है. इसके मामले सिर्फ एक राज्य तक ही सीमित हैं. राज्य का नाम है, क्वांगो (Kwango). और जिस इलाके में ये मामले देखे जा रहे हैं, उसका नाम पैंज़ी (Panzi Health Zone) है.
पैंज़ी एक ग्रामीण इलाका है. ये कॉन्गो की राजधानी किंशासा (Kinshasa) से 700 किलोमीटर दूर है. किशांसा से पैंज़ी पहुंचने के रास्ते बहुत खराब हैं. नेटवर्क भी कुछ ही जगहों पर आता है. इसी वजह से, इस बीमारी की वजह समझने और उसका इलाज करने में बड़ी दिक्कतें आ रही हैं.
दुनिया के लिए कितना ख़तरा?कोविड के बाद एक बात तो हमें समझ में आ गई है. कोई भी बीमारी, दुनिया के किसी भी कोने में हो, अगर वो फैल रही है तो पूरी दुनिया को सतर्क होना ज़रूरी है. डरने की ज़रुरत नहीं है, पर जानकारी और सावधानी दोनों ज़रूरी हैं.
क्या कॉन्गो में फैली डिज़ीज़ X बाकी दुनिया के लिए ख़तरा है? ये हमने पूछा डॉक्टर नेहा रस्तोगी पांडा से.

डॉक्टर नेहा कहती हैं कि ये रहस्यमयी बीमारी कॉन्गो के एक हिस्से में फैल रही है. फिलहाल भारतीयों को इससे डरने की ज़रूरत नहीं है. बस कुछ चीज़ों का ध्यान रखें. घूमने के लिए कॉन्गो न जाएं. विदेश से घूमकर आए हैं तो स्क्रीनिंग ज़रूरी है. अगर बीमारी के लक्षण महसूस हो रहे हैं तो सामाजिक दूरी बना लें और तुरंत मेडिकल हेल्प लें.
(यहां बताई गई बातें, इलाज के तरीके और खुराक की जो सलाह दी जाती है, वो विशेषज्ञों के अनुभव पर आधारित है. किसी भी सलाह को अमल में लाने से पहले अपने डॉक्टर से जरूर पूछें. ‘दी लल्लनटॉप' आपको अपने आप दवाइयां लेने की सलाह नहीं देता.)
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