रात में अक्सर पिंडलियों में ऐंठन होती है? ये 3 काम दिक्कत दूर कर देंगे
अगर 2-3 महीने में एक बार रात के वक़्त पैरों में क्रैम्प्स हो रहे हैं, तो इनका कोई ख़ास कारण नहीं होता. खड़े होने पर ये क्रैम्प्स ठीक हो जाते हैं.
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रात में सोते हुए करवट ली और पैरों को स्ट्रेच किया. बस फिर क्या था! आंखों के सामने तारे नज़र आने लगे. इतनी तेज़ दर्द उठा. क्यों, आपके साथ भी ऐसा हुआ है न? इसे हम बोलचाल की भाषा में नस चढ़ना कहते हैं. दरअसल ये लेग क्रैम्प्स (Leg Cramps) हैं. कभी भी अचानक हो जाते हैं. और सिर्फ़ पैरों में ही नहीं, ये शरीर के किसी भी हिस्से में महसूस हो सकते हैं.
लेकिन अगर ऐसा हर आए दिन हो रहा है तो ध्यान देने की ज़रूरत है. इसलिए, डॉक्टर से जानेंगे कि क्रैम्प्स क्या होते हैं. क्रैम्प्स होने के क्या कारण हैं. कैसे पता चलेगा कि क्रैम्प्स किसी बीमारी की वजह से हो रहे हैं. कौन-सी जांच करवानी चाहिए और इसका इलाज क्या है.
क्रैम्प्स क्या होते हैं?ये हमें बताया डॉक्टर रजत मोहन ने.
जब टांगों या शरीर के किसी भी हिस्से में मांसपेशियां एक्टिव हो जाती हैं और ज़ोर से कॉन्ट्रैक्ट (सिकुड़ती) होती हैं, तब उस हिस्से में तेज़ दर्द उठता है. इसको क्रैम्प्स कहते हैं
क्रैम्प्स होने के कारणक्रैम्प्स होने के बहुत सारे कारण हो सकते हैं. गर्मियों में इलेक्ट्रोलाइट जैसे सोडियम, पोटैशियम, मैग्नीशियम और कैल्शियम का बैलेंस शरीर में बिगड़ जाता है. इससे क्रैम्प्स हो सकते हैं. प्रेग्नेंसी में शरीर के अलग-अलग हिस्सों में क्रैम्प्स हो सकते हैं. ऐसी दवाइयां जो डाययुरेटिक्स हैं, यानी जिनसे पेशाब बार-बार आता है. इनके सेवन से भी क्रैम्प्स हो सकते हैं.
कभी-कभी शरीर में मौजूद नर्व्स किसी कारण से दब जाती हैं. इससे क्रैम्प्स हो सकते हैं. किडनी के पेशेंट्स में इलेक्ट्रोलाइट का बैलेंस बिगड़ सकता है, जिससे क्रैम्प्स हो सकते हैं.
डायबिटिक पेशेंट्स में क्रैम्प्स का ज़्यादा रिस्क होता है. डायबिटीज़ में शरीर की आर्टरीज़ (धमनियों) और नसों में ब्लॉकेज हो जाते हैं. इससे क्रैम्प्स हो सकते हैं. कई बार क्रैम्प्स पड़ने का कोई एक कारण नहीं होता. दिनभर भाग-दौड़ करने से मांसपेशियां थक जाती हैं और क्रैम्प्स पड़ जाते हैं.
अगर क्रैम्प्स लगातार हो रहे हैं, लंबे वक़्त तक महसूस हो रहे हैं. जिनसे मांसपेशियां कमज़ोर हो रही हैं. हाथ लगाने पर दर्द हो रहा है. तब ऐसा किसी बीमारी या कंडीशन की वजह से हो सकता है. लेकिन अगर 2-3 महीने में एक बार रात के वक़्त पैरों में क्रैम्प्स हो रहे हैं, तो इनका कोई ख़ास कारण नहीं होता. खड़े होने पर ये क्रैम्प्स ठीक हो जाते हैं. रोज़ की ज़िंदगी में इनसे कोई दिक्कत नहीं होती. ऐसा किसी बीमारी के कारण नहीं होता. ऐसा मांसपेशियों के थकने के कारण हो सकता है.
जांचक्रैम्प्स का कारण पता होना ज़रूरी है. इसके लिए ब्लड टेस्ट किए जा सकते हैं. इन टेस्ट से शरीर में इलेक्ट्रोलाइट का बैलेंस पता चल जाता है. नर्व्स की जांच के लिए रीढ़ की हड्डी या बाकी हिस्सों का MRI करना पड़ सकता है. अगर धमनी या नसों पर दबाव है तो एंजियोग्राफी करनी पड़ सकती है. नर्व्स पर दबाव पड़ने पर इलेक्ट्रोमायोग्राफी की जा सकती है.
इलाजअगर क्रैम्प्स पड़ने का कोई ख़ास कारण नहीं है, तो रोज़ रात में पैरों की स्ट्रेचिंग करें. पर्याप्त मात्रा में पानी पीजिए. इससे क्रैम्प्स ठीक हो जाते हैं. अगर क्रैम्प्स का ख़ास कारण पता चलता है, तो उसका इलाज किया जाता है.
अगर आपको हर कुछ दिनों में क्रैम्प्स हो रहे हैं, तो इसे इग्नोर न करें. डॉक्टर से मिलें और जांच करवाएं ताकि क्रैम्प्स होने की असल वजह पता चल सके.
(यहां बताई गई बातें, इलाज के तरीके और खुराक की जो सलाह दी जाती है, वो विशेषज्ञों के अनुभव पर आधारित है. किसी भी सलाह को अमल में लाने से पहले अपने डॉक्टर से ज़रूर पूछें. दी लल्लनटॉप आपको अपने आप दवाइयां लेने की सलाह नहीं देता.)
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