शरीर में ब्लड सर्कुलेशन ठीक न हो तो कौन-सी बीमारियां हो सकती हैं?
आज डॉक्टर से जानिए कि अगर शरीर में ब्लड सर्कुलेशन ठीक न हो, तो कौन-सी बीमारियां हो सकती हैं. शरीर में ब्लड सर्कुलेशन किन वजहों से ख़राब हो जाता है. क्या शुरुआती लक्षण दिखते हैं. और, ब्लड सर्कुलेशन ठीक करने के लिए क्या कर सकते हैं.

हमारे शरीर को ठीक से काम करने के लिए खून की ज़रूरत होती है. जब तक अंगों को पर्याप्त खून मिलता है, ब्लड सर्कुलेशन ठीक रहता है, तब तक वो अच्छे से काम करते हैं. लेकिन जैसे ही खून की सप्लाई कम होती है अंगों के काम में गड़बड़ी आने लगती है. वो धीरे-धीरे बंद पड़ने लगते हैं. बिल्कुल किसी गाड़ी की तरह.
जब तक गाड़ी में फ्यूल होता है वो सर्राटे से दौड़ती है. जैसे ही फ्यूल खत्म होता है वो बंद पड़ जाती है. हां, गाड़ी में फ्यूल भराकर इसे दोबारा चलाया जा सकता है, लेकिन शरीर के साथ ऐसा नहीं होता. एक बार नुकसान शुरू हो गया, तो ये हमेशा के लिए भी हो सकता है.
आज डॉक्टर से जानिए कि अगर शरीर में ब्लड सर्कुलेशन ठीक न हो, तो कौन-सी बीमारियां हो सकती हैं. शरीर में ब्लड सर्कुलेशन किन वजहों से ख़राब हो जाता है. क्या शुरुआती लक्षण दिखते हैं. और, ब्लड सर्कुलेशन ठीक करने के लिए क्या कर सकते हैं.
ब्लड सर्कुलेशन बिगड़ने से क्या दिक्कतें हो सकती हैं?ये हमें बताया डॉ. दिग्विजय शर्मा ने.
आर्टरीज़ यानी धमनियां ऑक्सीज़न वाला खून दिल से शरीर के अंगों तक पहुंचाती हैं. वहीं वेन्स यानी शिराएं अंगों से खून वापस दिल की ओर लाती हैं. दोनों में अलग-अलग तरह की बीमारियां हो सकती हैं. वेन्स यानी शिराओं की सबसे आम समस्या है नसों का फूल जाना. जब नसें फूल जाती हैं, तो खून सही से वापस दिल तक नहीं पहुंच पाता. खून नसों में इकट्ठा होने लगता है.
इससे वैरिकोज़ वेन्स हो सकता है. इसमें पैरों की नसें टेढ़ी-मेढ़ी और उभरी हुई दिखने लगती हैं. नस के अंदर खून का थक्का बन सकता है, जिसे वीनस थ्रोम्बोसिस कहते हैं. अगर ये थक्का टूटकर ऊपर तक चला जाए, तो जानलेवा हो सकता है. अगर वहीं फंसा रहे, तो उस हिस्से में नुकसान कर सकता है.
अब बात आर्टरीज़ यानी धमनियों की. धमनियां प्रेशर के साथ खून अंगों तक पहुंचाती हैं. इनमें अलग बीमारियां होती हैं. धमनियों की अंदरूनी परत चिकनी और लचीली होती है, जिससे खून आसानी से बहता है. लेकिन उम्र बढ़ने, हाई ब्लड प्रेशर, स्मोकिंग और डायबिटीज़ से इनके अंदर की परत खुरदरी हो जाती है. इससे खून वहां पर रुकने लगता है और थक्का बन सकता है. खून जितना अटकेगा, उतने थक्के बनेंगे और उस अंग को नुकसान पहुंचेगा.
जिस अंग में खून की सप्लाई कम होगी, उससे जुड़ी दिक्कतें होंगी. अगर आंखों में खून की सप्लाई घटी, तो नज़र कमज़ोर होगी. दिमाग में खून की सप्लाई घटी, तो लकवा मार सकता है. दिल में खून कम पहुंचा, तो हार्ट अटैक पड़ सकता है. आंतों में खून की सप्लाई कम हुई, तो आंतों को नुकसान होगा. किडनी में सप्लाई बंद हुई, तो किडनी फ़ेल हो सकती है. इसी तरह, हाथ-पैरों को भी नुकसान पहुंच सकता है.
ब्लड सर्कुलेशन किन वजहों से ख़राब होता है?स्मोकिंग, डायबिटीज़, हाई ब्लड प्रेशर, कम पानी पीना और कम चलना-फिरना इसके मुख्य कारण हैं. इनकी वजह से आर्टरीज़ और वेन्स से जुड़ी बीमारियां होती हैं.
ख़राब ब्लड सर्कुलेशन के शुरुआती लक्षण- ख़राब ब्लड सर्कुलेशन के लक्षण सबसे पहले पैरों में दिखते हैं.
- अगर पैरों में दर्द रहने लगे.
- पैरों में सूजन आ जाए.
- मोज़े पहनते वक्त निशान पड़ जाएं.
- पैरों में झनझनाहट हो या पैरों का रंग बदल जाए.
- तब तुरंत डॉक्टर के पास जाकर इलाज कराएं.
- अगर देर करेंगे, तो पैर को नुकसान होगा और जान जाने का रिस्क भी रहेगा.
- इसलिए ब्लड सर्कुलेशन ख़राब होने ही न दिया जाए.
- सबसे ज़रूरी, ब्लड सर्कुलेशन बिगड़ने ही न दें.
- इसके लिए शुगर लेवल कंट्रोल करें.
- अपना ब्लड प्रेशर कंट्रोल करें.
- रोज़ एक्सरसाइज़ करें.
- खूब पानी पिएं और हेल्दी खाना खाएं.
- पैकेट में आने वाली चीज़ें खाने से बचें.
- डीप फ्राई चीज़ें कम से कम खाएं.
- सब्ज़ियां और फल खूब खाएं.
- सबसे ज़रूरी है बचाव.
शरीर में खून का फ्लो दुरुस्त रखना है. तो अपनी डाइट अच्छी रखें. खूब पानी पिएं. फिज़िकली एक्टिव रहें. और अगर ख़राब ब्लड सर्कुलेशन का कोई लक्षण दिखे तो बिना देर किए डॉक्टर को दिखाएं.
(यहां बताई गई बातें, इलाज के तरीके और खुराक की जो सलाह दी जाती है, वो विशेषज्ञों के अनुभव पर आधारित है. किसी भी सलाह को अमल में लाने से पहले अपने डॉक्टर से ज़रूर पूछें. दी लल्लनटॉप आपको अपने आप दवाइयां लेने की सलाह नहीं देता.)
वीडियो: सेहत: शरीर में ब्लड फ्लो क्यों गड़बड़ा जाता है?

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