The Lallantop
Advertisement
  • Home
  • Fact Check
  • Fact check: Viral post claiming that retirement age of UP police has been reduced from 60 years to 50 years is Fake.

क्या योगी सरकार ने घटाई यूपी पुलिसकर्मियों के रिटायरमेंट की उम्र?

सोशल मीडिया पर यूपी में पुलिसकर्मियों की सेवानिवृत्ति की उम्र से जुड़ा एक दावा वायरल हो रहा है.

Advertisement
Img The Lallantop
उत्तर प्रदेश पुलिस की रिटायरमेंट उम्र से जुड़ा वायरल दावा
pic
अनुष्का श्रीवास
16 मार्च 2022 (Updated: 17 मार्च 2022, 06:45 AM IST)
font-size
Small
Medium
Large
font-size
Small
Medium
Large
whatsapp share
दावा सोशल मीडिया पर उत्तर प्रदेश में पुलिसकर्मियों से जुड़ा एक दावा वायरल हो रहा है. वायरल दावे के मुताबिक उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव जीतने के बाद भाजपा सरकार ने यूपी पुलिसकर्मियों की सेवानिवृत्ति की उम्र 60 से घटाकर 50 कर दी है.
वायरल दावे
के कैप्शन में लिखा है - (आर्काइव
)
UP चुनाव जितने की ख़ुशी में भाजपा सरकार ने दिया पुलिसकर्मियों को बहुत बड़ा तोहफ़ा.. पुलिसकर्मियों में खुशी की लहर 60 साल की जगह अब 50 साल की उम्र में पुलिसकर्मियों की रिटायर अवधि होगी.. तोहफ़ा पर तोहफ़ा
कई और सोशल मीडिया यूज़र्स ने भी ऐसे ही दावे
शेयर किए. (आर्काइव
) (आर्काइव
) पड़ताल 'दी लल्लनटॉप' ने वायरल दावे की पड़ताल की. हमारी पड़ताल में वायरल दावा भ्रामक निकला. शेयर हो रहे वायरल दावे में मौजूद दस्तावेज में सभी पुलिसकर्मियों के लिए नहीं बल्कि दागी, भ्रष्ट और खराब आचरण वाले पुलिसकर्मियों को जबरन रिटायर करने की बात हो रही है.
वायरल तस्वीर की पड़ताल के लिए हमने दावे से जुड़े कीवर्ड्स को इंटरनेट पर सर्च किया तो हमें News18 हिंदी
की वेबसाइट पर 13 मार्च, 2022 को पोस्ट किया गया एक आर्टिकल मिला. इस आर्टिकल में वायरल दावे के साथ शेयर हो रहे नोटिस की तस्वीर भी मौजूद है. (आर्काइव
)
News 18 SS
News18 हिंदी की वेबसाइट पर मिले आर्टिकल का स्क्रीनशॉट.

News18 हिंदी
 में छपे आर्टिकल में मिली जानकारी के मुताबिक -
उत्तर प्रदेश सरकार ने 50 साल की उम्र पार कर चुके पुलिसकर्मियों को जबरन रिटायर करने के लिए 30 नवंबर, 2021 तक स्क्रीनिंग रिपोर्ट मुख्यालय में जमा करने के निर्देश दिए थे. लेकिन अभी तक यह रिपोर्ट जमा नहीं होने के कारण मुख्यालय ने एक नोटिस जारी किया है और 20 मार्च, 2022 तक हर हाल में रिपोर्ट मांगी है. इस रिपोर्ट के आधार पर दागी, भ्रष्ट और बैड वर्क एंड कंडक्ट वाले पुलिसकर्मियों को जबरन रिटायर किया जाएगा. हर साल स्थापना विभाग ऐसी ही रिपोर्ट जारी करता है. वायरल दावे में दिख रहा नोटिस सरकार द्वारा 10 मार्च, 2022 को जारी किया गया था जिसमे 20 मार्च तक ये रिपोर्ट जमा करने के निर्देश दिए गए हैं.
सर्च करने पर हमें आजतक
की वेबसाइट पर भी इस खबर से जुड़ा एक आर्टिकल मिला. इस आर्टिकल में भी यूपी पुलिस में 50 साल से अधिक उम्र के पुलिसकर्मियों को अनिवार्य सेवानिवृत्ति दिए जाने के आदेश से जुड़ी जानकारी मौजूद है. (आर्काइव
)
साथ ही की-वर्ड्स की मदद से ही सर्च करने पर हमें UP पुलिस
के आधिकारिक ट्विटर हैंडल से 13 मार्च, 2022 का एक ट्वीट मिला. इस ट्वीट में फैक्ट चेक कर वायरल दावे का खंडन किया गया है. (आर्काइव
) ट्वीट के कैप्शन में लिखा है -
पुलिसकर्मियों की सेवानिवृत्ति की आयु 60 वर्ष से घटाकर 50 वर्ष किये जाने की ख़बर पूर्णतया भ्रामक है। कृपया बिना सत्यापन के भ्रामक पोस्ट कर अफवाह न फैलाएं। #UPPFactCheck
#UPPAgainstFakeNews
ट्वीट में मिली जानकारी के मुताबिक -
सरकारी सेवाओं में दक्षता सुनिश्चित करने के लिए अक्षम सरकारी कर्मचारियों को अनिवार्य सेवानिवृत्ति हेतु स्क्रीनिंग शासनादेश संख्या-13-45-85-कार्मिक-1 दिनांक 26.10.1985 के अंतर्गत प्रदेश के समस्त विभागों में की जाती है. इस प्रक्रिया के अंतर्गत ऐसे कार्मिकों की स्क्रीनिंग की जाती है जिनकी आयु 50 वर्ष हो गयी है और उनकी सत्य निष्ठा एवं कार्य आचरण विभाग के अनुकूल नहीं है.
नतीजा ‘दी लल्लनटॉप’ की पड़ताल में योगी सरकार द्वारा पुलिसकर्मियों की सेवानिवृत्ति की उम्र 60 साल से घटाकर 50 साल कर देने का  दावा भ्रामक निकला. शासनादेश संख्या-13-45-85-कार्मिक-1 दिनांक 26.10.1985 के अंतर्गत दागी, भ्रष्ट और बैड वर्क एंड कंडक्ट वाले पुलिसकर्मियों को जबरन रिटायर करने के लिए स्क्रीनिंग की बात हो रही है.
पड़ताल की वॉट्सऐप हेल्पलाइन से जुड़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक
 करें. ट्विटर और फेसबुक पर फॉलो करने के लिए ट्विटर लिंक
 और फेसबुक लिंक
 पर क्लिक करें.

Advertisement