‘छपाक’ और ‘तान्हाजी’. दो मूवीज़. दोनों रिलीज हुईं एक ही दिन. लेकिन इस बार मामलाअलग है. जेएनयू हिंसा के विरोध में दीपिका के जेएनयू कैम्पस जाने के बाद ‘छपाक’एंटी स्टेब्लिशमेंट (सरकार विरोधी) और ‘तान्हाजी’ प्रो स्टेब्लिशमेंट (सरकारसमर्थक) का सिंबल बन गई है. ‘छपाक’ मूवी की लीड एक्ट्रेस और प्रोड्यूसर दीपिका काजेएनयू जाना उनको लेफ्ट (या विपक्ष) के करीब ले आया, वहीं ‘तान्हाजी’ की राईटआइडियोलॉजी वाली फील और डायलॉग्स उसको सरकार के करीब ले आई. कैसे, इस वीडियो मेंदेखिए.