JNU स्टूडेंट यूनियन अध्यक्षा आइशी घोष के खिलाफ हुई FIR पर जावेद अख्तर ने विध्वंसक तंज़ कसा है
जावेद अख्तर हमेशा की तरह अबकी फिर फॉर्म में हैं.

ये एंटी नेशनल्स हमारे बेचारे गुंडों को ठीक से लाठियां भी नहीं लहराने देते.- ये कहना है जावेद अख्तर का. लेकिन ये क्यूं कहा, किनके लिए कहा, क्या है पूरा मामला? आइए शुरू से समझें.
# धुंआ जो कुछ घरों से उठ रहा है, न पूरे शहर पर छाए तो कहना-
ये जावेद अख्तर का एक शेर है. इस शेर को पढ़कर मुम्बई मिरर की हालिया हैडलाइन याद आती है-Yesterday AMU, Today JNU, Tomorrow You.एएमयू चर्चा में आई थी सीएए के विरोध और उस दौरान हुई हिंसा के चलते.
फिर जेएनयू सुर्खियां बनाने लगी. 5 जनवरी की शाम दिल्ली की जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU) में हिंसा हुई.
कैंपस के अंदर घुस आए नकाबपोशों ने हाथों में सरिया, हॉकी स्टिक्स, डंडे और हथौड़े लेकर छात्रों और शिक्षकों पर हमला किया. करीब तीन घंटे तक ये हिंसा चली. हमलावरों ने हॉस्टलों के अंदर घुसकर स्टू़डेंट्स को मारा. कई स्टूडेंट्स लहुलूहान हो गए. कइयों का सिर फूटा. हमलावरों ने स्टूडेंट्स और शिक्षकों पर पत्थरबाजी भी की.
JNU के साबरमती हॉस्टल का सीन. 5 जनवरी के दिन यहां जमकर तोड़-फोड़ हुई थी. फोटो- PTI.इस हिंसा के लिए JNU छात्र संगठन ने ABVP को जिम्मेदार ठहाराया गया. उधर ABVP का कहना है कि लेफ्ट संगठनों ने हमला किया था.
दोषी चाहे जो भी हों लेकिन विक्टिमस का पता चल गया. उनमें से एक थीं JNUSU अध्यक्षा आइशी घोष. आइशी घोष हमले में बुरी तरह से घायल हो गईं और इस दौरान उनके सिर पर काफी गंभीर चोट भी आई.JNUSU President Aishi Ghosh right now. Brutally beaten up and profusely bleeding from the head. When will this stop? #SOSJNU
— Yogendra Yadav (@_YogendraYadav) January 5, 2020
#shame
pic.twitter.com/c9a5YiR5N6
हमले के बाद आइशी घोष ने कहा-
मुझे मास्क पहने गुंडों ने बेरहमी से मारा है. मेरा खून बह रहा है. मुझे बेरहमी से पीटा गया.
Jawaharlal Nehru University Student Union (JNUSU) President Aishe Ghosh at JNU: I have been brutally attacked by goons wearing masks. I have been bleeding. I was brutally beaten up. pic.twitter.com/YX9E1zGTcC
— ANI (@ANI) January 5, 2020
# ग़लत बातों को ख़ामोशी से सुनना हामी भर लेना, बहुत हैं फायदे इसमें मगर अच्छा नहीं लगता-
ये जावेद अख्तर का एक और शेर है. जिसका अनुसरण करते हुए कई लोगों ने चुप न रहने का निर्णय लिया. आलिया भट्ट, अनिल कपूर, स्वरा भास्कर, रितेश देशमुख, सुशांत सिंह, अनुराग कश्यप, सब बोले ओर क्या खुल कर बोले.स्ट्रीट-लाइट और इंटर्नेट बंद कर के, CCTV कैमरे तोड़ कर और मुँह छिपा कर चोर और आतंकवादी आते हैं, देशभक्त नहीं।
— सुशांत सिंह sushant singh سوشانت سنگھ (@sushant_says) January 6, 2020
# क्यों डरें ज़िन्दगी में क्या होगा, कुछ ना होगा तो तज़रूबा होगा-
जावेद अख्तर का एक तीसरा शेर. जो आइशी घोष ने कभी सुना होगा तो उन्हें बेतरह याद आ रहा होगा. क्यूंकि उनको भी एक अजब ही तज़रूबा हुआ. मतलब जब आम हिंदुस्तानी से लेकर सारे सेलिब्रिटीज़ तक जेएनयू हिंसा को लेकर अपना विरोध दर्ज़ करवा रहे थे, उसी दौरान आइशी घोष के खिलाफ दिल्ली पुलिस एफआईआर दर्ज़ करा रही थी. वो भी एक नहीं दो-दो.# इस शहर में जीने के अंदाज़ निराले हैं, होठों पे लतीफ़े हैं आवाज़ में छाले हैं-
किसी भी मुद्दे पर अपनी बेबाक राय रखने वाले जावेद अख्तर, आइशी घोष पर हुई इस FIR से हतप्रभ हैं. उनको विश्वास नहीं हो रहा कि पीड़ित को कैसे सज़ा मिल गई? और इसी अविश्वास में उन्होंने ट्वीट किया है. ट्वीट सीधा नहीं है. व्यंग्यात्मक है -JNUSU अध्यक्षा के खिलाफ की गई FIR पूरी तरह समझ में आती है. उसकी (आइशी घोष की) हिम्मत कैसे हुई एक राष्ट्रवादी, देश प्रेमी लोहे की रॉड को अपने सर से रोकने की. ये एंटी नेशनल्स हमारे बेचारे गुंडों को ठीक से लाठियां भी नहीं लहराने देते. ये अपने शरीर को बीच में घुसा देते हैं. मुझे पता है, इन्हें चोटिल होना, मार खाना पसंद है.
हालांकि पुलिस का कहना है कि जिस दिन ये हंगामा हुआ, यानी 5 तारीख, उस दिन वाली FIR में घोष का नाम नहीं है. लेकिन इससे पहले, 3 तारीख को जो सर्वर तोड़ा था और उसके बाद 3 और 4 को जो बवाल हुए थे उन वाली घटनाओं की एक FIR में घोष का नाम है. कुल जमा बात ये है कि अभी तक क्लियर नहीं है कि कौन सच बोल रहा, कौन झूठ. लेकिन झूठ का रंग कितना ही गाढ़ा हो-The FIR against the president of JNUSU is totally understandable . How dare she stop a nationalist , desh Premi iron rod with her head . These anti nationals don’t even let our poor goons swing a lathi properly . They always put their bodies there . I know they love to get hurt .
— Javed Akhtar (@Javedakhtarjadu) January 7, 2020
पहली बारिश ही में ये रंग उतर जाते हैं!
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