The Lallantop
Advertisement
  • Home
  • Entertainment
  • Film review of movie Te3n, Starring Amitabh Bachchan and Vidya Balan

'TE3N' फिल्म रिव्यू: माहौल तो बनाया, लेकिन थ्रिलर का 'थ्रिल' कहां भूल आए?

इस फिल्म में बेहतरीन पेंटिग देखने जैसा मज़ा है, लेकिन 'अॉन-द-एज' नॉवेल पढ़ने में मिलने वाली उत्तेजना नहीं.

Advertisement
Img The Lallantop
फोटो - thelallantop
pic
मियां मिहिर
9 जून 2016 (अपडेटेड: 10 जून 2016, 04:51 PM IST)
font-size
Small
Medium
Large
font-size
Small
Medium
Large
whatsapp share

फिल्म : तीन / TE3N

निर्देशक : रिभु दासगुप्ता

अभिनेता : अमिताभ बच्चन, नवाजुद्दीन सिद्दीक़ी, विद्या बालन

समय : 2 घंटे 17 मिनट


https://youtu.be/XDu2M752h6E
Embed

याद करें, नब्बे के दौर में 'सत्या' ने मुम्बई अंडरवर्ल्ड पर बनी फिल्मों के लिए कैसे दरवाज़ा खोल दिया था. यशराज ने 'बैंड बाजा बरात' बनाकर दिल्लीवाली लव स्टोरी को मार्केट में 'इन' कर दिया. जब 'भाग मिल्खा भाग' हिट हुई तो अचानक खिलाड़ियों पर बायोपिक को अच्छा 'बिज़नस प्रपोज़ल' माना जाने लगा. अब आप सुजॉय घोष की 'कहानी' का नाम भी इसी क्रम में ले सकते हैं, जिसकी क्रिटिकल अौर कमर्शियल सफलता ने कोलकाता शहर को किरदार बनाकर रची जाने वाली सस्पेंस थ्रिलर फिल्मों के लिए बॉलीवुड मार्केट का मैदान खोल दिया है.

रिभु दासगुप्ता की अजीब सी स्पेलिंग वाली, जो डविड फिंचर की क्लासिक सस्पेंस थ्रिलर 'सेवन' की याद दिलाती है, फिल्म 'TE3N / तीन' को देखते हुए लगातार ऐसा लगता है कि आप सुजॉय घोष की 'कहानी' दोबारा देख रहे हैं. खुद सुजॉय घोष ने एक कोरियन फिल्म 'मोंटाज' के राइट्स खरीद उसे हिन्दी में बनाया है, अौर प्रॉड्यूस किया है 'तीन' शीर्षक से. बस अंतर यही है कि फिल्म की नायिका 'बिद्या बागची' को किसी ने एक झुके कंधे वाले बूढ़े बंगाली से बदल दिया है. इस झुके कंधे वाले बूढ़े बंगाली 'जॉन बिस्वास' की भूमिका में हैं अमिताभ बच्चन. बच्चन अपनी आठ साला नातिन के किडनैपर अौर उसकी मृत्यु के ज़िम्मेदार इंसान को बीते आठ सालों से खोज रहे हैं.

Embed

आठ साल आगे सूनापन पसरा है. जॉन की गतिहीन ज़िन्दगी, जो घर से पुलिस स्टेशन अौर पुलिस स्टेशन से घर के चक्कर में सिमट गई है. विद्या बालन यहां पुलिस अधिकारी सरिता सरकार की भूमिका में हैं. जींस पर कुरता पहनती हैं अौर तेज़तर्रार बातें करती हैं. फिर नवाज़ के किरदार से परियच होता है, नाम है फादर मार्टिन. पता चलता है कि मार्टिन दास ही वो पुलिसवाले थे, जिनकी केस क्रैक करने में असफलता जॉन बिस्वास की नातिन की मौत का कारण बनी. इस चूक का वज़न मार्टिन के दिल पर इतना गहरा पड़ा कि वो पुलिस की नौकरी छोड़ धर्म की शरण में चले गए.

Embed

फिल्म थ्रिलर कहकर बेची गई हैं. लेकिन फिल्म के शुरुआती बीस-पच्चीस मिनट एकदम एंटी-थ्रिलर हैं, अौर किसी धीमी गति के समाचारों की तरह आगे बढ़ते हैं. धीरे-धीरे समझ आता है कि ये वो कट-टू-कट वाली मारामारी थ्रिलर नहीं, इसका सारा मैजिक माहौल में है. देखकर लगता है कि निर्देशक रिभु दासगुप्ता बॉलीवुड सिनेमा नहीं, वेस्टर्न क्लासिक टीवी सीरीज़ देखकर बड़ी हुई पीढ़ी के फिल्ममेकर हैं. ऐसी कहानियां अौर फिल्में जिनमें माहौल ही कहानी की असली जान होता है.

Embed

कहानी तेज़ी पकड़ती है उस मोड़ पर, जब एक अौर बच्चे की किडनैपिंग ठीक वैसे ही आठ साल पुरानी स्टाइल में होती है. लगता है जैसे वही पुराना अपराधी वापस लौट आया है. अब इधर पुलिस अधिकारी सरिता सरकार फादर मार्टिन की मदद से अपराधी को पकड़ने में जुट जाती हैं, उधर जॉन को भी एक नया सुराग हाथ लगता है. यहां से दो खोजी अभियान जैसे पैरेलल चल पड़ते हैं. एक अोर बच्चन अकेले हैं जो अपने आठ साल पुराने केस में अपराधी की तलाश में हैं, अौर दूसरी अोर पुलिस की टीम जो नए केस में अपराधी को पकड़ने के लिए जाल बिछा रही है. रोचकता अौर सस्पेंस यहां इस सवाल के जवाब में छिपा है कि क्या दोनों केस में अपराधी एक ही है?

Embed

सस्पेंस फिल्म को मज़बूत थ्रिलर बनाती है दांव पर लगी एक अदद जान, जिसे बचाने की जद्दोजहद में देखनेवाला साथ जुड़ जाता है. यहां जॉन बिस्वास की खोज में शुरु से ही एक उदासी घुली हुई है. मृत्यु की उदासी. वे अपनी नातिन की मृत्यु के जिम्मेदार अपराधी को खोज रहे हैं, नातिन को नहीं. इसीलिए जब उन्हें अन्य लोगों द्वारा ये सलाह दी जाती है कि 'अब अपराधी को भूलकर आगे बढ़ना चाहिए', वो सलाह ठीक लगती है. आगे भी इसी वजह से जॉन बिस्वास की तमाम खोजबीन, जो फिल्म का मुख्य कथानक है, कभी बेचैन करनेवाली उत्तेजना नहीं पैदा करती. मैं फिल्म में बैकग्राउंड की डीटेलिंग देखकर (जो वाकई कमाल है) कई मिनट वाह-वाह करता रहता हूं. लेकिन फिर मेरी समझ में आता है कि एक थ्रिलर फिल्म में आप कहानी का सिरा छोड़कर वातावरण निहारने लगें, ये तो फिल्म की हार है.

Embed

https://www.youtube.com/watch?v=SeBCB5ERnps

Advertisement

Advertisement

()