बॉलीवुड की खासियत है. आप कोई भी शब्द उठा कर पटक दो. यहां गाने के बोल से लेकरफिल्म के नाम तक उसे चीज पर मिल जाएंगे. कांधे के तिल से लेकर चने के खेत तक परगाने बने हैं. कटी पतंग से लेकर केबल ऑपरेटर के नाम पर पिच्चर बनी हैं. इतनीक्रिएटिविटी के बाद भी बॉलीवुड वाले कभी-कभी आलसी हो जाते हैं. फिल्मों के नामदोहराते हैं. गाने के बोल को फिल्म का नाम बना लेते हैं कुछ इतने चग्घड़ कि एकवचन चलचुका हो तो बहुवचन पर फ़िल्में बना लेते हैं. आज हम बताएंगे कि कौन सी फिल्मों केएकवचन और बहुवचन आए. सिंगुलर और प्लूरल समझते तो हैं आप! बस वही. फ़रिश्ता (1958)फ़रिश्ते (1991) खामोशी (1969) खामोशियां (2015) दिलजला (1987) दिलजले (1996)मोहब्बत (1985) मोहब्बतें (2000) जोशीला (1973) जोशीले (1989) आंखें (1968) दोआंखें (1974) रखवाला (1971) रखवाले (1994) हीरो (1983) हीरोज (2008) दीवाना (1992)दीवाने (2000) गुंडा (1998)गुंडे (2014) सोल्जर (1998) आर्मी (1996) अर्जुन (1985) पांडव (1995)