चेन्नई की सड़कों पर ऑटो दौड़ाया, थलापति विजय ने टिकट देकर विधानसभा पहुंचा दिया
मतगणना के बाद TVK प्रत्याशी KV Vijay Damu को जीत मिली है. उन्हें कुल 59 हजार 91 वोट मिले हैं. उन्होंने नजदीकी प्रतिद्वंद्वी DMK प्रत्याशी A Subair Khan को 14 हजार 249 वोट से हराया. सुबैर को 44 हजार 842 वोट मिले.

तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 में एक्टर थलापति विजय की पार्टी बड़ा स्वीप करती दिख रही है. 'तमिलगा वेट्री कझगम' (TVK) 106 सीटों पर आगे चल रही है. 55 सीटों पर DMK और 45 सीटों पर AIADMK बढ़त बनाए हुए है. विजय ने रॉयपुरम सीट पर ऑटो ड्राइवर विजय दामू को टिकट दिया था. दामू इस सीट को 14 हजार के मार्जिन से जीत गए हैं.
मतगणना के बाद TVK प्रत्याशी KV Vijay Damu को जीत मिली है. उन्हें कुल 59 हजार 91 वोट मिले हैं. उन्होंने नजदीकी प्रतिद्वंद्वी DMK प्रत्याशी A Subair Khan को 14 हजार 249 वोट से हराया. सुबैर को 44 हजार 842 वोट मिले.
दामू की कहानीचेन्नई की व्यस्त सड़कों पर हर सुबह घूमता एक ऑटो, जिसके ड्राइवर थे केवी विजय दामू. 46 साल की उम्र, आठवीं पास, महज 28.9 लाख की संपत्ति और कोई भी देनदारी नहीं. कोई बड़ा परिवार नहीं, कोई राजनीतिक बैकग्राउंड नहीं.
कानूनी मामलों की बात करें तो उनके खिलाफ 4 आपराधिक मामले दर्ज हैं. चुनावी हलफनामे के मुताबिक दामू की आय शून्य है.
विजय दामू सालों तक चेन्नई की गलियों में ऑटो चलाते रहे. लेकिन दिल में हमेशा एक आग जलती रही. थलापति विजय की फिल्मों से प्रेरणा लेते हुए उन्होंने देखा कि सिनेमा में हीरो कैसे आम आदमी के दर्द को आवाज देता है. जब थलापति ने TVK बनाई और कहा कि अब सिस्टम बदलने का समय है, तो दामू ने फैसला कर लिया, “मैं साधारण ऑटो ड्राइवर उम्मीदवार के रूप में खड़ा हूं. थलापति विजय हमारा ब्रांड हैं.”
रॉयपुरम जैसे इलाके में, जहां मछुआरे, मजदूर, छोटे व्यापारी और दिहाड़ी मजदूर रहते हैं, दामू की बात सीधे दिल तक पहुंची. कोई भव्य रैली नहीं, कोई करोड़ों का प्रचार नहीं. बस साइकिल पर घूमते, ऑटो स्टैंड पर खड़े होकर लोगों से बात करते. उन्होंने सस्ती शिक्षा, बेहतर स्वास्थ्य, भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन और युवाओं के लिए रोजगार का वादा किया. उनके नाम चार आपराधिक मामले दर्ज हैं, लेकिन ज्यादातर गंभीर नहीं हैं.
विजय के पिता ने क्या कहा?इंडिया टुडे से जुड़े प्रमोद की रिपोर्ट के मुताबिक विजय के पिता एसए चंद्रशेखर ने दावा किया है कि अभिनेता से राजनेता बने विजय सत्ता में हिस्सेदारी करने के इच्छुक हैं. अपने बेटे के बदलते व्यक्तित्व पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि विजय समाज और तमिल जनता की सेवा के लिए समर्पित हैं. जनता के साथ उनका गहरा भावनात्मक जुड़ाव युवाओं से लेकर बुजुर्ग समर्थकों तक, सभी पीढ़ियों को जोड़ता है.
ANI से बात करते हुए चंद्रशेखर ने कहा,
“पिछले 30 सालों से विजय तमिलनाडु के लिए कुछ करना चाहता था. धीमे-धीमे उसने इस पर काम किया. आज वो राज्य का CM बनने जा रहा है.”
चंद्रशेखर ने आगे कहा,
“2024 में अपनी पार्टी की शुरुआत करने के बाद से विजय को सीएम बनने का पूरा भरोसा था. पिछले दो सालों में उनका आत्मविश्वास काफी ऊपर रहा है, उसे पूरा भरोसा था कि वो तमिलनाडु का सीएम बनेगा. मैं उसके इस सोच की सराहना करता हूं. एक नेता के रूप में उनकी खासियत ये है कि वो बिना किसी गठबंधन के अपने दम पर खड़े रहे हैं. मुझे लगता है कि ये विजय के लिए ऐतिहासिक सफलता और ऐतिहासिक जीत है.”
विजय के पिता ने ये भी कहा कि जनता के साथ उनके बेटे का जो जुड़ाव था, उसने भी बड़ी भूमिका निभाई. उन्होंने बताया कि हर कोई विजय को अपने बेटे, पोते या भाई की तरह मानता है.
वीडियो: तमिलनाडु चुनाव में बाज़ी पलटी, TVK कैसे बना सबसे बड़ा गेम चेंजर?

