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रामनवमी के मौके पर पश्चिम बंगाल में झड़प, ममता बनर्जी ने पहले ही दी थी चेतावनी

West Bengal के Murshidabad में हुई झड़प से पहले ही CM Mamata Banerjee ने इलाके में दंगे भड़कने की चेतावनी दी थी.

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रवि सुमन
| इंद्रजीत कुंडू
18 अप्रैल 2024 (अपडेटेड: 18 अप्रैल 2024, 08:00 AM IST)
West Bengal Murshidabad Ram Navami
इलाके में अतिरिक्त फोर्स भेजा गया है. (तस्वीर साभार: PTI)
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रामनवमी (Ram Navami) के मौके पर पश्चिम बंगाल (West Bengal) के मुर्शिदाबाद (Murshidabad) से झड़प की खबरें आईं. शक्तिपुर इलाके में हुई इस झड़प में कई लोगों के घायल होने की रिपोर्ट है. भीड़ पर काबू पाने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले दागे. घायलों को बहरामपुर के मुर्शिदाबाद मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल भेजा गया. राज्य में विपक्षी दल की भूमिका निभा रही BJP ने आरोप लगाया है कि रैली पर पथराव किया गया और दुकानों में तोड़फोड़ की गई.

भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी (Suvendu Adhikari) ने ममता बनर्जी सरकार पर आरोप लगाते हुए सोशल मीडिया X (ट्विटर) पर लिखा,

"पिछले साल ममता (पश्चिम बंगाल) पुलिस की अनदेखी के कारण रिशरा और सेरामपुर में राम नवमी जुलूस पर हमला हुआ था. उसी तरह इस साल भी ममता पुलिस राम भक्तों की रक्षा करने में फेल हो गई. प्रशासन से शांतिपूर्ण रामनवमी जुलूस की अनुमति थी. इसके बावजूद भी शक्तिपुर में उपद्रवियों ने हमला किया."

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BJP नेता ने पश्चिम बंगाल पुलिस पर गंभीर आरोप लगाया है. उन्होंने आगे लिखा,

“अजीब बात है कि इस बार ममता पुलिस भी इस भयानक हमले में उपद्रवियों के साथ शामिल हो गई. और राम भक्तों पर आंसू गैस के गोले दागे ताकि ये सुनिश्चित हो सके कि जुलूस अचानक समाप्त हो जाए. इतना ही नहीं, ममता पुलिस उपद्रवियों को माणिक्यहार मोड़ पर सनातनी समुदाय की दुकानों में तोड़फोड़ और लूटपाट करने से भी नहीं रोक सकी. ये ममता बनर्जी के उकसावे का नतीजा है. पश्चिम बंगाल में धार्मिक त्योहारों के शांतिपूर्ण उत्सव के लिए, इस राज्य सरकार को बदला जाना चाहिए.”

उन्होंने चुनाव आयोग से कानून एवं व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस की विफलता पर ध्यान देने का आग्रह किया है.

वहीं पश्चिम बंगाल पुलिस ने इस मामले पर कहा है कि स्थिति पर काबू पा लिया गया है और क्षेत्र में अतिरिक्त फोर्स भेज दिया गया है.

Adhir Ranjan Chowdhury के खिलाफ नारेबाजी

घटना के बाद बहरामपुर के सांसद और कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी क्षेत्र का दौरा करने पहुंचे थे. चौधरी जब घायलों से मिलने मुर्शिदाबाद मेडिकल कॉलेज पहुंचे तो उनका विरोध किया गया. कांग्रेस नेता ने कहा कि वो घायलों को देखने आए थे. लेकिन BJP कार्यकर्ताओं ने अस्पताल में उनके खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया. उन्होंने कहा कि BJP कार्यकर्ताओं ने उनसे ये दावा करते हुए जवाब मांगा कि हिंदुओं पर हमले हो रहे हैं.

चौधरी ने आगे कहा कि भाजपा को उनसे पूछना चाहिए जिन्हें जवाब देने की जरूरत है.

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Mamata Banerjee ने क्या कहा था?

इससे पहले 15 अप्रैल को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मुर्शिदाबाद में रामनवमी पर दंगे भड़कने की चेतावनी दी थी. दरअसल, चुनाव आयोग ने मुर्शिदाबाद के पुलिस उप महानिरीक्षक को हटा दिया था. इस पर CM ने कहा था कि BJP के निर्देश पर मुर्शिदाबाद के DIG को बदल दिया गया. अगर मुर्शिदाबाद और मालदा में दंगे होते हैं, तो जिम्मेदारी चुनाव आयोग की होगी. उन्होंने आगे कहा था कि BJP दंगे और हिंसा भड़काने के लिए पुलिस अधिकारियों को बदलना चाहती थी. अगर एक भी दंगा होता है, तो ECI जिम्मेदार होगा क्योंकि वे यहां कानून व्यवस्था की देखभाल कर रहे हैं.

पिछले साल भी बंगाल में रामनवमी के दौरान हिंसा हुई थी. इससे BJP और तृणमूल कांग्रेस के बीच बड़े पैमाने पर टकराव हुआ था.

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