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माखन लाल कौन हैं? श्यामा प्रसाद मुखर्जी संग कश्मीर में झंडा फहराने गए थे, आज मोदी ने पांव छू लिए

हर किसी के मन में यही सवाल है कि ये व्यक्ति कौन हैं, प्रधानमंत्री मोदी ने जिनसे भरे मंच पर आशीर्वाद लिया है?

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9 मई 2026 (अपडेटेड: 9 मई 2026, 05:43 PM IST)
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने माखनलाल सरकार के पैर छू लिए. (India Today)
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पश्चिम बंगाल में बीजेपी के पहले सीएम बनने जा रहे शुभेंदु अधिकारी के शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी पहुंचे. मंच पर तमाम वीआईपी लोगों की उपस्थिति के बीच एक दृश्य ने लोगों का ध्यान खींचा. केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के बगल में खड़े एक वयोवृद्ध व्यक्ति से मिलते हुए पीएम मोदी ने उनके पांव छू लिए और उन्हें गले भी लगाया. उनसे गुफ्तगू करते पीएम मोदी की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो गईं. हर किसी के मन में यही सवाल है कि ये व्यक्ति कौन हैं, प्रधानमंत्री मोदी ने जिनसे भरे मंच पर आशीर्वाद लिया है?

पीएम ने किसके पैर छू लिए?

बीजेपी के दिग्गज नेताओं से भरे मंच पर जिसके पांव पीएम नरेंद्र मोदी ने छूए, वो बीजेपी के सबसे पुराने कार्यकर्ताओं में से एक हैं. उनकी उम्र 98 साल है और नाम है माखन लाल सरकार. माखन लाल सरकार बीजेपी के गठन के बाद से ही पार्टी से जुड़े हैं. इंडिया टुडे से जुड़े हिमांशु मिश्रा की रिपोर्ट के अनुसार, साल 1980 में जब बीजेपी बनी तब माखन लाल सरकार को पश्चिम बंगाल में पश्चिम दिनाजपुर, जलपाईगुड़ी और दार्जिलिंग जिलों में संगठन को मजबूत करने का काम दिया गया. इसके बाद सिर्फ एक साल के अंदर ही उन्होंने लगभग 10 हजार सदस्यों को पार्टी में शामिल करवाने में मदद की.

साल 1981 से लगातार 7 सालों तक उन्होंने जिला अध्यक्ष के रूप में सेवा की. यह उस समय एक असाधारण उपलब्धि थी क्योंकि आमतौर पर तब BJP के नेता किसी एक ही संगठनात्मक पद पर दो साल से ज़्यादा नहीं रह पाते थे. 

98 साल के माखनलाल सरकार बीजेपी की मूल विचारधारा के सबसे पुराने सिपाही हैं. श्यामा प्रसाद मुखर्जी पार्टी के आदर्श राजनेता माने जाते हैं. माखन लाल ने उन श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ भी काम किया है. माखनलाल सरकार आजादी के बाद के भारत में राष्ट्रवादी आंदोलन से जुड़े शुरुआती जमीनी स्तर के नेताओं में से एक हैं. साल 1952 में कश्मीर में तिरंगा फहराने के आंदोलन के दौरान श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ माखन लाल सरकार भी गिरफ्तार हुए थे.

आजादी से पहले RSS से जुड़े

सिलीगुड़ी के डाग गांव के रहने वाले माखन लाल सरकार 1945 से RSS (राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ) से जुड़े हैं. आज बीजेपी जिस ‘बंगाल निर्माण’ की बात करती है, उसका सपना माखन लाल सरकार ने भी कभी डॉ. Shyama Prasad Mukherjee के साथ मिलकर देखा था. उस दौर में बंगाल में RSS या संघ की ज्यादा पहचान नहीं थी. कोई सोच भी नहीं सकता था कि इस विचारधारा की कोई पार्टी राज्य की सत्ता पा लेगी. माखन लाल सरकार ने अपनी आंखों के सामने बीजेपी को धीरे-धीरे बढ़ते देखा. 

सरकार ने कई आंदोलनों में हिस्सा लिया और देश में कई बड़ी घटनाओं के गवाह बने. बाबरी मस्जिद विवाद से लेकर राम मंदिर निर्माण तक का पूरा दौर उनके आंखों के सामने से गुजरा. यहां तक कि राम मंदिर के लिए उनके घर के आंगन में शिला पूजन किया गया. अब उनकी पत्नी और बच्चे उन पुरानी यादों को साझा कर रहे हैं. 

परिवार ने बताया कि बीजेपी की तरफ से शुक्रवार, 8 मई को संदेश आया कि माखन लाल सरकार को शपथ ग्रहण समारोह में मौजूद रहना है. इसके बाद उनका छोटा बेटा उन्हें लेकर कोलकाता रवाना हुआ. 9 मई की सुबह से उनकी पत्नी पुतुल सरकार और बेटे मणिक सरकार टीवी के सामने बैठे थे. जब प्रधानमंत्री ने उनके पिता को गले लगाया और सम्मान में उनके पैर छुए तो परिवार की आंखें भर आईं.

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