भाजपा के इस बाग़ी ने हारकर भी अपनी बात मनवा ली है
भाजपा के शरद जैन कांग्रेस के विनय सक्सेना से हार गए हैं.
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फोटो - thelallantop
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1. सीट - जबलपुर (उत्तर)
2. चुनने की वजह - यहां से भाजपा के स्वास्थ्य मंत्री शरद जैन के खिलाफ एक मज़बूत बाग़ी खड़ा हुआ था. नाम - पंडित धीरज पटेरिया.
3. चैलेंजर कौन - भाजपा के सिटिंग एमएलए और स्वास्थ्य मंत्री शरद जैन के अलावा कांग्रेस के विनय सक्सेना.

निवर्तमान विधायक शरद जैन को भाजपा ने एक बार फिर कमल खिलाने की जिम्मेदारी दी थी.
4. ट्रिविया
> शरद जैन के विधायक और स्वास्थ्य मंत्री रहते जबलपुर में लंगड़ा बुखार फैला. भाजपा आलाकमान शरद जैन का टिकट काटना भी चाहता था.

कभी भाजपा नेता रहे धीरज पटेरिया भगवा झंडा और अटल की तस्वीर लेकर निर्दलीय मैदान में हैं.
>टिकट मिलना था धीरज पटेरिया को. इन्हें पार्टी संगठन और काडर भी पसंद करता था. साथ में लोग भी. क्योंकि पटेरिया की छवि साफ है. इस सीट पर जैन समाज का काफी रसूख है. ये भी पटेरिया के पक्ष में थे.
>लेकिन जबलपुर में इस बात का खूब शोर रहा कि भाजपा अध्यक्ष राकेश सिंह ने पटेरिया को टिकट मिलने नहीं दिया. कि कहीं जबलपुर से भाजपा में एक नया चहरा न खड़ा हो जाए.
>धीरज पटेरिया ने निर्दलीय पर्चा भरा और पोस्टर पर अटल बिहारी वाजपेयी की तस्वीर भी लगाई.

5. मुद्दे / फैक्टर
>जैन समाज का प्रभाव.
>भाजपा के सामने मज़बूत बाग़ी.
6. पिछला नतीजा
>भाजपा - शरद जैन-74656
>कांग्रेस- नरेश सर्राफ- 41093
7. इस बार कौन जीता
>कांग्रेस के विनय सक्सेना जीते. उनके पास शरद जैन पर लगभग 600 मतों की बढ़त रही. धीरज पटेरिया के पास साढ़े 29,000 वोट आए. पटेरिया के वोट जैन को मिलते, या पटेरिया भाजपा कैंडिडेट होकर जैन के वोट लेते, तो सीट भाजपा की रहती. मॉरल ऑफ द स्टोरी ये कि धीरज पटेरिया ने अपनी बात साबित कर दी है - मैं ही टिकट का सही दावेदार था.

वीडियो देखें: जबलपुर का ये बाग़ी शिवराज सिंह चौहान के मंत्री पर पड़ेगा भारी?
2. चुनने की वजह - यहां से भाजपा के स्वास्थ्य मंत्री शरद जैन के खिलाफ एक मज़बूत बाग़ी खड़ा हुआ था. नाम - पंडित धीरज पटेरिया.
3. चैलेंजर कौन - भाजपा के सिटिंग एमएलए और स्वास्थ्य मंत्री शरद जैन के अलावा कांग्रेस के विनय सक्सेना.

निवर्तमान विधायक शरद जैन को भाजपा ने एक बार फिर कमल खिलाने की जिम्मेदारी दी थी.
4. ट्रिविया
> शरद जैन के विधायक और स्वास्थ्य मंत्री रहते जबलपुर में लंगड़ा बुखार फैला. भाजपा आलाकमान शरद जैन का टिकट काटना भी चाहता था.

कभी भाजपा नेता रहे धीरज पटेरिया भगवा झंडा और अटल की तस्वीर लेकर निर्दलीय मैदान में हैं.
>टिकट मिलना था धीरज पटेरिया को. इन्हें पार्टी संगठन और काडर भी पसंद करता था. साथ में लोग भी. क्योंकि पटेरिया की छवि साफ है. इस सीट पर जैन समाज का काफी रसूख है. ये भी पटेरिया के पक्ष में थे.
>लेकिन जबलपुर में इस बात का खूब शोर रहा कि भाजपा अध्यक्ष राकेश सिंह ने पटेरिया को टिकट मिलने नहीं दिया. कि कहीं जबलपुर से भाजपा में एक नया चहरा न खड़ा हो जाए.
>धीरज पटेरिया ने निर्दलीय पर्चा भरा और पोस्टर पर अटल बिहारी वाजपेयी की तस्वीर भी लगाई.

5. मुद्दे / फैक्टर
>जैन समाज का प्रभाव.
>भाजपा के सामने मज़बूत बाग़ी.
6. पिछला नतीजा
>भाजपा - शरद जैन-74656
>कांग्रेस- नरेश सर्राफ- 41093
7. इस बार कौन जीता
>कांग्रेस के विनय सक्सेना जीते. उनके पास शरद जैन पर लगभग 600 मतों की बढ़त रही. धीरज पटेरिया के पास साढ़े 29,000 वोट आए. पटेरिया के वोट जैन को मिलते, या पटेरिया भाजपा कैंडिडेट होकर जैन के वोट लेते, तो सीट भाजपा की रहती. मॉरल ऑफ द स्टोरी ये कि धीरज पटेरिया ने अपनी बात साबित कर दी है - मैं ही टिकट का सही दावेदार था.

वीडियो देखें: जबलपुर का ये बाग़ी शिवराज सिंह चौहान के मंत्री पर पड़ेगा भारी?

