राहुल गांधी और नरेंद्र मोदी की रैलियों से पता चलता है कि कौन बड़ा सीट जिताऊ नेता है!
जानिए राजस्थान में दोनों की आमने-सामने की टक्कर में कौन जीता?
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फोटो - thelallantop
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5 राज्यों में विधानसभा चुनाव हो चुके हैं, रिज़ल्ट आ चुके हैं. 2019 के सेमीफाइनल की तरह प्रचारित किए गए इन चुनावों से इसके अलावा कोई भी और निष्कर्ष निकालना बहुत जल्दबाज़ी होगी कि 3 बड़े ‘काऊ बैल्ट’ राज्यों में कांग्रेस की सरकार बन रही है.
लेकिन चाणक्य के इस देश में राजनितिक निष्कर्ष निकालना कब रुका है. आर्यभट्ट, रामानुजम के इस देश में गणित वाले खेलों में कब कमी आई है.
तो हमने सोचा क्यूं न एक खेल हमारे द्वारा भी खेल के देखा जाए. तो खेल ये कि देखा जाए कि देश की दो सबसे बड़ी पार्टियों के दो सबसे बड़े नेताओं मोदी और राहुल का इन चुनावों में कितना असर हुआ. और स्पेसिफिक होकर बोलें तो जिन-जिन जगहों में मोदी और राहुल ने रैली की वहां पर क्रमशः भाजपा के कैंडीडेट जीते या हारे.कई न्यूज़ एजेंसियों ने दोनों नेताओं की रैलियों के इंपेक्ट को जांचने की कोशिश की है, लेकिन एक छोटी सी दिक्कत ये है कि एक रैली का कितना बड़ा प्रभाव-क्षेत्र (एरिया ऑफ़ इम्पेक्ट) लिया जाए?
जैसे -
मोदी ने अलवर में रैली की थी. तो सवाल ये कि इस रैली का प्रभाव पूरे अलवर जिले की विधानसभाओं में देखा जाए या उस रैली में जितने भी विधानसभा क्षेत्र के भाजपा प्रत्याशी आए थे उनकी जीत-हार देखी जाए या फिर केवल उस विधानसभा क्षेत्र का परिणाम देखा जाए जहां पर रैली हुई थी.तो चलिए, केवल उस विधानसभा की ही बात करते हैं, जहां पर रैली हुई है. क्यूंकि अव्वल तो हमारे पास कम डेटा होगा प्रोसेस करने के लिए, साथ ही किसी भी रैली को उस विधानसभा क्षेत्र से तो पूरी तरह से जोड़कर देखा जा सकता है, जहां पर रैली हुई है, लेकिन आस-पास के इलाकों में उसका प्रभाव कम हो जाता है.
मोदी की रैलियों की बात करें तो –

# 1) अलवर शहर – यहां से भाजपा के संजय शर्मा अपने नज़दीकी प्रतिद्वंदी से 22,008 वोटों से जीत गए थे.
# 2) भीलवाड़ा – भाजपा के विट्ठल शंकर अवस्थी 49,578 वोटों से जीत गए थे.
# 3) डूंगरपुर – कांग्रेस के माधवलाल ने भाजपा के गणेश घोगरा को 27,898 वोटों से हराया.
# 4) कोटा – यहां पर जो जनसभा हुई थी वो तीन सीटों के बॉर्डर पर पड़ती है. तो चलिए तीनों का रिज़ल्ट जान लेते हैं –
कोटा नॉर्थ – कांग्रेस के शांति कुमार धारीवाल ने भाजपा के प्रहलाद गुंजल को 17,945 वोटों से हराया.# 5) नागौर - यहां से भाजपा के मोहन राम चौधरी अपने नज़दीकी प्रतिद्वंदी से 13,008 वोटों से जीत गए थे.
कोटा साउथ – भाजपा के संदीप शर्मा 7,534 वोटों से जीत गए थे.
लाडपुरा - भाजपा की कल्पना देवी 21,656 वोटों से जीतीं.
# 6) भरतपुर – रालोद के डॉ. सुभाष गर्ग ने भाजपा के विजय बंसल को 15,710 वोटों से हराया.
सचिन पायलट और अशोक गहलोत# 7) जोधपुर – कांग्रेस की मनीषा पंवार ने भाजपा के अतुल भंसाली को 5,849 वोटों से हराया.
# 8) हनुमानगढ - कांग्रेस के विनोद कुमार ने भाजपा के रामप्रताप को 15,522 वोटों से हराया.
# 9) सीकर - कांग्रेस के राजेंद्र पारीक ने भाजपा के रतनलाल जलधारी को 15,180 वोटों से हराया.
# 10) विद्याधरनगर - भाजपा के नरपत सिंह 31,232 वोटों से जीते.
# 11) सुमेरपुर - भाजपा के जोराराम कुमावत 32,932 वोटों से जीते.
# 12) दौसा - कांग्रेस के मुरारी लाल ने भाजपा के शंकर लाल शर्मा को 50,948 वोटों से हराया.
अतः, मोदी ने जिन 14 विधानसभा क्षेत्रों में सभाएं कीं उनमें से 7 विधानसभा क्षेत्रों में भाजपा प्रत्याशियों की जीत हुई. यानी -
* मोदी के प्रभाव का प्रतिशत हुआ 50%.
वहीं अगर राहुल का रिपोर्ट कार्ड देखें तो

उन्होंने धौलपुर से भरतपुर तक का रोड शो किया और 7 अन्य जगहों पर भी जनसमूह को संबोधित किया
1) धौलपुर – भाजपा की शोभारानी कुशवाहा ने कांग्रेस के मुरारी लाल को 19,360 वोटों से हराया.
2) भरतपुर – कांग्रेस के साथ गठबंधन वाले रालोद के डॉ. सुभाष गर्ग, भाजपा के विजय बंसल से 15,710 वोटों से जीते.
3) बाड़मेर - कांग्रेस के मेवाराम जैन अपने नज़दीकी प्रतिद्वंदी से 33047 वोटों से जीते.
4) जोधपुर - कांग्रेस की मनीषा पंवार, भाजपा के अतुल भंसाली से 5,849 वोटों से जीते.
5) अलवर – राहुल में मालाखेड़ा में जनसभा को संबोधित किया था जो कि ‘अलवर ग्रामीण’ विधानसभा में स्थित है. यहां पर कांग्रेस के टीकाराम ने अपने नज़दीकी प्रतिद्वंदी से 26477 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की.
6) उदयपुर - भाजपा के गुलाब चंद कटारिया ने कांग्रेस की गिरिजा व्यास को 9,307 वोटों से हराया.
वसुंधरा राजे7) झालरापाटन - भाजपा की वसुंधराराजे ने कांग्रेस के मानवेंद्र सिंह को 34,980 वोटों से हराया.
8) झुंझुंनू - कांग्रेस के ब्रिजेन्द्र सिंह ओला ने अपने नज़दीकी प्रतिद्वंदी से 40,565 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की.
9) बीकानेर वेस्ट - कांग्रेस के बीडी कल्ला अपने नज़दीकी प्रतिद्वंदी से 6190 वोटों से जीते.
अतः, राहुल ने जिन 9 विधानसभा क्षेत्रों में सभाएं कीं उनमें से 5 विधानसभा क्षेत्रों में कांग्रेस प्रत्याशियों की जीत हुई. यानी -
* राहुल के प्रभाव का प्रतिशत हुआ 55.56%.
निष्कर्ष
अगर ऊपर के आंकड़ों से सच में कोई निष्कर्ष निकाला जाए तो यही कहा जा सकता है कि राजस्थान में दोनों ही बड़े राजनेताओं की रैलियों से कोई बड़ा फायदा हुआ हो ऐसा नहीं लग रहा, क्यूंकि जितनी जीतें मोदी और राहुल के होने से हुईं, कमोबेश उतनी ही उनके बिना भी हो जातीं.यूं निश्चित तौर पर इस बार राजस्थान विधानसभा चुनाव पूरी तरह से लोकल या राज्य स्तरीय मुद्दों पर आधारित लग रहे थे और मोदी और राहुल ही नहीं कोई भी स्टार प्रचारक कुछ एक्सेप्शनल कर पाने में सफल रहा हो, ऐसा नहीं देखने को मिला.
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चुनावी नतीजे जानिए उनके साथ, जिन्होंने चुनाव के वक्त 30,000 किलोमीटर की धूल फांकी है -

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