'मुझसे ऐसे बात नहीं कर सकते,' IAS की भरी मीटिंग में CEC ज्ञानेश कुमार से बहस, एक्शन हो गया
West Bengal Election: यूपी के सीनियर IAS अफसर अनुराग यादव की मीटिंग में देश के मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार से बहस हो गई. IAS अफसर ने मुख्य चुनाव आयुक्त को यहां तक कह दिया, “आप इस तरह बात नहीं कर सकते.”

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले कोलकाता में चुनाव तैयारियों को लेकर एक वर्चुअल हाई-लेवल मीटिंग चल रही थी. इस मीटिंग की अगुवाई कर रहे थे मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार. मीटिंग में अलग-अलग इलाकों के अफसरों से चुनावी तैयारियों पर सवाल पूछे जा रहे थे. इसी दौरान एक सीनियर IAS अफसर और देश के मुख्य चुनाव आयुक्त के बीच बहस हो गई. IAS अफसर ने मुख्य चुनाव आयुक्त को यहां तक कह दिया, “आप इस तरह बात नहीं कर सकते.”
क्या है पूरा मामला?TOI की रिपोर्ट के मुताबिक, 8 अप्रैल को इस हाई-लेवल सरकारी मीटिंग में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार अफसरों से सवाल-जवाब कर रहे थे. खासतौर पर पोलिंग बूथ की संख्या जैसे बेसिक लेकिन अहम डेटा के बारे में. इस दौरान जब कूच बिहार दक्षिण सीट के जनरल ऑब्जर्वर, IAS अफसर अनुराग यादव की बारी आई, तो माहौल बदल गया.
सूत्रों के मुताबिक, अनुराग यादव अपने क्षेत्र के पोलिंग बूथ की सटीक संख्या बताने में थोड़ा हिचकिचा गए. उन्होंने जवाब देने से पहले कुछ मिनट का समय लिया और फिर बताया कि वहां 125 मतदान केंद्र हैं. यहीं से मामला बिगड़ गया. बताया जा रहा है कि मुख्य चुनाव आयुक्त इस देरी और अनिश्चितता से नाराज हो गए और उन्होंने कड़ी टिप्पणी कर दी.
बात तब और आगे बढ़ी जब उन्होंने कथित तौर पर अफसर से ‘घर वापस जाने’ तक के लिए कह दिया. इस टिप्पणी के बाद अनुराग यादव ने भी सख्त लहजे में जवाब दिया. उन्होंने कहा,
“आप हमारे साथ ऐसा बर्ताव नहीं कर सकते. हमने इस सेवा को 25 साल दिए हैं. आप इस तरह बात नहीं कर सकते.”
इसके बाद कुछ सेकेंड के लिए मीटिंग में सन्नाटा छा गया. बाकी अधिकारी समझ नहीं पाए कि इस सिचुएशन में क्या रिएक्ट करें. हालांकि, थोड़ी देर बाद मीटिंग दोबारा सामान्य मुद्दों पर लौट आई. द टेलीग्राफ की रिपोर्ट के मुताबिक, इस घटना के बाद चुनाव आयोग ने अनुराग यादव को कूच बिहार दक्षिण सीट के जनरल ऑब्जर्वर पद से हटा दिया.
हालांकि, चुनाव आयोग के सूत्रों का कहना है कि यह एक्शन उनके विद्रोही रवैये की वजह से नहीं, बल्कि पेशेवर अक्षमता (Professional Incompetence) के आधार पर हुआ. एक सीनियर अधिकारी ने कहा,
“ऑब्जर्वर आयोग की आंख और कान होते हैं. अगर कोई अधिकारी कई दिनों तक जमीन पर रहने के बावजूद पोलिंग स्टेशनों की बुनियादी जानकारी की पुष्टि नहीं कर पाता है, तो इससे पूरी चुनाव प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर सवाल उठते हैं.”
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कौन हैं IAS अनुराग यादव ?अनुराग यादव, उत्तर प्रदेश कैडर के 2000 बैच के IAS अधिकारी हैं. फिलहाल यूपी सरकार में प्रधान सचिव स्तर के अधिकारी हैं और सोशल वेलफेयर व सैनिक कल्याण विभाग की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. इससे पहले वे IT जैसे अहम विभागों में भी काम कर चुके हैं और एक अनुभवी अधिकारी माने जाते हैं.
बताते चलें कि पश्चिम बंगाल का कूच बिहार इलाका चुनावी नजरिए से संवेदनशील माना जाता है. यही वजह है कि यहां तैनात ऑब्जर्वर से सटीक और अपडेटेड जानकारी की अपेक्षा की जाती है. ऐसे में मीटिंग के दौरान बेसिक जानकारी में चूक को गंभीरता से लिया गया.
फिलहाल इस पूरे मामले पर न तो चुनाव आयोग की ओर से कोई आधिकारिक बयान आया है और न ही अनुराग यादव की तरफ से. लेकिन मीटिंग के अंदर की ये कहानी बाहर आते ही सियासी और प्रशासनिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गई है.
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