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नौकरी के एग्जाम ठीक से ना हो पाने पर खान सर ने सरकारों से क्या कह दिया?

एग्जाम ठीक से ना हो पाने और रिजल्ट ना आने को लेकर खान सर ने कई लोगों को जिम्मेदार बताया.

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Khan sir shares his view about exam delays
गेस्ट इन द न्यूजरूम में खान सर.
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प्रशांत सिंह
27 सितंबर 2022 (Updated: 27 सितंबर 2022, 10:46 PM IST)
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पटना वाले खान सर. खान GS रिसर्च सेंटर वाले खान सर (Khan Sir). अपने देशी तरीके से पढ़ाने के लिए जाने जाते हैं. किसी भी टॉपिक को आसान बनाकर पढ़ाने का गजब तरीका है इनके पास, जिसके कारण तगड़ी फैल फॉलोइंग भी है. बीते हफ्ते खान सर दी लल्लनटॉप के शो गेस्ट इन दी न्यूजरूम में आए थे. खान सर ने बिहार की शिक्षा व्यवस्था (Bihar Education System), कॉम्पटीटिव एग्जाम और पर्सनल लाइफ से जुड़े कई सवालों के जवाब दिए.

दी लल्लनटॉप के संपादक सौरभ द्विवेदी (Saurabh Dwivedi) ने खान सर से देश में होने वाले कॉम्पटीटिव एग्जाम्स पर एक सवाल किया. उन्होंने पूछा कि सरकारें एक एग्जाम ठीक से करवा के ठीक से रिजल्ट नहीं जारी कर पाती हैं, आप लोगों को बड़ी खीझ होती होगी, स्टूडेंट्स को तो होती है. इस पर आपका क्या कहना है?

खान सर ने जवाब देते हुए कहा कि इसके लिए कई लोग जिम्मेदार हैं. उन्होंने कहा,

हम लोग इतिहास में देखते हैं और एक चीज देखें हैं कि लोग इतिहास से कुछ नहीं सीखते हैं. किसी दिन सब स्टूडेंट्स उखड़ेंगे न तो बड़ी दिक्कत हो जाएगी. मीडिया को भी चौथे स्तंभ का काम निभाना चाहिए वरना एजुकेशन चौथा स्तंभ बन जाएगा और मीडिया पांचवे स्तंभ पर पहुंच जाएगी. मीडिया दिन-रात डिबेट दिखाती रहती है इसलिए हम स्टूडेंट्स से कहते हैं कि एक घंटा कोई क्लास कर लो उससे नॉलेज मिलेगा. सरकार से भी हम यही कहेंगे कि स्टूडेंट्स से न खेले.

कोचिंग के नाम के बारे में ये बताया

इसके अलावा खान सर ने अपनी कोचिंग के नाम के बारे में भी बताया. उन्होंने कहा कि जो भी नाम रखता है, उसको नहीं पता होता है कि आगे चलकर उसकी कोचिंग का नाम कितना मशहूर होगा. उन्होंने कहा कि अगर शुरुआत में किसी को पता होता कि ऐसा होने वाला है तो वो कुछ सोचकर और भी कोई नाम रख सकता है. मज़ाकिया लहज़े में उन्होंने कहा कि नाम तो कुछ भी रख सकते हैं, स्पेस स्टेशन ही नाम रख दो.

खान सर ने ये भी बताया कि पहले उन्हें पढ़ाने में दिलचस्पी नहीं थी. ग्यारहवीं क्लास के बाद उनके जीवन में बदालाव आने शुरु हुए. उन्होंने बताया कि उनका पढ़ाई में इसलिए मन नहीं लगता था क्योंकि उनके टीचर जो भी पढ़ाते थे, वो उन्हें समझ नहीं आता था. इसीलिए उन्होंने जब पढ़ाना शुरु किया तो अलग तरीके से पढ़ाया. 

वीडियो- गेस्ट इन द न्यूजरूम: खान सर ने UPSC कोचिंग और अपनी शादी के बारे में क्या बताया?

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