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मेडिकल कॉलेज ने बढ़ाई फीस, 37 लाख मांगे, धरने पर बैठे छात्रों ने लगाया इंटर्नशिप रोकने का आरोप

देहरादून के श्री गुरु राम राय इंस्टीट्यूट (SGRR) ऑफ मेडिकल एंड हेल्थ साइंसेज का मामला.

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Dehradun Medical students protest
प्रदर्शन कर रहे छात्र. (फोटो- ट्विटर)
22 मार्च 2023 (Updated: 22 मार्च 2023, 22:39 IST)
Updated: 22 मार्च 2023 22:39 IST
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देहरादून के श्री गुरु राम राय इंस्टीट्यूट (SGRR) ऑफ मेडिकल एंड हेल्थ साइंसेज के MBBS के छात्र पिछले कुछ दिनों से विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. मुद्दा है कॉलेज में फीस बढ़ोतरी और छात्रों की इंटर्नशिप का (Dehradun Medical Student protest). यही नहीं, विरोध प्रदर्शन कर रहे छात्रों का दावा है कि बाहर के कुछ लोगों ने उनके ऊपर हमला किया है. प्रदर्शन कर रहे छात्र MBBS के पांचवें वर्ष की परीक्षा पास कर चुके हैं, और अपनी इंटर्नशिप का इंतजार कर रहे हैं.

प्रदर्शन कर रहे मेडिकल छात्रों के मुताबिक, उन्होंने ये प्रदर्शन 13 मार्च को शुरू किया था. 15 मार्च को छात्रों को उस वक्त प्रदर्शन खत्म करना पड़ा था, जब कुछ हमलावर कॉलेज में घुस आए और उनपर हमला किया. लल्लनटॉप से बात करते हुए एक छात्र ने नाम न छापने की शर्त पर बताया,

"विरोध प्रदर्शन के दौरान कुछ हमलावर एंबुलेंस में आए और हमपर हमला किया. यही नहीं, हमारे टेंट को भी नष्ट कर दिया गया." 

कोर्ट में दायर की याचिका

मेडिकल छात्रों ने बताया कि 15 मार्च को प्रदर्शन खत्म करने के बाद 17 मार्च को उन्होंने उत्तराखंड हाई कोर्ट की नैनीताल बेंच में इस मामले को लेकर याचिका दायर की थी. जिसके बाद कोर्ट ने 22 मार्च को सुनवाई की बात कही थी.

छात्रों के मामले पर 22 मार्च को कोर्ट में सुनवाई होगी (प्वाइंट 6) 

प्रदर्शन में 2018 बैच के छात्रों के साथ उनके माता-पिता भी शामिल हुए हैं. छात्रों ने आरोप लगाया कि हमलावरों को कॉलेज प्रशासन का सपोर्ट मिला हुआ था, क्योंकि कॉलेज प्रशासन ने इसमें कोई भी हस्तक्षेप नहीं किया. यही नहीं, छात्रों का ये भी आरोप है कि उनसे हॉस्टल खाली करने को भी बोला गया. कई छात्राओं को हॉस्टल में घुसने नहीं दिया गया.

अचानक फीस बढ़ाने का आरोप

विरोध कर रहे छात्रों का आरोप है कि कॉलेज ने बिना कोई नोटिस जारी किए उनसे लगभग 37 लाख रुपये फीस भरने की मांग की है. छात्रों के मुताबिक, बीते एक मार्च को राज्य और प्रबंधन कोटे के पांचवें वर्ष के छात्रों की फीस को बढ़ाया गया था. मेडिकल में राज्य कोटे की फीस 4 लाख से बढ़ाकर 9 लाख 78 हजार रुपये कर दी गई. वहीं, प्रबंधन कोटे के तहत फीस 5 लाख रुपये से बढ़ाकर 13 लाख 20 हजार रुपये कर दी गई. इससे छात्रों के ऊपर आर्थिक दबाव भी आ गया है. एक छात्र ने लल्लनटॉप से बात करते हुए कहा,

“एडमिशन के समय हम लोगों से एक एफिडेविट में हस्ताक्षर कराए गए थे. उसमें ये बात कही गई थी कि कॉलेज प्रशासन भविष्य में मेडिकल की फीस बढ़ा सकता है. लेकिन उसमें ये बात नहीं बताई गई थी कि फीस में कितने फीसदी की बढ़ोतरी की जा सकती है. इसी को लेकर हम लोग प्रदर्शन कर रहे हैं. फीस बढ़ाने से किसी को कोई दिक्कत नहीं है. लेकिन एकदम से इतनी फीस बढ़ाना समझ से परे है.”

इंटर्नशिप रोकने का आरोप

प्रदर्शन कर रहे एक छात्र ने बताया कि कॉलेज प्रशासन ने नोटिस जारी कर कहा है कि जिन छात्रों ने पिछले चार वर्षों की फीस का भुगतान कर दिया है, उन्हें संशोधित फीस और इस वर्ष की फीस का भुगतान करना होगा. नोटिस के अनुसार, राज्य और प्रबंधन कोटे के छात्रों को क्रमश: 26 लाख रुपये और 36 लाख 90 हजार रुपये का भुगतान करना होगा. छात्रों का आरोप है कि कॉलेज प्रशासन ने फीस न देने की स्थिति में छात्रों की इंटर्नशिप रोकने की बात कही है. छात्रों ने बताया कि पांचवें वर्ष के छात्रों के लिए इंटर्नशिप जॉब पाने और क्लिनिकल प्रैक्टिस करने के लिए बहुत जरूरी होती है. बिना इसके उनके करियर पर प्रभाव पड़ सकता है.

लल्लनटॉप से बात करते हुए एक छात्र ने बताया कि कॉलेज प्रशासन छात्रों पर दबाव बना रहा है. छात्र ने कहा,

“इंटर्नशिप पर रोक लगाने से हमारे भविष्य पर गलत असर पड़ेगा. कॉलेज इस बात को समझता है. इसलिए हमपर दबाव बनाया जा रहा है. ताकि हम लोग दबाव में आकर फीस का भुगतान कर दें. हम लोग पहले ही पिछले पांच सालों में 40 से 45 लाख रुपये फीस दे चुके हैं. अब बढ़ी हुई फीस का भुगतान करना हमारे लिए संभव नहीं होगा.”

मेडिकल छात्रों का कहना है कि कई छात्र और उनके परिवार वालों ने पढ़ाई के लिए बैंक लोन ले रखा है. उनके ऊपर अतिरिक्त दबाव है. वो मानसिक रूप से भी परेशानी झेल रहे हैं.

मेडिकल छात्रों ने ये भी आरोप लगाया है कि डीटेंड (Detained) छात्रों की क्लासेस भी नहीं ली जा रही है. छात्रों का कहना है कि डीटेंड छात्रों की क्लास लगाने के लिए भी कॉलेज प्रशासन अलग से पैसों की मांग कर रहा है. छात्रों का कहना है कि कोर्ट सुनवाई के बाद जो भी फैसला करेगा वो उन्हें स्वीकार होगा. उनकी मांग है कि इंटर्नशिप न रोकी जाए और इसे तत्काल शुरू किया जाए.

कॉलेज का पक्ष

दी लल्लनटॉप ने श्री गुरु राम राय इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एंड हेल्थ साइंसेज इंस्टीट्यूट के प्रिंसिपल यशबीर दीवान से संपर्क कर कॉलेज का पक्ष भी जाना. यशबीर दीवान ने बताया कि कॉलेज प्रशासन ने जो फैसला किया है, छात्रों को उसका पालन करना होगा. छात्रों को फीस भरनी होगी. यशबीर ने आगे कहा कि छात्रों की इंटर्नशिप शुरू होने में अभी समय है. इंटर्नशिप 31 मार्च से शुरू होगी. 

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