10वीं के बोर्ड एग्ज़ाम से पंजाबी को 'हटाए' जाने पर CBSE की सफाई, गुरु रंधावा भी मैदान में कूदे!
CBSE ने पंजाबी को कथित तौर पर मेन सब्जेक्ट की सूची से हटाए जाने के आरोपों को खारिज किया है. बोर्ड के एग्ज़ाम कंट्रोलर संयम भारद्वाज ने कहा कि ड्राफ्ट लिस्ट सिर्फ ‘सांकेतिक’ है. किसी भी सब्जेक्ट को हटाया नहीं जाएगा. उधर राज्य सरकार ने पंजाब के सभी स्कूलों में पंजाबी भाषा को कंपल्सरी करते हुए नई नोटिफिकेशन जारी की है.

10वीं के बोर्ड एग्ज़ाम को लेकर नए सिरे से ड्राफ्ट की जा रही CBSE की पॉलिसी में पंजाबी समेत कुछ क्षेत्रीय भाषाओं को हटाने पर जमकर बवाल कटा था. विरोध के बाद अब CBSE ने अपने फैसले पर सफाई दी है. CBSE ने कहा, “किसी भी क्षेत्रीय भाषा को हटाया नहीं जाएगा. जो क्षेत्रीय भाषाएं अभी लागू हैं वे आगे भी जारी रहेंगी.” CBSE की ड्राफ्ट पॉलिसी के बीच पंजाब सरकार ने 26 फरवरी को राज्य के सभी स्कूलों में पंजाबी भाषा को कंपल्सरी करते हुए नई नोटिफिकेशन जारी की है.
इंडिया टुडे के मुताबिक, CBSE ने पंजाबी को कथित तौर पर ‘हटाए’ जाने के आरोपों से इनकार किया है. बोर्ड के एग्ज़ाम कंट्रोलर संयम भारद्वाज ने कहा,
CBSE ने ड्राफ्ट पर 9 मार्च तक पब्लिक से फीडबैक मांगा है. ड्राफ्ट अगले सेशन यानी 2025-26 से लागू करने की बात कही गई है. पॉलिसी को फाइनल करने से पहले इसकी समीक्षा की जाएगी. कथित तौरपर पंजाबी भाषा को ‘हटाए’ जाने पर पंजाब की पॉलिटिक्स गरमा गई. पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार समेत अन्य नेताओं ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा. आरोप लगाया गया कि BJP के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के तहत आने वाले CBSE बोर्ड की ये ‘सोची-समझी साज़िश’ है.
उधर, पंजाब सरकार ने 26 फरवरी को कहा कि राज्य के स्कूल भले ही किसी भी बोर्ड से मान्यता प्राप्त हों. लेकिन उनमें पंजाबी भाषा कंपल्सरी और मेन सब्जेक्ट के तौर पर पढ़ाई जाएगी. पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने कहा,
उन्होंने ज़ोर देकर कहा,
शिरोमणि अकाली दल (SAD) ने इसका विरोध किया. पंजाब के पूर्व शिक्षा मंत्री और सीनियर अकाली नेता दलजीत सिंह चीमा ने भी कहा कि ये देखना चौंकाने वाला है कि केंद्र सरकार के अधीन काम करने वाले CBSE ने स्टूडेंट्स के लिए क्षेत्रीय भाषा के विकल्प के तौर पर पंजाबी को ‘हटा’ दिया है.
पंजाबी सिंगर और ग्लोबल आइकन गुरु रंधावा ने भी इस विषय पर विरोध जताया. उन्होंने X पर कहा, “मेरा पूरा अस्तित्व मेरी भाषा और पंजाबी गीतों की वजह से है. हम सभी भाषाओं का सम्मान करते हैं लेकिन पंजाबी भाषा हमारी जड़ है.” ऐसे में CBSE की इस सफाई से मामला कितना शांत होता है, ये देखना दिलचस्प होगा.
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